अफसरों की शिकायत लेकर दिग्गी पहुंचे चुनाव आयोग: कहा- जो भाजपा का साथ दे रहे हैं, हमे ऐसे तत्वों से निपटना आता है, सीएम ने अफसरों को धमकाने का लगाया आरोप



भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेताओं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह पर बड़ा आरोप लगाते हुए अफसरों को धमकाने आ आरोप लगाया है। मंगलवार को दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग से शिकायत की। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी और तत्व समझ ले जो नियम विरुद्ध भाजपा का साथ दे रहे हैं, हम सत्ता में रहे या ना रहे वैसे तो हम रहेंगे लेकिन हमें ऐसे तत्वों से निपटना अच्छे से आता है। उन्होंने शिवराज सरकार अफसरों पर दबाव बनाकर चुनाव जीतना चाहती है। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि 'अपनी संभावित पराजय से बौखला कर कांग्रेस के नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह, आजकल कर्मचारियों और अधिकारियों को धमका रहे हैं। रोज धमकी दी जा रही है, हम देख लेंगे, निपट लेंगे, हम निपटा देंगे। आखिर उनका भी आत्मसम्मान होता है


उनके मनोबल को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, उनका अपमान किया जा रहा है। धमकाना भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इसलिए मैं माननीय चुनाव आयोग से निवेदन करता हूं कि वह मामले में स्वत: संज्ञान ले और धमकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे।' असल में, सोमवार को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की शिकायत पर अशोकनगर कलेक्टर और एसपी को चुनाव आयोग ने हटा दिया। इनके स्थान पर पदस्थ किए कलेक्टर ने देर शाम पदभार ग्रहण किया वहीं एसपी के भी रात तक पदभार ग्रहण करने की संभावना है। मंगलवार को भी दिग्विजय सिंह ने 3 माह 10 दिन पहले जिले में पदस्थ हुए कलेक्टर अभय वर्मा और 8 माह 12 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया को चुनाव आयोग के निर्देश पर हटा दिया।


जिले में कलेक्टर के रूप में वर्ष 2009 बैच की आईएएस प्रियंका दास को पदस्थ किया है, जबकि पूर्व में करीब 2.5 साल से अधिक समय तक पुलिस कप्तान रहे तरूण नायक को दूसरी बार एसपी पदस्थ किया है। वर्ष 2018 के मुंगावली उपचुनाव में हुई थीं कुल 43 शिकायतें: वर्ष 2018 मुंगावली उपचुनाव में निर्वाचन विभाग के पास 43 शिकायतें हुई थीं। इनमें 28 शिकायतें कांग्रेस, 14 शिकायत भाजपा और एक अन्य शिकायत थी। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर बीएस जामोद को हटा दिया था। हालांकि आचार संहिता हटने के बाद वापस उनको यहीं पर पदस्थ कर दिया था। चुनाव में मुंगावली आरओ, टीआई सहित जिले के कई अधिकारियों को कांग्रेस की शिकायत पर तब भी जिले से हटाया गया था।


कमलनाथ ने लगाया था भाजपा का अफसरों: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उपचुनाव में निचले स्तर के पुलिस सहित अन्य सरकारी कर्मचारियों पर भाजपा के पक्ष में काम करने का दबाव डाला जा रहा है. इसकी शिकायत करते हुए उ0न्होंने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. मार्च से अब तक कांग्रेस के 25 विधायक त्यागपत्र देने के बाद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। दिग्विजय से एउ ने प्रताड़ना का आरोप लगाया था: पहले 16 और फिर 24 अक्टूबर चुनाव आयोग में शिकायत करते हुए दिग्विजय सिंह ने पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस वालों पर एससी और एसटी वोटरों को डराने धमकाने का आरोप लगाया था। दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवारों के रिश्तेदारों के साथ पुलिस मारपीट और प्रताड़ित करने की भी शिकायत की।


अपनी शिकायत में उन्होंने कहा पार्टी कार्यकतार्ओं के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज हो रहे हैं। जिसके खिलाफ शिकायत की जा रही है उसी को जांच अधिकारी बनाया जा रहा है। दिग्विजय सिंह ने भाजपाइयों के उपचुनाव वाली सीटों पर पैसे बांटने से लेकर प्रशासकीय तंत्र के दुरुपयोग को लेकर कई शिकायतें दर्ज करायी हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कांग्रेस पार्टी ऐसे अफसरों की सूची तैयार कर रही है जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। भोपाल आईजी को हटाने की मांग भी कर चुके हैं: कांग्रेस ने आज तीन नई शिकायतें भी आयोग से की है इसमें भोपाल रेंज के आईजी उपेंद्र जैन को हटाने की मांग शामिल है। उन पर ब्यावरा विधानसभा सीट को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उपेंद्र जैन राजगढ़ के मूल निवासी हैं। करैरा विधानसभा सीट के थाना दिनारा के टीआई रिपु दमन सिंह को हटाने की मांग की.उन पर कांग्रेस कार्यकतार्ओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। मुरैना के एसपी अनुराग सुजानिया और सुमावली विधानसभा के तीन थाना प्रभारियों को तत्काल हटाने की मांग की। इन पर कांग्रेस कार्यकतार्ओं के साथ मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप है।


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