भारी बारिश ने कई राज्यों में मचाई तबाही, अब तक 170 लोगों की मौत, कई लोग लापता



नई दिल्ली। देश के कईं राज्यों में अब भी दक्षिण-पश्चिम मानसून कहर बरपा रहा है। इनमें केरल, कर्नाटक, गुजरात और महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं क्योंकि यहां भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ में अब तक 170 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। अकेले केरल में 72 लोगों की मौत और 58 लोगों के लापता होने की सूचना है। वहीं कर्नाटक में 40 लोगों की मौत हुई है जबकि 14 लापता हैं और 5 लाख से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। केरल में 1.25 लाख और महाराष्ट्र के 2.85 लाख लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं


केरल में बाढ़ और बारिश की सबसे अधिक मार वायनाड और कोझिकोड पर पड़ी है। यहां करीब 25-25 हजार लोग बेघर हुए हैं। वायनाड में बाढ़ में फंसे एक नवजात बच्चे को सेना के जवानों ने सुरक्षित निकाला है। राज्य में वर्षाजनित घटनाओं में अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है। आठ जिलों में आठ अगस्त से भूस्खलन की 80 घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। सबसे प्रभावित जिलों में एक वायनाड में बाणासुरसागर बांध के चार दरवाजों में से एक को अतिरिक्त पानी को छोड़ने के लिए तीन बजे खोल दिया गया।


केरल की कई ट्रेनें रद कर दी गई हैं। कोच्चि एयरपोर्ट के एक अधिकारी के अनुसार उड़ान संचालन रविवार पूर्वाह्न तक बहाल हो सकेगा। केरल के इन जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट केरल के एनार्कुलम, कोझिकोड, वायनाड और कन्नूर में मौसम विभाग ने भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इससे राज्य में 2018 में अगस्त में आई भयावह बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। कर्नाटक में वर्षाजनित घटनाओं में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है।


मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इसे 45 सालों में आई सबसे बड़ी आपदा बताते हुए मूसलाधार बारिश और बाढ़ से 6,000 करोड़ रुपये के नुकसान होने की बात कही है। उनकी सरकार ने केंद्र से राहत के रूप में 3,000 करोड़ रुपये की मांग की है। 2.35 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कोल्हापुर और सांगली में सुधार के संकेत: विभिन्न क्षेत्रों से पानी घटने के चलते महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत नजर आने लगे हैं।


सांगली जिले के पालुस तहसील में ब्रह्मनाल गांव के समीप बृहस्पतिवार को नौका पलटने की घटना में तीन और शव मिले हैं। इस तरह इस घटना में मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। कई अन्य के लापता होने की आशंका है। अब तक राज्य में वर्षाजनित घटनाओं में 29 लोगों की मौत हो चुकी है। कोल्हापुर और सांगली जिलों में नौसेना की 26 टीमें तैनात हैं। गुजरात में भारी बारिश के चलते पिछले 24 घंटे में 11 लोगों की मौत हुई है। वहीं शनिवार को मोरबी में उमिया सर्कल, कांडला बाईपास के पास एक कंपाउंड की दीवार गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई। इस तरह वर्षाजनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि अगले 24 घंटे सौराष्ट्र और कच्छ में जोरदार बारिश की संभावना है। इस बीच, उकाई बांध और सरदार सरोवर बांध सहित लगभग 17 बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं। 

loading...

वेब खबर

वेब खबर



प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति