मणिपुर के चंदेल जिले में उग्रवादियों ने असम राइफल्स पेट्रोलिंग टीम पर किया हमला, तीन जवान शहीद, चार घायल



इंफाल। मणिपुर में चंदेल जिले के खोंगताल में हुए उग्रवादी हमले में असम राइफल्स के 3 जवान शहीद हो गए। 5 जवान जख्मी हुए हैं, जिन्हें कांगपोकपी जिला स्थित सेना के अस्पताल में भर्ती किया गया है। शक है कि ये उग्रवादी लोकल ग्रुप पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के थे। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है


एक अधिकारी ने बताया कि घटना 29 जुलाई शाम 6:45 बजे की है। असम राइफल्स के 13 जवानों की टुकड़ी अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास 3 दिनों के अभियान के बाद अपनी पोस्ट पर लौट रही थी। रास्ते में वे आईईडी की चपेट में आ गए। इसके बाद घात लगाकर बैठे उग्रवादियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। घटना भारत-म्यांमार सीमा से करीब 3 किलोमीटर दूर घटी।


शहीद जवानों की पहचान हवलदार प्रणय कलिता, राइफलमैन वाईएम कोनयक और राइफलमैन रतन सलीम के रूप में हुई है। पिछले साल भी इस इलाके में जवानों पर हमला हुआ था: उग्रवादियों ने नवंबर 2019 में भी चंदेल जिले के पास ही असम राइफल्स के कैंप पर हमला किया था। कैंप पर बम फेंके गए थे। इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी हुई थी। बाद में उग्रवादी भाग निकले थे।


इस हमले में सेना का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ था। आजादी के बाद से असम राइफल्स के 750 जवान शहीद हुए: आजादी के बाद से उग्रवादियों के साथ लड़ाई में असम राइफल्स के 750 से अधिक जवान शहीद हो चुके हैं। माना जाता है कि उग्रवादी संगठनों को चीन से हथियार और आर्थिक मिलती है।


इनके जरिए चीन को उत्तर-पूर्व में अपना नेटवर्क बनाए रखने में मदद मिलती है। 2020 की शुरूआत में एनआईए ने चार्जशीट दायर की थी: 2020 की शुरूआत में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के खिलाफ एक चार्जशीट दायर की थी। 15 नवंबर 2017 में पीएलए और मणिपुर नागा पीपुल्स फ्रंट (एमएनपीएफ) ने चंदेल जिले में असम राइफल्स की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया था। इसमें एक जवान शहीद हुआ था, जबकि दो उग्रवादी मारे गए थे।/span>


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