इंदौर मे कोरोना की रफ्तार नहीं पड़ रही धीम, एक बार फिर मिले 95 कोरोना संक्रमित मरीज, 1511 सैंपलों की जांच में 1400 की रिपोर्ट आई निगेटिव



इंदौर। रविवार देर रात को एक बार फिर कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 90 के पार पहुंचा और 95 पॉजिटिव मरीज सामने आए। एक मरीज की मौत भी हुई, जिससे मृतकों की संख्या 101 हो गई है। कुल 1511 सैंपलों की जांच में से 1400 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब तक शहर में 24 हजार 338 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें से 2565 पॉजिटिव निकले हैं। 1119 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 1345 का इलाज चल रहा है


828 मरीजों की उम्र 50 साल से ज्यादा: प्रशासन ने ये सर्वे इसलिए करवाया, क्योंकि अब तक पॉजिटिव मिले मरीजों से से 828 ऐसे हैं, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है। हाई रिस्क कैटेगरी में इन्हीं मरीजों को रखा जाता है। यही वजह है कि मृतकों में भी सबसे ज्यादा अधिक उम्र के वे ही लोग थे, जिन्हें कोई और बीमारी भी थी। इन पर कोरोना संक्रमण गंभीर अटैक करता है और आॅक्सीजन की कमी होने से ये दम तोड़ देते हैं।


60 की उम्र के बाद फेफड़ों की क्षमता रह जाती 75 फीसदी: एमजीएम मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. सलिल भार्गव कहते हैं कि बुजुर्गों में इम्युनिटी कम होती है। वाइटल आॅर्गन की क्षमता भी कम हो जाती है, इसलिए संक्रमित होने के बाद रिकवरी में ज्यादा समय लगता है। 22 साल से 25 साल के बीच फेफड़ों के कार्य करने की क्षमता 100 फीसदी होती है। इसके बाद हर साल इसका फंक्शन कम होता जाता है।


60 साल के बाद 75 प्रतिशत तक क्षमता बचती है। वायरस का संक्रमण शरीर में पहुंचकर मल्टीप्लाई होता है और संख्या बढ़कर 10 बिलियन तक हो जाती है। बुजुर्गों का इम्युनिटी सिस्टम इससे नहीं लड़ पाता, इससे वे गंभीर अवस्था में पहुंच जाते हैं। खजराना क्षेत्र में सबसे ज्यादा मौतें: कोरोना संक्रमण से शहर में जिन क्षेत्रों में ज्यादा मौत हुई है, उनमें खजराना नंबर वन पर है। यहां पर कोरोना के 156 मामलों में से 4 मरीजों की मौत हुई।


मृत्युदर 2.56 फीसदी है। इसके बाद दूसरे नंबर पर टाटपट्टी बाखल और सिलावटपुरा में सबसे ज्यादा 39 में से तीन लोगों की मौत हुई। यहां मृत्युदर 7.69 प्रतिशत है। सबसे खास बात खजराना में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं। यहां पर 156 पॉजिटिव सामने आ चुके हैं। इस लिहाज से मौतों के मामले में पहले नंबर पर खजराना, दूसरे नंबर पर टाटपट्टी बाखल, जबकि मोतीतबेला (37 केस और 3 मौत) तीसरे नंबर पर है। हालांकि टाटपट्टी बाखल, सिलावटपुरा, रानीपुरा, पल्हरनगर जैसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों संक्रमण के नए मामले कम हुए हैं।


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