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महंगाई से मिली बड़ी राहत, रिटेल के बाद थोक महंगाई के आंकड़ों में भी भारी गिरावट

महंगाई के मोर्च पर आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।रिटेल के बाद थोक महंगाई के आंकड़ों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है।

महंगाई के मोर्च पर आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।रिटेल के बाद थोक महंगाई के आंकड़ों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च में थोक महंगाई दर 1।34% रही। इससे पहले फरवरी में थोक महंगाई दर 3।85% रही थी।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च में थोक महंगाई दर 29 महीनों के सबसे निचले स्तर पर फिसल गई है।इससे पहले रिटेल महंगाई दर में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।मार्च में रिटेल महंगाई दर 5।66% रही। जोकि 15 महीने का सबसे निचला स्तर भी है।कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के मुताबिक होलसेल महंगाई दर मासिक आधार पर 3।85% से घटकर 1।34% रही।खाद्य महंगाई WPI भी मामूली गिरावट के साथ 2।32% रही। जोकि फरवरी में 2।76% थी। प्राइमरी आर्टिकल WPI 3।28% से घटकर 2।40% रही। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट WPI भी 1।94% से घटकर -0।77%  रही।खाद्य तेल WPI -13।99% से घटकर -21।33% हो गई है।हालांकि, जनवरी संशोधित WPI 4।73% से बढ़कर 4।80% रही।कोर होलसेल महंगाई दर 2।4% से घटकर 0।1% हो गई है।

रिटेल महंगाई भी 6% के नीचे फिसली

खुदरा महंगाई दर मार्च में CPI यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स 5।66% रहा। जबकि फरवरी में यह 6।44% रहा था। बीते महीने खुदरा महंगाई 15 महीने के निचले स्तर पर रही। मार्च में महंगाई का यह आंकड़ा RBI के तय दायरे के अंदर है। बता दें कि मार्च 2022 में महंगाई दर 6।44% रही थी। फूड इंफ्लेशन रेट बीते महीने 4।79% रहा, जो फरवरी में 5।95% रहा था। मंथली आधार पर इसमें बड़ी गिरावट आई है। बता दें कि जनवरी में CPI इंफ्लेशन रेट 3 महीने के उच्चतम स्तर पर 6।52% पर पहुंच गया था।

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