क्या देश में तंत्र-मंत्र को भी लागू किया जाएगा कोर्स के तौर पर



प्रयागराज। मां बगुलामुखी के उपासक और कामाख्या तांत्रिक सम्मेलन के सभापति महंत बजरंग मुनि उदासीन ने भारत में तंत्र विद्या को विलुप्त होने से बचाने के लिए इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने पर बल दिया है


वह देश में तंत्र महाविद्यालय खोलने की मांग के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द ही मुलाकात करेंगे।


महंत बजरंग मुनि उदासीन ने कहा, ‘दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे आश्वासन दिया था कि दोबारा सरकार बनने पर वह इस दिशा में पहल करेंगे।


अब दोबारा मोदी सरकार बन गई है.. मैं उनसे जल्द ही मुलाकात करूंगा।’ उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के मुरैना और ओड़िशा के बालासोर में 64 योगिनी मंदिर तंत्र विद्या के केंद्र हुआ करते थे।


इन्ही मंदिरों के मॉडल पर संसद भवन का मॉडल आधारित है। आज दुर्भाग्य से देश में तंत्र विद्या का एक भी महाविद्यालय नहीं है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल होने से जहां नई पीढी में इस विधा को लेकर रुचि जगेगी, वहीं लोगों को इसके लाभ के बारे में भी पता चलेगा। आज तंत्र विद्या को टोना-टोटका के तौर पर जाना जाता है, जबकि यह एक वैज्ञानिक विधा है और इसको लेकर भ्रम दूर करने की जरूरत है।

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