नीलेकणी ने कहा- शिष्ट और सम्मानित व्यक्तियों की छबि खराब करने ऐसा किया जा रहा है, वित्तीय आंकड़ों को भगवान भी नहीं बद सकता



बेंगलुरु। आईटी कंपनी इन्फोसिस ने बुधवार को कहा कि व्हिसलब्लोअर की शिकायतों में कंपनी के को-फाउंडर्स और पूर्व कर्मचारियों के शामिल होने की अटकलें लगना कुछ लोगों की खराब सोच का नतीजा है


कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने कहा- ऐसा लगता है कि सबसे शिष्ट और सम्मानित व्यक्तियों की छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया। मैं कंपनी के सभी को-फाउंडर के योगदान का बेहद सम्मान करता हूं।


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीलेकणि ने वित्तीय आंकड़ों में हेर-फेर की कोशिशों के आरोप पर कहा कि कंपनी के नतीजों को भगवान भी नहीं बदल सकता। व्हिसलब्लोअर के आरोपों की जांच लॉ फर्म कर रही: नीलेकणि: नीलेकणि ने कहा कि इन्फोसिस के को-फाउंडर्स ने निस्वार्थ सोच रखकर काम किया।


वे लंबे समय तक कंपनी की सफलता के लिए प्रतिबद्ध रहे। एक लॉ फर्म व्हिसलब्लोअर के आरोपों की स्वतंत्र जांच कर रही है। इसके नतीजे सही समय पर सभी संबंधित पक्षों को बताए जाएंगे।


इन्फोसिस ने 21 अक्टूबर को बताया था कि सीईओ सलिल पारेख और सीएफओ निलंजन रॉय पर अज्ञात कर्मचारियों ने अकाउंटिंग में अनैतिक तरीका अपनाने के आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आरोपों के मुताबिक पारेख और रॉय ने कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ाने के लिए गलत तरीके अपनाए। कंपनी ने बीते सोमवार को कहा था कि व्हिसलब्लोअर के आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई सबूत नहीं मिला। इन्फोसिस के शेयर में 2.4% तेजी: बीएसई पर शेयर 2.37% बढ़त के साथ 712.30 रुपए पर बंद हुआ। एनएसई पर 2.36% ऊपर 712.50 रुपए पर क्लोजिंग हुई। इंट्रा-डे में दोनों एक्सचेंज पर 721.50 रुपए तक पहुंचा था।

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