कालेधन की लड़ाई में मिली बड़ी कामयाबी, भारतीय नागरिकों के स्विस बैंक खातों का मिला पहला ब्योरा



नई दिल्ली/बर्न। भारतीय नागरिकों के स्विस बैंक खातों का पहला ब्योरा देश को मिल गया है। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच नई आॅटोमैटिक सूचना विनिमय प्रणाली (एईओआई) से ये जानकारी मिली है। इस जानकारी को विदेशी खातों में रखे गए काले धन के खिलाफ लड़ाई में एक अहम कामयाबी माना जा रहा है


भारत उन 75 देशों में शामिल है, जिनके साथ स्विट्जरलैंड के फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफटीए) ने बैंक खातों की जानकारी साझा की है। एफटीए के प्रवक्ता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि एईओआई के वैश्विक मानदंडों के मुताबिक ये कदम उठाया गया है।


सक्रिय खातों के साथ 2018 में बंद किए खातों की जानकारी भी मिली: स्विट्जरलैंड ने भारत को सक्रिय बैंक खातों के साथ 2018 में बंद किए जा चुके खातों की जानकारी भी दी है। एईओआई प्रणाली के तहत, वित्तीय खातों के बारे में भारत को अगली सूचना सितंबर, 2020 में दी जाएगी।


  इससे पहले 1 सितंबर को स्विटजरलैंड के उच्चस्तरीय दल ने राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय समेत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी।


निकोलस मारियो लूशर के नेतृत्व में पहुंचे दल में स्विट्जरलैंड के कर विभाग के उपप्रमुख और अंतरराष्ट्रीय वित्त सचिव शामिल थे। 2014 में भारत ने स्विस बैंक खातों की जानकारी मांगी थी: जून, 2014 में भारत ने स्विट्जरलैंड से स्विस बैंकों में बेहिसाब रकम रखने वाले भारतीयों की जानकारी साझा करने की अपील की थी। भारत सरकार की तरफ से तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐसे नामों की सूची और खातों की जानकारी साझा करने को भी कहा था।

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