मप्र विधानसभा का सत्र 21 अप्रैल से: विधानसभा इकलाके में दो दिन लागू रहेगी धारा 144, प्रोटेम स्पीकर ने कलेक्टरों से मांगी विधायकों की कोविड टेस्ट रिपोर्ट



भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र 21 सितंबर से शुरू हो रहा है। इसे लेकर भोपाल कलेक्टर ने विधानसभा इलाके में 21 सितंबर से दो दिन के लिए धारा 144 लागू करने का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान कोरोना गाइडलाइन के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। 74 बंगले से ऊपर वाली सड़क से लेकर रोशनपुरा चौराहे तक धारा-144 का प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होगा। प्रतिबंधात्मक आदेश 21 से 23 सितंबर तक विभिन्न क्षेत्रों में लागू होंगे। इधर, 21 सितंबर से विधानसभा का सत्र प्रारंभ होने जा रहा है


कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए विधानसभा ने सभी कलेक्टरों को चिट्ठी लिख दी है कि वे सत्र से पांच दिन पहले की विधायकों की कोविड टेस्ट रिपोर्ट भेजें। यह आदेश 21 से 23 सितंबर तक सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक 74 बंगले के ऊपर वाली सड़क से होते हुए रोशनपुरा चौराहा में लागू रहेगा। नवीन विधायक विश्रामगृह के सामने वाला मार्ग पुराना, पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शब्बन चौराहा, ओमनगर और वल्लभ नगर का समस्त झुग्गी क्षेत्र धारा 144 के तहत जारी आदेश का प्रभाव क्षेत्र माना जाएगा। आदेश डयूटी पर कार्यरत कर्मचारियों-अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।


शवयात्रा या बारात भी इस आदेश से मुक्त रहेंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा कोरोना के संबंध में जारी आदेशों/ निदेर्शों, सोशल डिस्टेंसिंग गाइडलाइन एवं कार्य स्थल के एसओपी का पालन करना अनिवार्य होगा। कंटेनमेंट जोन से कोई भी स्टाफ को कार्य स्थल पर उपस्थिति प्रतिबंधित रहेगी। 5 या उससे अधिक लोग एकत्र नहीं होंगे: आदेश के मुताबिक, क्षेत्र में पांच या उससे अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे। कोई व्यक्ति किसी जुलूस- प्रदर्शन का न तो निर्देशन करेगा और न उसमें भाग लेगा तथा न ही कोई सभा आयोजित की जाएगी।


आदेश में यह साफ कर दिया गया है कि सत्र के दौरान कोई भी व्यक्ति चाकू या अन्य धारदार हथियार लेकर नहीं चलेगा। कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा जिससे उद्योग और सार्वजनिक या निजी सेवाओं पर विपरीत असर पड़ता हो। प्रभावित क्षेत्र में पुतला दहन या किसी तरह के आंदोलन की सख्त मनाही की गई है। इधर, मंत्रियों-विधायकों को कोरोना, विधानसभा सत्र 21 से: मध्य प्रदेश में कोरोना संकट के बीच विधानसभा सत्र 21 सितंबर से आयोजित होने जा रहा है। वन मंत्री विजय शाह, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा संक्रमित हो चुके हैं।


वहीं बैतूल विधायक ब्रम्हा भलावी, धरमू सिंह सिरसाम, भोपाल के पूर्व सांसद आलोक संजर की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। इन्हें मिलाकर अब तक 18 फीसदी विधानसभा सदन संक्रमित हो चुका है। विधानसभा के 203 सदस्यों में से मुख्यमंत्री, 10 मंत्री, 28 विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी कलेक्टरों से कोविड टेस्ट रिपोर्ट मांगी: इधर, 21 सितंबर से विधानसभा का सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। कोरोना संक्रमण की बढ़ती संख्या को देखते हुए विधानसभा ने सभी कलेक्टरों को चिट्ठी लिख दी है कि वे सत्र से पांच दिन पहले की विधायकों की कोविड टेस्ट रिपोर्ट भेजें। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह बात सही है कि विधायक पॉजिटिव हो रहे हैं। दो-तीन दिन में होने वाली सर्वदलीय बैठक में सभी विकल्प और पहलुओं पर बात होगी। कोविड का कुछ प्रोटोकॉल है, तो उसे करना ही पड़ेगा।


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