पाकिस्तान में भीषण हादसा: कराची में लैंडिंग से पहले से एयरलाइंस का पैसेंजर प्लेन रिहाइशी इलाके में क्रैश, 5 साल के बच्चे समेत 35 के शव निकाले गए, 98 लोग थे सवार



कराची। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का एक पैसेंजर प्लेन शुक्रवार को कराची के रिहाइशी इलाके में क्रैश हो गया। पीआईए की फ्लाइट पीके 8303 लाहौर से कराची आ रही थी। एयरपोर्ट से कुछ किलोमीटर की दूरी पर और लैंडिंग से चंद मिनट पहले प्लेन का इंजन फेल हो गया। उसमें आग लग गई और वह जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही क्रैश हो गया। प्लेन में 91 यात्री और 7 क्रू मेंबर में सवार थे


इनमें 51 पुरुष, 31 महिलाएं और 9 बच्चे शामिल थे। जिओ न्यूज के मुताबिक, अब तक 35 शव निकाले गए हैं। इनमें एक 5 साल का एक बच्चा और एक सीनियर जर्नलिस्ट अंसारी नकवी भी शामिल हैं। बैंक आफ पंजाब के प्रेसीडेंट जफर मसूद भी विमान में सवार थे, हालांकि वे सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हादसे पर कहा कि अभी हमारी प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य हैं।


यह प्लेन कराची में मॉडल कॉलोनी के जिन्ना गार्डन इलाके में गिरा। वहां कई घरों में आग लग गई। इस इलाके को मलीर भी कहा जाता है। पाकिस्तान की सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को इंजन फेल हो जाने के बारे में बताया, लेकिन लैंडिंग से ठीक एक मिनट पहले संपर्क टूट गया।


आखिरी बातचीत में पायलट ने कहा था- इंजिन फेल हो गया: विमान के पायलट की एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बातचीत का आखिरी आॅडियो सामने आया है। इसमें पायलट ने कहा था कि इंजन फेल हो गया है। अधिकारियों ने लैंडिंग के लिए दोनों रनवे खाली करवा लिए थे, लेकिन पायलट ने विमान घुमा दिया। एटीसी का कहना है कि पायलट ने किस वजह से ऐसा किया, यह अभी जांच का विषय है।


पायलट ने प्लेन को रिहाइशी इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की: पायलट का नाम सज्जाद गुल है। चश्मदीदों का कहना है कि पायलट ने प्लेन को रिहाइशी इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की। इसी वजह से कम घरों को नुकसान पहुंचा। प्लेन में एक को-पायलट और तीन एयर होस्टेस भी थीं। पीआईए के प्रवक्ता ने जियो न्यूज से कहा- यह प्लेन ए-320 था और 15 साल पुराना था। पाकिस्तान की एयरपोर्ट अथॉरिटी पर सवाल: जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के काफी पास तक दो से तीन मंजिला मकान बने हुए हैं। जबकि एयरपोर्ट के इतने नजदीक घर बनाने की इजाजत नहीं होनी थी। अगर एयरपोर्ट के पास रिहाइशी इलाके की इजाजत नहीं होती तो शुक्रवार को हुए इस हादसे की वजह से घरों में आग नहीं लगती।


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