कुमारस्वामी के लिए आज का दिन अहम, भाजपा बोली-सरकार के लिए सोमवार होगा आखिरी दिन



बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार के लिए सोमवार का दिन परीक्षा की घड़ी माना जा रहा है। आज विधानसभा में विश्वासमत पर वोटिंग होने की संभावना है। इस बीच मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की कोशिशों को एक बार फिर झटका लगता दिख रहा है। कुमारस्वामी ने बागी विधायकों से वापस लौटने और सदन में चर्चा के दौरान बीजेपी को बेनकाब करने की अपील की। हालांकि बागी विधायकों ने सत्र में हिस्सा लेने की संभावना को खारिज किया है।  बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के पूर्व सीएम बी एस येदियुरप्पा ने भरोसा जताया है कि सोमवार कुमारस्वामी सरकार का आखिरी दिन होगा


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल समय हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। गठबंधन के विधायकों के इस्तीफों के बाद एच डी कुमारस्वामी की अगुआई वाली सरकार ने 19 जुलाई को बहुमत साबित करने के लिए राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा दी गई दो समय-सीमाओं का पालन नहीं किया था।  'तत्काल शक्ति परीक्षण का निर्देश दे कोर्ट'  इस बीच कांग्रेस-जेडीएस सरकार से समर्थन वापस लेने वाले दो निर्दलीय विधायकों ने इस अनुरोध के साथ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है कि राज्य विधानसभा में तत्काल ही शक्ति परीक्षण कराए जाने का निर्देश दिया जाए। यह जानकारी उनके वकील ने दी।


वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि निर्दलीय विधायकों आर शंकर और एच नागेश ने अपनी अर्जी में एच डी कुमारस्वामी सरकार को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि वह 22 जुलाई को शाम पांच बजे या उसके पहले शक्ति परीक्षण करे। याचिका सुनवाई के लिए 22 जुलाई को न्यायालय के ध्यानार्थ लाए जाने की संभावना है।  इन खबरों के बीच सरकार इस उम्मीद से विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा खींचने की अब भी कोशिशें कर रही है कि सुप्रीम कोर्ट से कोई ना कोई राहत मिल जाएगी।


कुमारस्वामी ने रविवार को एक बयान में कहा, 'विश्वासमत पर चर्चा के लिए समय लेने का मेरा इरादा केवल यह है कि पूरा देश यह जान सके कि नैतिकता की बात करने वाली बीजेपी लोकतंत्र के साथ ही संविधान के सिद्धांतों को पलटना चाहती है।' उन्होंने बागी विधायकों को बातचीत की पेशकश की ताकि उनके मुद्दों का समाधान किया जा सके।  बागी विधायकों ने कहा- वापस नहीं लौटेंगे  हालांकि मुंबई के होटल में रुके बागी विधायकों ने जोर देकर कहा कि वे वापस नहीं लौटेंगे और इस आरोप को भी खारिज कर दिया कि उन्हें बंधक बनाया गया है।


जेडीएस के बागी विधायक के गोपालैया ने 10 अन्य विधायकों के साथ एक विडियो संदेश में कहा, 'हमने सोचा था कि यह सरकार राज्य के लिए अच्छा करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने का कोई सवाल ही नहीं है।'  लोकसभा चुनाव के बाद जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने वाले एच विश्वनाथ ने कहा, 'गठबंधन के नाम पर ...राजनीति ने लोगों का कोई भला नहीं किया और विधायकों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया।' कांग्रेस के नेता डी के शिवकुमार ने दावा किया कि कुमारस्वामी ने कांग्रेस से कहा है कि वह गठबंधन को बचाने के लिए अपनी पसंद के किसी भी नेता को मुख्यमंत्री नामित कर सकती है। हालांकि जेडीएस की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई कि उसने ऐसा कोई प्रस्ताव दिया है। पहले ऐसी खबरें थी कि कुमारस्वामी के ऐसे सुझाव को उनके पिता एवं जेडीएस सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा ने खारिज कर दिया था।  

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