इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बर्खास्त बीएसएफ जवान की याचिका पर पीएम को भेजा नोटिस



प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लोकसभा चुनाव 2019 में वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर उन्हें नोटिस जारी किया है। यह याचिका बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने दायर की है


तेज बहादुर यादव समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे और बाद में उनका नामांकन खारिज हो गया था। इस मामले में अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।  बता दें कि चुनाव के समय तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी खारिज हो गई थी। निर्वाचन अधिकारी ने तेज बहादुर का नामांकन रद्द कर दिया था।


नामांकन रद्द होने पर तेज बहादुर ने कहा था, 'मेरा नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया। इस मामले में मैंने सबूत दिए भी। इसके बावजूद मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया। हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।' हालांकि, बाद में उच्चतम न्यायालय ने तेज बहादुर की याचिका खारिज कर दी थी।


  बीएसएफ से एनओसी लेकर लाने का मिला था निर्देश तेज बहादुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने वाराणसी से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। नामांकन पत्रों की जांच के बाद तेज बहादुर यादव द्वारा दाखिल दो नामांकन पत्रों में बीएसएफ से बर्खास्तगी की दो अलग-अलग जानकारी सामने आई थी।


इसके बाद उन्हें 24 घंटे के अंदर बीएसएफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेकर जवाब देने को कहा गया था। तेज बहादुर से नोटिस में कहा गया था कि वह बीएसएफ से एनओसी लेकर आएं, जिसमें यह साफ किया गया हो कि उन्हें किस वजह से नौकरी से बर्खास्त किया गया था।  एसपी कैंडिडेट शालिनी यादव को मिली थी करारी शिकस्त तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद एसपी ने शालिनी यादव को अपना कैंडिडेट घोषित किया था। लोकसभा चुनाव में शालिनी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। शालिनी को 1,95,159 वोट मिले थे और वह दूसरे स्थान पर रही थीं।  

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