कड़े कदम उठाएं शिवराज...



जो हुआ, वह शर्मनाक है और उसकी प्रतिक्रिया में हो कुछ हुआ वह और भी अधिक शर्मनाक कहा जा सकता है। सीनियर आईपीएस अफसर पुरुषोत्तम शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ है। कहा जा रहा है कि शर्मा की पत्नी ने ही यह वीडियो बनाकर अपने पति को किसी पराई औरत के घर पकड़ा है। एक दूसरे वीडियो में दिखाया जा रहा है कि इस घटना से नाराज होकर शर्मा ने जमकर बीवी को पीटा। जो सामने दिख रहा है, उस पर संदेह का कोई कारण भी नहीं होना चाहिए। लेकिन यदि सरकार ने शर्मा को केवल स्पेशल डीजीपी के पद से हटाया है तो यह उसकी नीयत पर सवाल उठाता है


हैरत तब और बढ़ जाती है, जब महिला मंत्री ऊषा ठाकुर कहती हैं कि यह निजी विवाद है। यदि पीड़िता शिकायत करेगी तब प्रशासन उसका साथ देगा। यह बयान ऊषा ठाकुर की छवि के बिल्कुल विपरीत है। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इस मामले में शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने करने का आश्वासन दिया। ऐसे मामलों में तो कोर्ट भी खुद संज्ञान ले लेती है। मामला साधारण पति-पत्नी के विवाद का नहीं है, भारतीय पुलिस सेवा के पुलिस महानिदेशक जैसे तमगे से सजे एक आला अफसर का है।


जिस निर्दयता से यह अफसर अपनी पत्नी को पीट रहा है क्या वो पुलिस की आम छवि से मेल नहीं खाती? एक सवाल यह भी है कि आखिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान क्यों इस मसले पर अपनी छवि के अनुरूप कार्यवाही नहीं कर रहे हैं! चौहान तो महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर बहुत संवेदनशील हैं। वह देश के पहले मुख्यमंत्री रहे, जिसने नाबालिगों से रेप के दोषियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया। यह शिवराज ही हैं, जिन्होंने नाबालिगों के साथ यौनाचार के मामले के आरोपी प्यारे मियां के अवैध निर्माण तोड़े।


उसे अधिमान्य पत्रकारों की फेहरिस्त से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। शिवराज के सख्त रवैये का ही असर है कि वो अभी तक जेल की सलाखों के पीछे है। लाड़ली लक्ष्मी और जननी सुरक्षा जैसे महिला के हितों वाले कार्यक्रम लागू करने के बाद शिवराज इस मसले पर की गयी कार्यवाही से क्या वाकई संतुष्ट हैं? दोषी डीजी को लोक अभियोजन से हटाकर गृह विभाग में पदस्थ कर देना क्या कोई कार्रवाई मानी जा सकती है। सख्त तो बिल्कुल भी नहीं। निश्चित ही परस्त्री गमन का यह पहला मामला नहीं है। ऐसे पारिवारिक विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं।


लेकिन यह मामला एक आला पुलिस अफसर का है। उस पूरे पुलिस महकमे की छवि का है, जिस पर राज्य के अन्य नागरिकों की ही तरह महिलाओं की हिफाजत का जिम्मा भी है। क्या इस वीडियो के आने के बाद शर्मा बेगुनाह साबित हो सकते हैं? अगर कानूनी प्रक्रिया के तहत ऐसा होता भी है तो उन्हें कड़ी कार्यवाही के दायरे में लाया ही जाना चाहिए। जो शख्स इतना होने के बाद भी गृह विभाग जैसी महत्वपूर्ण मंत्रालय में जिम्मेदारी निभाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कदम उठाने का कोई अफसर भला क्या साहस दिखा पाएगा। ये साहस शिवराज को दिखाना होगा। यह एक बार फिर साफ करना होगा कि राज्य में किसी भी स्तर पर ऐसा आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी टीवी चैनल देख लीजिए। सब जगह इस घटना का वीडियो दिखाया जा रहा है। यानी प्रदेश की छवि हर जगह कलंकित हो रही है। ऐसे में तो और जरूरी हो जाता है कि मुख्यमंत्री आरोपी के खिलाफ बहुत कड़ा कदम उठाएं।


प्रकाश भटनागर

प्रकाश भटनागर

प्रकाश भटनागर वरिष्ठ पत्रकार हैं और भोपाल तथा इंदौर से प्रकाशित एल एन स्टार दैनिक समाचार पत्र के संपादक है। यह कालम अखबार के प्रथम पृष्ठ पर पहले कालम में प्रकाशित होता है, उसी को हम वेबखबर में भी प्रकाशित करते हैं। प्रकाश पिछले तीन दशक से भोपाल के कई प्रमुख अखबारों, दैनिक देशबंधु रायपुर और भोपाल, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण सहित अन्य अखबारों में काम करते रहे हैं। लेखक अपनी तल्ख राजनीतिक टिप्णियों और विश्लेषण के कारण मध्यप्रदेश की पत्रकारिता में अपनी विशेष पहचान रखते हैं।



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