इंदौर में लगातार हो रहा है कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा, आंकड़ा पहुंचा 2850 पर, अब तक 109 लोगों की जा चुकी है जान



इंदौर। इंदौर में एक और लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर प्रशासन संक्रमण मुक्त करने की कोशिश करते हुए इंदौर को आर्थिक गति देने में भी जुट गया है। गुरुवार रात आई रिपोर्ट में 76 नए केस सामने आए। वहीं दो के मौत की पुष्टि हुई। इसके साथ ही जहां संक्रमितों को आंकड़ा बढ़कर 2850 हो गया है। वहीं, मृतकों की संख्या अब 109 तक पहुंच गई है। गुरुवार को 67 लोग डिस्चार्ज हुए। इसे मिलाकर अब तक 1260 लोग कोरोना को मात देकर अपने घर लौट चुके हैं। इन सबके बीच प्रशासन ने इंदौर में कोरोना से निपटने के लिए प्रायवेट क्लीनिक को खोलने की इजाजत दे दी है। हालांकि इसके लिए कुछ दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं


ये क्लीनिक रविवार से शुरू हो सकेंगे। हालांकि साफ सफाई और सैनिटाइजेशन के लिए क्लीनिक को आज से भी खोला जा सकेगा। हालांकि कंटेनमेंट एरिया के कोई क्लीनिक नहीं खुलेंगे, ना ही वहां का कोई मेडिकल स्टाफ काम करेगा। नेहरू स्टेडियम में गुरुवार रात कलेक्टर मनीष सिंह, सांसद शंकर लालवानी सहित कई जनप्रतिनिधि और आधिकारियों के साथ डॉक्टरों की बैठक हुई। कलेक्टर ने डॉक्टर्स को क्लीनिक की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन तथा अन्य व्यवस्थाओं के लिए शुक्रवार से क्लिनिक खोलने की अनुमति दे दी। कलेक्टर ने कहा कि प्रायवेट क्लीनिक जल्द ही खोले जाएंगे। गाइड लाइन के साथ शनिवार को इसके आदेश जारी कर दिए जाएंगे। सभी डॉक्टरों को गाइड लाइन का पूरा पालन करना होगा।


उन्होंने बताया कि सभीएलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, युनानी आदि चिकित्सा पद्धति के क्लिनिक खोले जाना है। उन्होंने सभी डॉक्टरों से कहा कि इंदौर के हित में है कि सभी प्रायवेट क्लिनिक खुलें। क्लिनिक में स्वयं तथा आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य सुरक्षा रहे। निर्धारित मापदण्डों का पालन हो। सभी को इलाज की सुविधा मिले। सर्दी, खांसी, बुखार वाले मरीजों की जानकारी एप पर अपडेट करनी होगी: कलेक्टर ने चिकित्सकों से कहा कि वे अपने-अपने क्लीनिकों में सैनिटाइजेशन की समुचित व्यवस्था रखें। क्लीनिक को प्रतिदिन सैनिटाइज करें। क्लीनिक में आने वाले मरीजों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाएं।


क्लीनिक में यथा संभव फोन पर अपाइमेंट लेने वाले मरीजों को प्राथमिकता से देखें। एक समय में चार से अधिक मरीजों को एकत्र नहीं होने दें। उन्होंने सभी चिकित्सकों से कहा गया कि वे सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजों की जानकारी एप में जरूर दर्ज करें। क्लीनिक में आने वाले सभी मरीजों का थर्मल गन से तापमान लें। साथ ही आॅक्सीमीटर से उनका आॅक्सीजन लेवल भी देखें। कंटेनमेंट एरिया में कोई भी क्लीनिक नहीं खुलेगा: सभी चिकित्सक अपनी तथा अपने स्टॉफ की जानकारी एप में रजिस्टर्ड करें, जिससे कि उन्हें प्रधानमंत्री कोविड बीमा योजना के अंतर्गत शामिल किया जा सके। संभव होने पर क्लीनिक में आने वाले मरीजों की जानकारी का रजिस्टर भी संधारित किया जाय।


कंटेनमेंट एरिया में कोई भी क्लीनिक नहीं खुलेगा। यदि किसी क्लीनिक का कोई कर्मचारी कटेनमेंट एरिया में रहता हो तो उसे क्लीनिक में कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। यथासंभव मरीजों को पूर्व अपाइंटमेंट के आधार पर ही क्लीनिक में आने की अनुमति प्रदान जाय। उन्होंने बताया कि इंदौर में नगर निगम के जोनवार लगभग 20 फीवर क्लीनिक खोले जा रहे हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी 25 फीवर क्लीनिक खोले जाएंगे। अपने साथ समाज का भी ध्यान रखें डॉक्टर - सांसद: बैठक में सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इंदौर में लगातार स्थिति सुधर रही हैं। अभी भी बहुत कार्य करने की जरूरत है। कोरोना को पूरी तरह समाप्त करने में चिकित्सकों की अहम भूमिका है। चिकित्सक स्वयं का ध्यान तो रखें ही साथ ही समाज का भी ध्यान रखें। कोरोना से निपटने में केन्द्र सरकार आपके साथ है।


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