फ्रांस आज रक्षामंत्री की मौजूदगी में भारत को सौंपेगा पहला लड़ाकू विमान राफेल, राजनाथ इसमें भरेंगे उड़ान



पेरिस। फ्रांस मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में भारत को पहला राफेल लड़ाकू विमान सौंपेगा। वहीं, पेरिस रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि राफेल सौंपे जाने को लेकर हर कोई उत्साहित है। राफेल विमान आधिकारिक तौर पर भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएगा


हर भारतीय इसका गवाह बनेगा। राजनाथ आज फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी मुलाकात करेंगे। वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल एचएस अरोड़ा भी रक्षा मंत्री के साथ होंगे। राजनाथ तीन दिन के दौरे पर फ्रांस पहुंच चुके हैं।


उन्होंने ट्विटर पर कहा कि भारत फ्रांस के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। हाल के वर्षों में भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती आई है। दोनों देशों के रिश्ते को और गहरा करना है।


राजनाथ फ्रांस में ही शस्त्र पूजा भी करेंगे: जानकारी के मुताबिक, पायलटों और अधिकारियों के प्रशिक्षण के बाद मई 2020 में राफेल भारत पहुंचने लगेगा। सिंह विजयादशमी के अवसर पर फ्रांस में ही शस्त्र पूजा भी करेंगे और राफेल लड़ाकू जेट में उड़ान भी भरेंगे।


2016 में डील हुई थी: राफेल लड़ाकू विमान डील भारत और फ्रांस की सरकार के बीच सितंबर 2016 में हुई थी। इसमें वायुसेना को 36 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान मिलेंगे। यह सौदा 7.8 करोड़ यूरो (करीब 58,000 करोड़ रुपए) का है। कांग्रेस का दावा है कि यूपीए सरकार के दौरान एक राफेल फाइटर जेट की कीमत 600 करोड़ रुपए तय की गई थी। मोदी सरकार के दौरान एक राफेल करीब 1600 करोड़ रुपए का पड़ेगा। भारत अपने पूर्वी और पश्चिमी मोर्चों पर वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए राफेल ले रहा है। वायुसेना राफेल की एक-एक स्क्वॉड्रन हरियाणा के अंबाला और पश्चिम बंगाल के हशीमारा एयरबेस पर तैनात करेगी।

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