इंदौर को वुहान बताने वालों से स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम ने कहा- मैं बता दूं कि इंदौर में रिकवरी रेट 74 प्रतिशत है और मरीज 80 दिन से ज्यादा में हो रहे हैं दोगुने



इंदौर। जो लोग कहते थे कि कोरोना के मामले में इंदौर वुहान जैसा हो रहा है, मैं उन्हें बता दूं कि इंदौर में रिकवरी रेट 74% हो गया है। मरीज 80 दिन से ज्यादा में दोगुना हो रहे हैं। मप्र का रिकवरी रेट 78 प्रतिशत है। इंदौर, मुंबई, दिल्ली में इस महामारी का प्रकोप एक साथ शुरू हुआ, पर जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां हम इसे नियंत्रित करते जा रहे हैं


यह बात स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को अरबिंदो अस्पताल में कही। मिश्रा पीपीई किट पहन अस्पताल के कोविड वार्डों में पहुंचे और मरीजों के हालचाल जाने। उनके दौरे के बीच शहर में 36 नए पॉजिटिव मिले। 3 मौतें भी हुई हैं। इससे पहले मंत्री ने कहा, फरवरी से मार्च तक बड़ी संख्या में केस आते रहे, लेकिन तत्कालीन कमलनाथ सरकार आइफा अवॉर्ड की चिंता करती रही।


अफसरों के साथ बैठक में उन्होंने रिपोर्ट में देरी पर सवाल किए। डीन डॉ. ज्योति बिंदल ने सैंपल की प्रक्रिया, ट्रांसपोर्ट में समय लगने की बात कही तो उन्होंने कहा कि 24 घंटे में ही रिपोर्ट दी जाए। संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि जिले में करीब 1700 से 1900 टेस्ट कर रहे हैं। 7 नई ट्रूनेट मशीनें मिली हैं, जिससे टेस्टिंग क्षमता बढ़ेगी।


मंत्री ने निजी अरबिंदो अस्पताल का मुआयना किया, लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं गए। आईजी विवेक शर्मा ने बताया कि अनलॉक1 के बाद हर तरह के अपराधों में कमी आई है। करीब 960 स्थाई वारंटी को गिरफ्त में लिया है।


कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं घटाईं: उन्होंने उपचुनावों में जीत हासिल करने का दावा करते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में कहा था कि डीजल पेट्रोल की कीमत घटाएंगे, लेकिन नहीं घटाई। कांग्रेस डूबता जहाज है और वादाखिलाफी के चलते सरकार गई। तभी तुलसी सिलावट को कांग्रेस छोड़ना पड़ी। शहर में सिर्फ एक वार्ड, जहां 15 से ज्यादा एक्टिव केस: कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर का पॉजिटिव रेट लगभग 6.6% पर आ गया है। संक्रमण रुका है। सिर्फ एक वार्ड ऐसा है, जहां 15 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। करीब 125 लोग होम आइसोलेशन में हैं। इंदौर में 80 प्रतिशत कोविड अस्पतालों में बिस्तर खाली: मिश्रा ने बताया कि इंदौर में 80% बिस्तर खाली हैं। प्रदेश में 2574 ही मरीज बचे हैं, जबकि हमारे पास 20,000 बिस्तरों की व्यवस्था है। दिल्ली, मुंबई में बिस्तरों और वेंटिलेटर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।


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