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Mission Artemis : बस आठ साल और, फिर चांद होगा हमारे घर का पता, वहीं करेंगे काम

2030 तक चांद पर रहने लगेगा इंसान, NASA को उम्मीद

Washington. चलो दिलदार चलें चांद के पार चलें, यादगार हिंदी फिल्म पाकीज़ा के इस गीत में कवि का सपना जल्द साकार होता दिख रहा है। आप भी यदि चाँद पर अपना घर बसाना चाहते हैं तो शुरू कर दें तैयारी। नासा के अधिकारी का दावा है कि बस, अब खत्म होने वाला है इंतजार। आठ साल बाद यानी 2030 तक चांद पर रहने लगेगा इंसान।

नासा के ओरियन चंद्र अंतरिक्ष यान कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हॉवर्ड हू ने कहा कि इंसान 2030 से पहले चांद पर एक्टिव हो सकते हैं। नासा के इस अधिकारी ने बीबीसी से चर्चा में बताया कि चाँद पर रहने का सपना इस दशक में पूरा हो सकता है। इंसान लंबे समय तक चांद पर रह सकता है। नासा के अधिकारी हॉवर्ड हू ने ओरियन चंद्र अंतरिक्ष यान कार्यक्रम के लक्ष्यों की जानकारी देते हुए बताया कि चाँद पर इंसानों के रहने के लिए बस्ती होंगी और उनके काम को समर्थन करने के लिए रोवर्स होंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान हम लंबी अवधि तक चांद पर रह सकते हैं।वहां इंसानों के रहने लायक जगह होगी, उनके पास जमीन पर रोवर्स होंगे। मिशन के तहत हम चांद की जमीन पर इंसानों को भेजेंगे और वहां रहकर वैज्ञानिक काम करेंगे।वहां के वातावरण से वैज्ञानिक जल्द ही फ्रेंडली हो जाएंगे।

नासा ने 50 साल बाद लॉन्च किया अपना मिशन
नासा ने लगभग 50 साल के लंबे अंतराल के बाद चंद्रमा पर अपने मिशन को दोबारा लॉन्च कर दिया है। इस अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने बीते सप्ताह अपने चांद पर इंसानी मिशन की शुरुआत कर दी है। नासा ने तीसरे प्रयास में आर्टेमिस-1 मिशन लॉन्च किया है। 50 साल पहले नासा ने चंद्रमा पर अपोलो मिशन भेजा था। जानकारी के मुताबिक, 32 मंजिल के बराबर ऊंचाई वाले अंतरिक्ष लांच सिस्टम (एसएलएस) रॉकेट को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया।

322 फीट लंबा शक्तिशाली रॉकेट
नासा के अंतरिक्ष रॉकेट आर्टेमिस-1 और ऑरियन स्पेसक्रॉफ्ट की पहली परीक्षण उड़ान है। 322 फुट (98 मीटर) लंबा यह रॉकेट नासा द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। इससे बिना चालक दल वाले ऑरियन स्पेसक्राफ्ट को चांद पर छोड़ा गया। ऑरियन करीब 42 दिनों तक चांद पर परीक्षण करेगा।

तीन साल बाद तीसरा चंद्र मिशन
यह नासा के आर्टेमिस चंद्र कार्यक्रम का पहला मिशन होगा। नासा 2025 में अपने तीसरे मिशन द्वारा अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने की योजना पर काम कर रहा है। यह नासा के आर्टेमिस चंद्र कार्यक्रम का तीसरा मिशन होगा। चांद के समीप जाने से पहले उसकी सतह से 60 मील ऊपर ओरियन उपग्रह से परीक्षण की योजना पर नासा काम कर रहा है।

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