छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ ने कहा- उपचुनाव में मैं करूंगा युवाओं का नेतृत्व, पूर्व मंत्री जीतू और जयवर्धन मेरे साथ काम करेंगे, निकाले जा रहे सियासी मायने



भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ ने साफ किया कि वे आगामी महीनों में होने वाले विधानसभा उपचुनाव में युवाओं का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे युवा विधायक जीतू पटवारी, जयवर्धन सिंह, सचिन यादव, ओमकार मरकाम और हनी बघेल अपने-अपने क्षेत्रों में मेरे साथ काम करेंगे। नकुल नाथ के इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि, बयान देते समय नकुल ये बात भूल गए कि जिन विधायकों का नाम वे अपने साथ काम करने के लिए ले रहे हैं, वे उनसे काफी वरिष्ठ हैं


नकुल का बयान ऐसे समय में आया है, जब कांग्रेस अपने ही विधायकों को टूटने से बचाने की जद्दोजहद में लगी है। वीडियो में नकुल ने भाजपा पर कई आरोप लगाए। कहा- पिछले मंत्रिमंडल में हमारे जो युवा मंत्री थे, जैसे जीतू पटवारी, जयवर्धन सिंह, हरि बघेल, सचिन यादव, ओमकार मरकाम, ये सब अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले उपचुनाव में युवाओं का नेतृत्व मेरे साथ करेंगे। जयवर्धन बोले- हम सब लोग उनके साथ खड़े हैं: इस संबंध में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह का कहना है कि नकुल नाथजी हमारे मध्य प्रदेश से इकलौते सांसद हैं।


2019 के लोकसभा चुनाव में इतनी विपरीत परिस्थतियों में वे जीतकर आए हैं। इससे उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। हम सब लोग कांग्रेस के युवा उनके साथ खड़े हैं। उनके पीछे खड़े हैं। जयवर्धन के जन्मदिन पर भावी मुख्यमंत्री के पोस्टर लगाए गए थे: इससे पहले भोपाल में जुलाई के पहले सप्ताह में दिग्विजय सिंह के बेटे और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के जन्मदिन पर भावी मुख्यमंत्री के पोस्टर लगाए गए थे। यह पोस्टर यूथ कांग्रेस द्वारा लगाए गए थे।


इस पर लिखा था- ह्यमध्य प्रदेश के ह्यभावी मुख्यमंत्रीह्ण जयवर्धन सिंह को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं, प्रदेश की शक्ति, कांग्रेस की शक्ति, युवा शक्ति। सियासी बवाल बढ़ा तो हटा लिए गए थे जयवर्धन के पोस्टर: सोशल मीडिया पर यह पोस्टर वायरल होते ही भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया था। इसके साथ प्रदेश में सियासी बवाल भी तेज हो गया है। जबकि पोस्टर से मचे बवाल के बाद इसे हटा लिया गया था। अब जुलाई के दूसरे पखवाड़े में नकुल नाथ का बयान सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई।


अब आने वाले समय में कांग्रेस में प्रदेश के नेतृत्व को लेकर दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटों में जोर-आजमाइश देखने को मिल सकती है। सरकार गिरने के बाद कमलनाथ ने कहा था- उन्हें धोखे में रखा गया: मार्च में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि उन्हें दिग्विजय सिंह ने भरोसे में रखा था कि कोई विधायक कहीं नहीं जाएगा। इस वजह से उनकी सरकार गिर गई। कमलनाथ के इस बयान के बाद सियासत गरमा गई थी। हालांकि, कमलनाथ ने दूसरे दिन अपने बयान पर कहा था कि उनके कहने का ऐसा आशय नहीं था। लेकिन कमलनाथ के मन की बात का तीर तो निकल चुका था। इसके बाद दिग्विजय सिंह कमलनाथ के यहां डिनर करने पहुंचे थे। दिग्विजय ने भाजपा और आरएसएस पर कमलनाथ और उनकी दोस्ती तोड़ने का आरोप लगाया था।


वेब खबर

वेब खबर



प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति