गोंदिया से नहीं लौटे शिवराज: सीएम निवास में होने वाली बैठक टली, प्रदेश कार्यकारिणी में सिंधिया समर्थकों को मिलेगी जगह, इमरती पर संशय



भोपाल। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को जगह मिलना लगभग तय है, लेकिन मंत्री इमरती देवी के पुनर्वास को लेकर फिलहाल संशय बना हुआ है। इसको लेकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की सिंधिया के साथ 18 नंवबर को दिल्ली में पहले दौर की बैठक हो चुकी है। दोनों नेताओं की 19 नंवबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक होना थी, लेकिन मुख्यमंत्री के गोंदिया में रुकने के कारण यह बैठक नहीं हुई


इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर चर्चा होना थी। हालांकि मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार की जल्दबाजी नहीं है। भोपाल प्रवास के दौरान सिंधिया ने भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार सीएम का विशेषाधिकार है। दरअसल, प्रदेशाध्यक्ष जल्दी से जल्दी नई टीम भी घोषित करना चाहते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेशाध्यक्ष की टीम में 10 उपाध्यक्ष और 10 प्रदेश मंत्री रहेंगे।


सिंधिया समर्थकों को कार्यकारिणी में शामिल करने पर सहमित बन गई है, लेकिन इमरती देवी को संगठन में जगह मिलेगी या चुनाव हारने के बाद भी किसी निगम-मंड़ल में पद देकर उनका मंत्री का कद बरकरार रखा जाएगा। इसको लेकर संगठन स्तर पर निर्णय होना अभी बाकी है। उपचुनाव के बाद भाजपा अब निकाय चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। राज्य निर्वाचन आयोग की तैयारियों के मुताबिक निकाय चुनाव दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी के पहले हो जाएंगे।


यही वजह है कि पार्टी का निकाय चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार के साथ निगम-मंडलों में नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा करने पर फोकस है। उपचुनाव में शिवराज कैबिनेट के तीन मंत्रियों के हारने के बाद 4 पद खाली हैं। इन पदों पर सिधिंया समर्थकों को जगह मिलेगी या नहीं? इस पर सीएम हाउस में होनी वाली बैठक में निर्णय हो सकता है। हालांकि कहा जा रहा है कि हारे हुए मंत्री इमरती देवी, गिर्राज दंडोतिया और एदल सिंह कंसाना को निगम मंडल में नियुक्ति देने को लेकर सिंधिया ने शिवराज सिंह को सहमत कर लिया है।


यदि ऐसा होता है, तो मंत्रिमंडल के खाली 4 पदों पर भाजपा के वरिष्ठ विधायकों को मौका मिल सकता है। पांच साल से नहीं बनी नई टीम: भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में पांच साल से बदलाव नहीं हुआ है। सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने नई टीम बनाई थी, लेकिन इसके बाद से अभी तक प्रदेश कार्यकारिणी का पुनर्गठन नहीं हो पाया है। चौहान के बाद सांसद राकेश सिंह को प्रदेश संगठन की कमान मिली थी, लेकिन वे भी टीम नहीं बना पाए थे। सिंह के बाद इसी साल फरवरी में सांसद वीडी शर्मा प्रदेश अध्यक्ष बने, लेकिन वे भी अभी तक कार्यकारिणी घोषित नहीं कर पाए। हालांकि उपचुनाव के बीच शर्मा ने अपनी टीम में पांच महामंत्री भगवान दास सबनानी, रणवीर सिंह रावत, हरिशंकर खटीक,शरतेंद्रु तिवारी, कविता पाटीदार को शामिल कर लिया, लेकिन शेष कार्यकारिणाी घोषित होने का इंतजर अभी भी है।


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