इंदोर में अब तक 116500 लोगों का हुआ कोरोना टेस्ट, इसमें 5906 की रिपोर्ट आई पॉजिटिव, 17 दिन में मिले 1172 मरीज, यहां पर 1443 मरीज हैं एक्टिव



इंदौर। जिले में शुक्रवार को कोरोना के 145 नए मरीज मिले हैं। 2575 सैंपल की जांच में 2394 निगेटिव आए है, जबकि चार की मौत हो गई। जुलाई के 17 दिनों में 1172 कोरोना के नए मरीज मिले हैं। हर दिन औसत 64 मरीज आ रहे हैं। इससे पहले 27 अप्रैल को 165 मरीज मिले थे। जिले में अब तक 116500 सैंपल जांचे जा चुके हैं। इनमें 5906 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस वायरस ने अब तक 288 लोगों की जान ली है


शुक्रवार रात जो रिपोर्ट आई उसमें 31 मरीज रिपीट पॉजिटिव पाए गए तो 5 के सैंपल रिजेक्ट हुए। जिले में अब जहां 1443 एक्टिव मरीज हैं, वहीं, राहतभरी बात यह है कि 4175 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। होटल गार्डन में क्वारैंटाइन 4860 लोग भी अपने घरों को जा चुके हैं। जीएसीसी में बाबू निकला पॉजिटिव, कर्मचारियों को दी छुट्टी: शासकीय अटल बिहारी वाजपेयी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (जीएसीसी) में एक बाबू कोरोना पॉजिटिव पाया गया।


इसके बाद अतिरिक्त संचालक डॉ. सुरेश सिलावट ने स्टॉफ को छुट्टी दे दी और संपर्क में आए लोगों को 14 दिन क्वारेंटाइन रहने को कहा है। जिस बाबू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उसके पिता भी संक्रमित हो चुके हैं, फिर भी वह ड्यूटी पर आ रहा था। 40 साल से अस्थमा से लड़ रहे 92 वर्षीय माजीद कोरोना को हरा घर लौटे: महू निवासी बेटे रशीद ने बताया- 29 जून को मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद पिता को भी हलका बुखार आने लगा। 3 जुलाई को सर्वे टीम आई और सैंपल लिया।


6 जुलाई को पिता की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई तो अरबिंदो में भर्ती किया। मैं 8 जुलाई को स्वस्थ होकर घर लौटा। वहीं पिता 17 जुलाई को स्वस्थ हुए। अस्पताल के डॉक्टर रवि डोसी ने बताया बुजुर्ग को 3 दिन हाई लेवल आॅक्सीजन पर रखा गया और बाद के 3 दिन लो आॅक्सीजन पर। कुछ सुधार होने पर उन्हें विटामिन की गोलियां दी और हौसला बढ़ाया। व्यायाम कराया। वहीं रशीद ने बताया पिता सुबह 5 बजे उठने के बाद नमाज पढ़ते हैं। घर में उनकी डाइट नाश्ते में चाय, टोस या अंडा-पराठा है।


दोपहर में रोटी, सब्जी और सप्ताह में चार-पांच बार नॉनवेज है। कोविड केयर और क्वारेंटाइन सेंटर फिर होंगे शुरू: कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बार फिर से कोविड केयर सेंटर और क्वारेंटाइन सेंटर शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि जिन मरीजों में कोरोना के लक्षण हैं और होम आइसोलेशन के लिए जहां जगह नहीं है, उन्हें कोविड केयर सेंटर में रखा जाएगा। वहीं किसी कोरोना मरीज के संपर्क में आने वाले लोगों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। इन दोनों तरीकों से लोगों को कोरोना मरीजों के संपर्क में आने से बचाया जा सकेगा।


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