प्रशासन के डंडे के बाद बाबा का छलका दर्द, पूर्व मंत्री से रोते हुए कहा-शिवराज ऐसा व्यवहार करेंगे, मुझे नहीं था अंदाजा, बाथरूम में टब और क्रीम की बात झूठी



इंदौर। कम्प्यूटर बाबा की आंखों में आंसू थे। उन्होंने रोते हुए कहा कि जो बंदूक मिली, उसका उनके पास लाइसेंस है। जिस निर्माण को ढहाया गया वह सरकारी पैसे से ही बना था। इसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। बाथरूम में जो टब और अन्य सामग्री मिलने की बात कही गई, वह सब झूठ है। साधु-संतों के साथ शिवराज ऐसा व्यवहार करेंगे, इसका उन्हें अंदाजा नहीं था। एक तरफ तो वे हिंदुत्व के नाम का झंडा बुलंद करते हैं। दूसरी ओर वे साधु-संतों को इतनी यातनाएं दे रहे हैं। यह बात पूर्व मंत्री और विधायक जीतू पटवारी को बाबा ने जेल के भीतर कही। पटवारी अन्य नेताओं के साथ बाबा से मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे थे। बाबा से मिलकर लौटे जीतू पटवारी ने बताया कि जो निर्माण ढहाया गया है, वह विधायक निधि से हुआ था। कुछ निर्माण जनपद और पंचायत निधि से करवाया गया था


सरकार ने सरकारी पैसे से कैसे अवैध निर्माण के लिए परमिशन दी, यह एक सवाल है। 15 साल तक जब इन्होंने शिवराज की स्तुति की तो ये संत महात्मा थे, जब इन्होंने पूछा कि आपने नर्मदा सेवा योजना में घोटाला क्यों किए, अवैध खनन क्यों हो रहा है तो बाबा शैतान हो गए। शिवराज दो चश्मों से साधु संतों को देखते हैं। एक मेरे पक्ष के, एक मेरे विरोधी। यदि साधु संत भी विरोधी हैं तो शिवराज जैसा हिटलर आदमी उन्हें छोड़ेगा नहीं। शिवराज ही अच्छा राजा कानून का न्याय के लिए उपयोग करता है। एक खराब राजा कानून का बदला लेने के लिए उपयोग करता है। जीतू ने कहा कि आपने सत्ता अतिक्रमण से हथियाई है, उस पर वाहवाही लूट रहे हो। शिवराज जी का दोहरा मापदंड क्यों है। कांग्रेस पार्टी बाबा के साथ खड़ी है।


पटेल बोले -बदले की भावना से हुई कार्रवाई: विधायक शुक्ला ने कहा कि साधु संतों को बिना सूचना दिए शिवराज सरकार जेल में डाल रही है। यह उनकी बौखलाहट है। पूर्व विधायक अश्विन जोशी ने कहा कि शिवराज सिंह ने ही बाबा को मंत्री बनाया। 15 साल सरकार रही तब आश्रम नहीं दिखा। जब बाबा ने लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ अलख जगाया तो शिवराज को तकलीफ हुई और आश्रम उन्हें अवैध दिखने लगा। 15 साल सत्ता में रहते हुए उनके सारे मंत्री बाबा के आश्रम में गए। अब वह अतिक्रमण में आ गया। जोशी ने कहा कि बाबा के अतिक्रमण को तोड़कर शिवराज ने अन्य संतों को धौंस दी है कि यदि हमारे खिलाफ जाओगे तो हम आपके साथ ही ऐसा ही करेंगे। यह संतों को अपने पक्ष में करने का तरीका है। विधायक विशाल पटेल ने कहा कि यह बदले की भावना है। वे हीन भावना से काम कर रहे हैं।


कंप्यूटर बाबा ने जो यात्रा निकाली, उसी यात्रा को द्वेष भावना से इन्होंने देखा है। बता दें कि उपचुनाव के पहले शिवराज सरकार के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकालने वाले नामदेव दास त्यागी (कम्प्यूटर बाबा) सेंट्रल जेल में बंद हैं। प्रशासन उनके अवैध निमार्णों को ध्वस्त करने में जुटी हुई है। गोम्मट गिरी वाले आश्रम में प्रशासन द्वारा जारी कार्रवाई के दौरान बाबा को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत हिरासत में लेकर जेल भेज गया था। सोमवार दोपहर पूर्व मंत्री और विधायक जीतू पटवारी, देपालपुर विधायक विशाल पटेल, विधायक संजय शुक्ला, सांवेर से कांग्रेस के प्रत्याशी प्रेमचंद गुड्?डू, शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाला, सदाशिव यादव, पूर्व विधायक अश्विन जोशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी सेंट्रल जेल पहुंचे।


यहां की कार्रवाई: रविवार को एयरपोर्ट रोड पर जम्बूडी हप्सी गांव में 46 एकड़ जमीन पर कब्जा कर 2 एकड़ जमीन पर बने आश्रम को जमींदोज किया गया। सोमवार सुबह सुपर कॉरिडोर में किए गए अतिक्रमण को तोड़ा गया। आईडीए की योजना 151 में शामिल करीब 5 करोड़ रुपए मूल्य की 20 हजार वर्गफीट जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। अंबिकापुरी एक्सटेंशन मंदिर से भी कब्जा हटाने के साथ ही मंदिर को बाबा के कब्जे से मुक्त करवाया गया। भाजपा-कांग्रेस सरकारों में बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा मिला था: नर्मदा नदी के किनारे पेड़ लगाने में हुए कथित घोटाले के खिलाफ मार्च 2018 में यात्रा निकालने की घोषणा की थी। जिसके बाद शिवराज सरकार ने पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक कमेटी बनाई, इसमें कम्प्यूटर बाबा को भी शामिल किया गया और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। लेकिन, सरकार बदली तो बाबा ने भी खेमा बदल लिया और कांग्रेस के पक्ष में चले गए। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने भी नर्मदा विकास के लिए समिति बनाकर बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।


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