निर्भया दुष्कर्म मामला: पुलिस कमिश्नर ने कहा- मेरे जेहन में कभी भी आरोपियों को जान से मारने का ख्याल नहीं आया



नई दिल्ली। निर्भया दुष्कर्म मामले की जांच करने वाले दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने कहा कि मेरे जेहन में कभी भी आरोपियों को जान से मारने का ख्याल नहीं आया। नीरज कुमार शुक्रवार को हैदराबाद एनकाउंटर के संदर्भ में बात कर रहे थे, जिसमें वेटरनरी डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले 4 आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गोली मार दी थी।16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में निर्भया दुष्कर्म केस सामने आया था


23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में गैंगरेप हुआ था और दोषियों ने उसके साथ अमानवीय तरीके से मारपीट की थी। छात्रा ने 29 दिसंबर 2012 को दम तोड़ दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को फांसी की सजा सुनाई थी। गैरकानूनी काम करने का सवाल ही नहीं उठता- नीरज कुमार: नीरज कुमार ने कहा- जब निर्भया केस सामने आया था, तब बड़ा ही मुश्किल वक्त था। इसके बाद से हर पुलिसवाले के साथ रेपिस्ट की तरह व्यवहार किया जाने लगा था।


उस वक्त हम पर बहुत दबाव था, लेकिन आरोपियों को मारने का ख्याल कभी भी नहीं आया। हमें संदेश मिलते थे। हमसे कहा जाता था कि आरोपियों को भूखे शेरों के सामने फेंक दो। किसी ने कहा था कि भीड़ के सामने उन्हें नपुंसक बना दिया जाए। किसी ने कहा कि उन्हें भीड़ को ही सौंप दो, लेकिन हम अपने कर्तव्य के साथ खड़े रहे। किसी भी तरह का गैरकानूनी काम करने का सवाल ही नहीं उठता था। हैदराबाद के मामले पर जनता की नजर थी: हैदराबाद में हुए एनकाउंटर पर कुमार ने कहा, हर एनकाउंटर के बाद सवाल उठते हैं।


हैदराबाद में हुआ एनकाउंटर किसी गैंगस्टर या आतंकवादी का नहीं था। यह एक ऐसा मामला था, जिस पर लोग नजर रख रहे थे। वास्तव में क्या हुआ था, इसके खुलासे के लिए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हमें यह जानने के लिए इंतजार करना होगा कि एनकाउंटर न्यायोचित था या नहीं। मेरी बेटियों को भी दुष्कर्म की धमकी दी गई: कुमार ने द खाकी फाइल्स' किताब भी लिखी है। इसमें उन्होंने जिक्र किया है कि मेरी बेटियों को दुष्कर्म की धमकी दी जाती थी और मेरे इस्तीफे की मांग की जाती थी।


कुमार ने कहा- मेरे लिए यह बहुत मुश्किल वक्त था और मुझे ऐसा अहसास कराया जाता था कि मैं ही रेपिस्ट हूं। हम अपना दायित्व निभा रहे थे और हम गलत नहीं थे। मैं किसी भी न्यायिक जांच से गुजरने के लिए तैयार था और यहां तक कह दिया था कि पुलिस की कोई गलती नहीं है। लोग हमारे खून के प्यासे दिख रहे थे, लेकिन यह सब प्रायोजित था। हैदराबाद एनकाउंटर के बाद पुलिस बोली- कानून ने अपना काम किया:तेलंगाना में 27 नवंबर को अस्पताल से घर लौट रही वेटरनरी डॉक्टर से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद डॉक्टर की हत्या कर दी गई थी और दुष्कर्मियों ने शव को जला दिया था। इस मामले में आरोपी चार लॉरी ड्राइवरों और क्लीनरों का शुक्रवार सुबह एनकाउंटर कर दिया गया। 

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