दिग्गी फिर हुए सक्रिय: पीसीसी चीफ के लिए अरुण यादव का नाम किया आगे, ठाकुर लाबी में असंतोष के स्वर



भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय नजर आने लगे हैं। युवक कांग्रेस में आदिवासी कोटे से डॉ विक्रांत भूरिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद अब पीसीसी पर उनकी नजर है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष के लिए पिछड़े वर्ग के कोटे से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का नाम आगे बढ़ाया है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यादव के नाम राजनीतिक गलियारों में आने के बाद ठाकुर लाबी में असंतोष की प्रतिध्वनि सुनाई देने लगी है। उपचुनाव में मिली शर्मनाक पराजय के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी सुषुप्तावस्था में है


ऐसी स्थिति प्रदेश से लेकर जिले और ब्लॉक तक में बनी हुई है। मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के केंद्र की राजनीति में एक्टिव होने पर नए अध्यक्ष के नाम की अभी से चर्चा तेज हो गई है। इस पद के दावेदारों में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव, युवा आदिवासी विधायक उमंग सिंघार, विधायक जीतू पटवारी और दलित नेता एवं वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा के नाम राजनीतिक गलियारों के हवा में तैर रहे हैं।


पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आदिवासी युवा नेता डॉ विक्रांत भूरिया को युवक कांग्रेस अध्यक्ष बनवा कर आदिवासी विधायक उमंग सिंघार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ से बाहर कर दिया। इसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पिछले दिनों कांग्रेस दफ्तर में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और तेज तर्रार युवा विधायक जीतू पटवारी के साथ बैठक की। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 28 दिसंबर को होने वाले आंदोलन की जिम्मेदारी पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यादव को सौंपी।


इस जिम्मेदारी के साथ ही पूर्व सीएम सिंह ने पिछड़े वर्ग के नेता अरुण यादव को अगले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नाम आगे बढ़ाया है। यहां यह भी उल्लेख करना समाचीन होगा कि अरुण यादव का पूर्ववर्ती प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल सबसे फ्लॉप रहा है। अजय सिंह को फिर हासिये पर: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एक बार फिर राजनीति के शिकार होने जा रहे हैं। संगठनात्मक नजरिए से देखा जाए तो प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार अजय सिंह माने जा रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी दिग्विजयी चाल उन पर भारी पड़ सकती है।


पूर्व सीएम सिंह ने अरुण यादव का नाम प्रदेश अध्यक्ष के लिए आगे बढ़ा कर अजय सिंह की दावेदारी को कमजोर करने की कवायद शुरू हो गई है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि दिग्विजय सिंह ने अरुण यादव को प्रदेश अध्यक्ष बनवा कर अपने बेटे विधायक जयवर्धन सिंह के राजनीतिक जमीन को प्रदेश में मजबूत करना जा रहे हैं ताकि वह प्रदेश का अध्यक्ष अथवा नेता प्रतिपक्ष बन सके। ठाकुर लाबी में असंतोष: पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की ओर से प्रदेश अध्यक्ष के लिए अरुण यादव का नाम प्रोजेक्ट किए जाने के बाद राजपूतों में असंतोष की प्रतिध्वनि सुनाई देने लगी है। ठाकुर लाबी के एक प्रदेश पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अजय सिंह पर दिग्विजयी होने का नुकसान भुगतना पड़ रहा है। इसके कारण वे चुनाव तक हार चुके हैं। ठाकुर लाबी प्रदेश अध्यक्ष के लिए अरुण यादव की दावेदारी को कमजोर करने की रणनीति बनाने में जुट गई है।


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