महंत कमल नयन का दावा: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और सचिव चंपत राय होंगे



अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और सचिव चंपत राय होंगे। यह दावा महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास का है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को फोन पर उन्हें यह आश्वासन दिया है। शाह ने कहा- बाबरी ढांचा विध्वंस केस में फैसला आने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी। कानूनी बाधा के चलते महंत नृत्य गोपाल दास और विहिप नेता चंपत राय के ट्रस्ट में शामिल होने की घोषणा नहीं की गई है। दोनों पर विवादित ढांचा गिराने के मामले में केस चल रहा है


दरअसल, राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन का ऐलान किया। इसमें पूर्व अयोध्या राजघराने के विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा समेत 15 ट्रस्टी शामिल हैं। लेकिन, ट्रस्ट में श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का नाम नहीं था। इस पर संतों ने नाराजगी जताते हुए अयोध्या के मणिराम दास छावनी में बैठक बुलाई थी, जिसे शाह के आश्वासन के बाद रद्द कर दिया गया।


शंकराचार्य बोले- अध्यक्ष पद पर मुझे रखना चाहिए था: वहीं, शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अपने चार फैसलों में वासुदेवानंद सरस्वती को न शंकराचार्य माना और न ही संन्यासी माना है। ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य मैं हूं। ऐसे में प्रधानमंत्री ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के रूप में वासुदेवानंद सरस्वती को ट्रस्ट में जगह देकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है। उन्होंने कहा- अगर वास्तव में ट्रस्ट में शंकराचार्य को रखना ही था तो अध्यक्ष पद पर उन्हें रखा जाना चाहिए था।


ट्रस्ट में संत-महंतों का अपमान किया गया: महंत : इससे पहले राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास ने कहा था- ट्रस्ट के माध्यम से संत-महंतों का अपमान किया गया है। जिन्होंने पूरे जीवन की कुबार्नी दी है। उनका ट्रस्ट में कहीं कोई नामोनिशान नहीं है। महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने कहा था- हम इस ट्रस्ट को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। इस ट्रस्ट में वैष्णव समाज के संतों का अपमान किया गया है। जो राम मंदिर आंदोलन के लिए लगे रहे और कुबार्नी दी, उनको ट्रस्ट से दूर रखा गया है।


विमलेंद्र मोहन के नाम पर थी आपत्ति: कमल नयन ने गृहमंत्री अमित शाह से नाराजगी जताते हुए कहा था- ट्रस्ट में पूर्व अयोध्या राजपरिवार के विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा को शामिल किया है। जबकि, वे राजनीतिक व्यक्ति हैं। बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े हैं। राम जन्मभूमि आंदोलन से इनका कोई वास्ता नहीं है। पूरे देश में संत समाज इसका विरोध करेगा। राम मंदिर आंदोलन के समय कानून बना था- राम नंदी वैष्णव ही राम जन्मभूमि का अध्यक्ष होगा। अनशन पर बैठे परमहंस दास: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को ट्रस्ट का संरक्षक और परमाध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर अयोध्या की तपस्वी छावनी से निष्कासित महंत परमहंस दास अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने अन्न व जल सब त्याग दिया है। परमहंस दास यूपी के चंदौली में बुधवार से ही अनशन शुरू किया है।


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