शिवराज ने कमलनाथ पर बोला हमला, कहा- इमरती से राहुल ने माफी मांगी, पर नाथ नहीं माने, क्या उनकी कांग्रेस अलग है



भोपाल। मध्यप्रदेश के दमोह से पहली बार विधायक बने कांग्रेस नेता राहुल लोधी को पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़े तेवर दिखाते हुए कमलनाथ पर हमला किया। उन्होंने कहा कि इमरती बहन पर टिप्पणी पर राहुल गांधी ने क्षमा मांगी, लेकिन कमलनाथ नहीं माने। क्या राहुल गांधी नासमझ है। ऐसा लगता है राहुल गांधी की कांग्रेस अलग है और कमलनाथ की कांग्रेस अलग है। सारी चीजें एक ही व्यक्ति के हाथ में चाहिए। सिर्फ मुझे गाली देने से कुछ नहीं होगा, कमलनाथ थोड़े सोचें लें। तो पार्टी और लोगों का भला होगा


इस पर कमलनाथ ने कहा कि भाजपा को पता है 10 नवंबर को क्या परिणाम आने वाले है। अपनी संभावित करारी हार का अंदेशा उन्हें हो चला है। उनकी सत्ता की हवस, तड़प व बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। सबकुछ कमलनाथ ही हैं: मुख्यमंत्री का मौका आया तो कमलनाथ। प्रदेश अध्यक्ष का मौका आया तो नाथ और नेता प्रतिपक्ष का मौका आया है तो भी कमलनाथ ही। इतना ही नहीं युवाओं की बात आई तो युवा नेता नकुलनाथ। एक तरफ सरकार में रहते हुए विकास के काम नहीं किए। वचन पूरे नहीं किए। वादे निभाए नहीं। विकास ठप कर दिया। एक नए पैसे का काम नहीं किया।


कांग्रेस से मोहभंग होने के कारण, उम्मीद टूटने के कारण, और विकास के प्रति ललक के कारण कांग्रेस छोड़ गए। जनता की सेवा के कारण विधायक छोड़ रहे हैं। मलैया के नेतृत्व में विकास करेंगे: जयंत मलैया भाजपा के वरिष्ठ नेता है। उनके नेतृत्व में विकास होगा। इसलिए राहुल का भारतीय जनता पार्टी में हृदय से स्वागत करता हूं। परिवार में रहेंगे। सारे कार्यकर्ता मिलकर दमोह की जनता की सेवा करेंगे। एक ही बात में कमलनाथ से कहना चाहता हूं आत्म चिंतन करें। कांग्रेस की ऐसी हालत क्यों हो रही है? दुर्गति को क्यों प्राप्त हो रही है? केवल मुझे गाली देने से बात नहीं चलेगी।


कभी नालायक कहा, कभी पैरों की धूल नहीं हूं और एक ने तो भूखे नंगे तक कह दिया। हमलों से मुझे तो कोई अंतर नहीं पड़ने वाला। इससे ना तो जनता का भला होगा और ना ही कांग्रेस का भला होगा। विकास की बात कीजिए। जनकल्याण की बात कीजिए। मेरी यह बात भी बुरी लगी: मेरी एक और बात उन्हें बुरी लग गई। मैंने कहा आप करोड़पति उद्योगपति हैं, तो वे बोले मैं तो करोड़पति उद्योगपति नहीं हूं। मैंने कहा कि यह बात तो उनकी पार्टी के नेताओं ने कही। अब एक सवाल उठ रहा है आपने अपनी घोषित संपत्ति में अरबों की बताई है।


वह बिना उद्योग धंधे के कैसे आ गई? कृपया करके ऐसा कोई गुण हो, तो मध्य प्रदेश की जनता को भी बता दीजिए। लेकिन सोचिए गाली देने से काम नहीं चलेगा। कमलनाथ का तंज: भाजपा को लोकतंत्र में विश्वास नहीं। उन्हें जनादेश में विश्वास नहीं है। भाजपा को नैतिकता में विश्वास नहीं। जनता के वोट में विश्वास नहीं। विश्वास सिर्फ सौदेबाजी में है। इनका विश्वास अभी भी सिर्फ नोट में है। प्रदेश को देशभर में इतना बदनाम व कलंकित करने के बाद भी अभी भी बाज नहीं आ रहे है। अभी भी राजनीति को बिकाऊ बनाने में लगे हुए है। प्रदेश पर निरंतर उपचुनाव का बोझ डालते जा रहे है। प्रदेश को ये कहां ले जाएंगे ? मैं प्रदेश की जनता से एक बार फिर अपील करता हूं कि वो आगे आकर लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करें, भाजपा की इस घृणित राजनीति को करारा जवाब देते हुए इसका अंत करे। जनादेश अपने वोट का सम्मान बचाए रखे। लोग आगे आकर प्रदेश को और कलंकित होने से बचाए।


वेब खबर

वेब खबर



प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति