अनुच्छेद 370 हटने के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सोपोर से लश्कर के 8 आतंकियों को गिरफ्तार



श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के सोपोर इलाके में सोमवार को लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि सभी आतंकी दुकानदारों और आम लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। राज्य से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद आतंकियों के खिलाफ यह सबसे बड़ी कार्रवाई है


सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली थी कि लश्कर कमांडर सज्जाद अहमद मीर उर्फ अबू हैदर के निर्देश पर कुछ लोग दुकानदारों को दुकानें न खोलने की धमकी दे रहे थे। इसके लिए पोस्टर भी चिपकाए गए थे। आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस ने बारामूला जिले के कनिस्पोरा और डांगरपोरा में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।


इस दौरान पकड़े गए आठ आतंकियों से शनिवार को डांगरपोरा में एक घर में घुसकर गोलीबारी के मामले में पूछताछ की जा रही है। आतंकियों ने घर में घूसकर 30 महीने की बच्ची समेत चार लोगों को गोली मारकर जख्मी कर दिया था। हमले के बाद आतंकी भाग निकले थे। एनएसए अजीत डोभाल ने घायल लड़की को इलाज के लिए दिल्ली एम्स भेजा था।


कम्प्यूटर और अन्य सामान जब्त किए: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों में एजाज मीर, उमर मीर, तौसीफ नाजर, इम्तियाज नाजर, उमर अकबर, फैजान लतीफ, दानिश हबीब और शोकात अहमद मीर शामिल थे। उन्होंने पोस्टर तैयार किया था और इलाके में बांटे थे। पुलिस ने आतंकियों के पास से मिले कम्प्यूटर और अन्य सभी चीजों को जब्त कर लिया है।


3 अगस्त को 5 से 7 आतंकियों को मारा गया था : 5 सितंबर को भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास लश्कर के दो पाक आतंकियों को गिरफ्तार किया था। वहीं, सेना ने सोमवार को बताया था कि पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) के घुसपैठियों ने अगस्त के पहले हफ्ते में कई बार एलओसी पार करने की कोशिश की थी। 3 अगस्त को जवाबी कार्रवाई में 5 से 7 आतंकी मारे गए थे। बैट स्क्वॉड की घुसपैठ नाकाम होने के करीब एक महीने बाद सोमवार को एक वीडियो सामने आया। इसमें नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब जंगल में हथियारों से लैस आतंकियों के शव पड़े नजर आए।

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