मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का बड़ा बयान: कहा- बच्चों का कुपोषण दूर करने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर अब बच्चों को अंडे की जगह दिया जाएगा दूध



भोपाल। मध्य प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा दिया जाएगा या दूध। इस चर्चा पर विराम लगाते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान का बड़ा बयान आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को दूध पिलाया जाएगा। उन्होंने कहा, "कुपोषण दूर करने के लिए बच्चों को अंडा नहीं दूध का वितरण किया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्रों में दूध देने का अभियान शुरू किया जाए।" मुख्यमंत्री भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पीएम मोदी की जीवन पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन करने पहुंचे थे


हालांकि आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा और दूध को वितरण को लेकर हफ्ते भर पहले शिवराज सरकार में महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी कह चुकी हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा बांटा जाएगा और जो बच्चे अंडा नहीं लेंगे। उन्हें फल और दूध दिया जाएगा। अंडा बांटने का फैसला कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में लिया गया था और तब इमरती देवी ही महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री थीं। उस वक्त ये तय हुआ था कि जो बच्चे अंडा नहीं लेंगे, उन्हें फल का वितरण किया जाएगा। इसका भाजपा ने जमकर विरोध किया था। सरकार बदली तो सिंधिया समर्थक मंत्री इमरती देवी भी भाजपा में आ गईं और वही विभाग इन्हें शिवराज सरकार में भी मिल गया।


इसके बाद भी मंत्री का सुर नहीं बदला और वह आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा बांटने के बयान देती रहीं। शिवराज ने दूध देने की बात कहकर लगाया चर्चा पर विराम: मध्य प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषण दूर करने के लिए अंडा नहीं दूध दिया जाएगा। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ये बयान देकर इस तरह की चर्चा पर विराम लगा दिया है। सीएम शिवराज ने कैबिनेट की बैठक में भी आंगनबाड़ी केंद्रों दूध वितरित करने के निर्देश दे दिए हैं। हफ्ते भर पहले भोपाल में एक कार्यक्रम में इमरती देवी ने कहा था कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडे परोसे जाएंगे। हालांकि इमरती देवी ने कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में अंडा वितरित करने के साथ ही व्यवस्था आॅप्शनल होगी। अंडा नहीं खाने वाले छात्रों के फल दिया जाएगा।


विपक्ष ने कहा- बच्चों को क्या देना है ये तय कर लो: कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सैयद जफर ने कहा कि शिवराज सिंह, पहले भी कुपोषण को लेकर चर्चा में रहे हैं। आज फिर हैं क्योंकि आप बच्चों को क्या देना, क्या नही। यही तय नही कर पा रहे हैं। कभी मंत्री कहती है अंडा देना है। आप कहते हो दूध देना है। देना क्या है बच्चों को ये तय कर लो। प्रदेश में कुपोषण की स्थिति लगातर बिगड़ रही है। बच्चे जान से जा रहे हैं। चुनाव होते रहेंगे लेकिन बच्चे कुपोषित ना हो ऐसी व्यवस्था कर दीजिए। मध्यप्रदेश में कुपोषण को दूर करने की जरूरत है। देश में मध्य प्रदेश में सर्वाधिक 42.8 प्रतिशत अर्थात 48 लाख बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। प्रदेश के 68.9 प्रतिशत बच्चे खून की कमी के शिकार हैं।


पीएम मोदी के जन्मदिन को गरीब कल्याण सप्ताह के रूप में मनाएंगे: सीएम: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश में 16 सितंबर से 23 सितंबर तक गरीब कल्याण सप्ताह में मंत्रियों को जन कल्याण के कार्यक्रमों में सहभागिता करने को कहा है। यह कार्यक्रम निरंतर 8 दिन राज्य और जिला स्तर पर होंगे। फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन कार्यक्रमों से लाखों लोग जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने इन कार्यक्रमों से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश सभी विभागों को दिए हैं। मोदी व्यक्ति नहीं संस्था हैं: सीएम: मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रिपरिषद की बैठक प्रारंभ होने के पूर्व मंत्रियों से चर्चा करते हुए कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिवस है। वह एक व्यक्ति नहीं संस्था हैं। उनके ह्रदय में बचपन निर्धनों के प्रति करूणा का भाव रहा है। उनके बाल्यकाल से साहस के वृतांत जानने को मिलते रहते हैं। नरेन्द्र मोदी जी ने स्वामी विवेकानंन्द का साहित्य पढ़ा और समाज सेवा के लिये जीवन अर्पित किया है। वे जिस भी संगठन से जुड़े उसे गतिशील बनाया।


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