करनाल में किसानों की महापंचायत: टिकैत ने सरकार पर बोला हमला, कहा-जवानों और किसानों ने कानून वापसी का नारा लगाया है, गद्दी वापसी का नारा नहीं लगाया



नई दिल्ली। किसान आंदोलन का आज यानी रविवार को 81वां दिन है। इस बीच, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने हरियाणा के करनाल में आयोजित किसान महापंचायत में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, अभी जवानों और किसानों ने कानून वापसी का नारा लगाया है। हमने गद्दी वापसी का नारा नहीं लगाया। सरकार आप बनाते रहो, चलाते रहो। सरकार किसी की भी हो, हम सरकार से किसानों के लिए पॉलिसी पर बात करेंगे। वहीं, हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर किसान घर पर होते तो उनकी मौत नहीं होतीं


क्या 6 महीने में 200 लोग भी नहीं मरेंगे? किसानों की मौतें उनकी इच्छा से हुई है। हालांकि बाद में दलाल ने सफाई भी दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उधर, दिल्ली में 26 जनवरी की हिंसा और फिर आंदोलन स्थलों पर हुई पत्थरबाजी के बाद किसान संयुक्त मोर्चा ने अंदरूनी निगरानी बढ़ा दी है। इसके लिए 150 के करीब वॉलंटियर लाठी और वॉकी टॉकी के साथ जगह-जगह तैनात हैं। वही पूरे दिन ट्रैफिक व्यवस्था भी संभालते हैं। पिछले दिनों बंद रहे इंटरनेट को देखते व्यवस्था के लिए कम्युनिकेशन सिस्टम दुरुस्त किया गया है।


रेल रोको आंदोलन के लिए बटालियन बुलाई: वहीं, दूसरी ओर तीनों कृषि कानूनों की मांग को लेकर कुंडली बॉर्डर पर बैठे किसान अब सरकार पर दबाव बनाने के लिए 18 फरवरी को देशभर में रेल रोको आंदोलन करेंगे। ऐसे में रेलवे प्रशासन ने सोनीपत रेलवे स्टेशन परिसर और रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। दो रिजर्व बटालियन बुलाई हैं। 4 घंटे के लिए रेल रोको आंदोलन को लेकर भी रणनीतियां बनाई जा रही हैं। धरनास्थलों पर बैठे किसान आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए और तेज करने की रणनीतियां बना रहे हैं।


अंतिम फैसला संयुक्त मोर्चा की बैठक में होना है कि आगे आंदोलन को किस तरीके से आगे बढ़ाना है। फिलहाल आह्वान किया कि किसी भी कीमत में आंदोलन स्थल पर अशांति न हो और आवागमन व्यवस्था बेहतर रहे। किसान नेता टिकैत बोले- मांगें पूरी होने तक डटे रहेंगे: उधर, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने एक बार फिर कहा कि केंद्र सरकार के विवादित कृषि कानूनों का विरोध तब तक तेज होता रहेगा जब तक कि किसानों की मांगें नहीं मानी जातीं। टिकैत ने यह भी कहा कि गर्मियों में धरना स्थलों पर टिकने के लिए किसानों को एसी और कूलर की जरूरत पड़ेगी।


ऐसे में सरकार को बिजली कनेक्शन देने चाहिए नहीं तो हमें जेनरेटर लगाने पड़ेंगे। जिस तरह लोग हमें पानी उपलब्ध करवा रहे हैं, उसी तरह जेनरेटर के लिए डीजल भी मुहैया करवा देंगे। गांधीजी की पोती भी आंदोलन में पहुंचीं थीं: शनिवार को महात्मा गांधी की पोती तारा गांधी भट्टाचार्य ने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचकर किसान आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने किसानों से कहा कि आपका आंदोलन बहुत सच्चा है, यह अपने आप पता चलता है। मैं सच के साथ हूं और हमेशा रहूंगी। 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च से 16 किसान लापता: किसान नेताओं का दावा है 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च में शामिल 16 किसान अब भी लापता हैं। जबकि करीब 122 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सिंघु बॉर्डर पर मीडिया से चर्चा में किसान नेता कुलदीप सिंह ने लाल किला हिंसा को साजिश बताया। उन्होंने इसे बेनकाब करने के लिए पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के रिटायर जज से जांच कराने की मांग की।&


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