शिवराज कैबिनेट के फैसले: भोपाल और इंदौर में महानगर क्षेत्र बनाने को मप्र सरकार ने दी हरी झंडी, ग्वालियर में देश का पहला दिव्यांग खेल केंद्र बनेगा



भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में भोपाल में मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल द्वारा भोपाल-इंदौर मेट्रो के लिए मेट्रोपॉलिटन एरिया (महानगरीय क्षेत्र) घोषित किया गया। ग्वालियर में दिव्यांग बालक-बालिकाओं के लिए स्टेडियम बनाए जाने का फैसला लिया गया। जेसीनगर की जैरा मध्यम सिंचाई परियोजना को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। कैबिनेट ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए 354.14 करोड़ की स्वीकृति दे दी। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लैंडिंग पुल से किसानों की 25 फीसदी भूमि लेकर क्षेत्र को विकसित करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही सतही जल योजना को भी मंजूरी दी गई, जिससे घर-घर टोंटी से पानी उपलब्ध हो सकेगा


गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। मिश्रा ने बताया कि मंत्रिमंडल में इंदौर और पीथमपुर में नवीन सेक्टर 4 और 5 को विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। भोपाल और इंदौर को महानगरीय क्षेत्र के गठन पर मुहर लगा दी गई। इसमें अटल भूजल योजना को भी मंजूरी दी गई। काराधान अधिनियम, जीएसटी अधिनियम विधेयकों को मंजूरी मिली, विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। कांग्रेस विधायक गोवर्धन दांगी को भी बैठक में श्रद्धांजलि दी गई। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनने से आसपास के नगरीय निकायों को फायदा होगाट: भोपाल और इंदौर मेट्रोपॉलिटन एरिया के लिए दोनों शहरों के आसपास के नगरीय निकायों को मिलाकर महानगर क्षेत्र बनाया जाएगा।


इन क्षेत्रों की भविष्य की योजना भी मेट्रो लाइन के हिसाब से बनेगी। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के गठन का प्रस्ताव नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने रखा था, जिसे शिवराज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। भोपाल महानगर क्षेत्र में भोपाल निवेश क्षेत्र और मंडीदीप निवेश क्षेत्र सम्मिलित होंगे। इंदौर महानगर क्षेत्र में महू निवेश क्षेत्र और पीथमपुर निवेश क्षेत्र को जोड़ा गया है। ग्वालियर में बनेगा देश का पहला दिव्यांग खेल केंद्र: कैबिनेट ने ग्वालियर में बनने वाले देश के पहले दिव्यांग स्टेडियम के लिए मंजूरी दे दी। केंद्र का निर्माण ट्रिपल आईटीएम के सामने करीब 22 हेक्टेयर भूमि में होगी। इसे एक रुपए की राशि में उपलब्ध कराया गया है।


खेल केंद्र के प्रस्ताव को केंद्र की मोदी सरकार पहले ही अनुमति दे चुकी है। ग्वालियर में प्रस्तावित खेल केंद्र को सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत किया जाएगा। इस सेंटर द्वारा सृजित उन्नत बुनियादी सुविधाओं के बल पर खेल की गतिविधियों में भी निशक्तजनों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। दिव्यांगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाया जाएगा। इंदौर-पीथमपुर इन्वेस्टमेंट रीजन में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे: कैबिनेट ने इंदौर-पीथमपुर इन्वेस्टमेंट रीजन में नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने संबंधी परियोजना को अनुमोदन प्रदान किया।


परियोजना के अंतर्गत पीथमपुर औद्योगिक निवेश सेक्टर 4 तथा 5 को 586.70 हेक्टेयर भूमि पर 550 करोड़ रुपए की लागत से दो चरणों में विकसित किया जाएगा। बल्क ड्रग पार्क को स्वीकृति: कैबिनेट ने प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार की बल्क ड्रग पार्क प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाले इस पार्क में आने वाली फार्मा इकाइयों को योजना के अनुरूप विशेष वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बाबई-मोहसा मे बनेगा मेडिकल डिवाइस पार्क: प्रदेश में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना के प्रस्ताव को भी कैबिनेट द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विकसित होने वाले इस पार्क में आने वाली विनिर्माण इकाइयों को योजना के अनुरूप विशेष वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। होशंगाबाद जिले के बाबई-मोहसा में यह पार्क स्थापित होगा।


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