उपचुनाव में हार के बाद सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- भाजपा ने ईवीएम में जादूगरी कर जीता यह चुनाव, कांग्रेस को 9 सीट मिलना भाजपा का बताया प्लान



इंदौर। पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मध्य प्रदेश उपचुनाव में कांग्रेस की हार की सबसे बड़ी वजह ईवीएम में गड़बड़ी को बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ईवीएम में जादूगरी कर यह चुनाव जीता है। यह विकल्प हमारे पास भी आया था, लेकिन हमने इसका सहारा नहीं लिया। कांग्रेस को 9 सीट मिलने और इमरती देवी के हार को उन्होंने भाजपा का प्लान बताया। कहा, इमरती देवी गले की हड्डी बन जातीं, इसलिए भाजपा ने उन्हें हरवा दिया। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा - उपचुनाव में ऐसा कोई इलाका नहीं बचा, जहां मैं नहीं गया


सब जगह घूमा, खूूब पब्लिक उमड़ रही थी। राजनीतिक दृष्टिकोण से मैं कभी ग्वालियर नहीं गया था। जब मैं उपचुनाव के समय ग्वालियर पहुंचा, तो मेरे सम्मान में हजारों लोगों ने रैली निकाली। जब मुरैना, दतिया पहुंचा, तो वहां भी हजारों लोग एकत्र हुए। लोगों का इस प्रकार से आना दशार्ता था कि कांग्रेस के पक्ष में एक तरफा माहौल है। कंसाना और इमरती भी बनते गले की हड्?डी: कांग्रेस के 9 लोगों के जीतने को उन्होंने टारगेटेड बताया।


कहा कि भाजपा जिसे हराना चाहती थी, जो उनके लिए सूतक थे, जैसे इमरती देवी कहीं ना कहीं गले की हड्डी बनती। एदल सिंह कंसाना भी कहीं ना कहीं परेशानी का सबब बनते, ऐसे सभी लोगों को भाजपा ने निपटाया है। टारगेट के तहत पूर्ण बहुमत लेकर सरकार में बैठ गए हैं। तुलसी को खुद यकीन नहीं था, वे इतने वोटों से जीतेंगे: सांवेर से तुलसी सिलावट के रिकॉर्ड 53 हजार से जीत पर कहा कि सिलावट तो खुद कहते हैं कि मुझे उम्मीद थी कि 5 से 10 हजार के बीच में जीतूंगा।


अब 50 हजार से जीत रहे हैं, तो यह साफ लग रहा है कि जादूगरी हुई है। इस चुनाव में हमसे भी ईवीएम के कई जादूगर लोग टकराए थे, लेकिन हमारा सिद्धांत था कि गांधी जी की पार्टी है, छल, बल और कपट से सत्ता प्राप्त नहीं करेंगे। जो दो तीन टीम मुझसे टकराई थीं, उन्होंने कहा था कि आप तो हमें ताले में बंद कर देना फिर भी 28 की 28 सीट आपके पक्ष में आएंगी, तब आप हमारा मेहनताना देना। जनता कांग्रेस को 28 सीट जिताकर कलंक धोना चाहती थी: जनता ने जब 2018 में कांग्रेस को बहुमत से जिताया।


जनता ने खुद देखा कि कैसे भ्रष्टाचार के रुपयों से मनुष्यों की मंडी लगी। विधायक बिकने लगे। मप्र जैसे शांत राज्य के माथे पर इन्होंने कलंक लगा दिया। उस कलंक को कांग्रेस को वोट देकर जनता धोना चाहती थी। जनता कांग्रेस के साथ खड़ी थी। हमने तो 28 में से 28 सीटें जीतने की सोची थी, लेकिन ईवीएम मशीन की जादूगरी से हम पार नहीं पा पाए। दिग्विजय सिंह ने पार्टी को कमजोर करने की कोशिश नहीं की: दिग्विजय सिंह को लेकर कहा कि हर नेता कांग्रेस को मजबूत करने में लगा है। किसी एक पर दोषारोपण सही नहीं है। दिग्विजय सिंह की मंशा कभी नहीं रही कि कांग्रेस कमजोर हो। हार-जीत के कई फैक्टर होते हैं। हमें नैतिक साहस के साथ कांग्रेस को फिर से खड़ा करने की जरूरत है।


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