होम हाई कोर्ट
high-court-denounces-guna-collector-guilty-of-cont

हाई कोर्ट ने गुना कलेक्टर को माना अवमानना का दोषी, सजा सुनाने के लिए किया तलब

बलराम पटवा ने हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रवींद्र दीक्षित ने तर्क दिया कि गुना जिले के राघवगढ़ में जमीन कब्रिस्तान के लिए अलॉट की गई थी, लेकिन इंतजामिया कमेटी ने उस जमीन पर 60 दुकानों का निर्माण करा दिया है। कोर्ट ने वर्ष 2009 में आदेश दिया कि कलेक्टर मामले की जांच करें और जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। इसके बाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आदेश को यथावत रखा। इसके बाद फिर से हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई।  आगे पढ़ें

gujarat-high-court-questions-on-auto-drivers-quest

आटो ड्राइवर की अर्जी पर गुजरात हाईकोर्ट का राज्य सरकार से सवाल- किसी को क्यों नहीं मिल सकता नास्तिक का दर्जा?

उपाध्याय ने कोर्ट को बताया था कि उनका जन्म एक हिंदू गरोडा ब्राह्मण परिवार में हुआ था, जिससे वह अनुसूचित जाति में आते थे। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने पूरी जिंदगी जातिगत भेदभाव झेला है जिस वजह से वह धर्म छोड़ना चाहते हैं। उपाध्याय ने हाईकोर्ट से यह अफील भी की है कि राज्य सरकार को धर्म की आजादी कानूनी में संशोधन करने के निर्देश दिए जाएं। इस कानून के तहत किसी भी नागरिक को अपना धर्म बदलने के लिए जिला कलेक्टर से इजाजत लेना जरूरी होता है। साल 2003 में गुजरात सरकार ने एक कानून लाकर धर्म बदलने के लिए राज्य अधिकारियों ने इजाजत लेना जरूरी कर दिया था।  आगे पढ़ें

why-the-hoykort-question-from-the-state-government

राज्य सरकार से होईकोर्ट का सवाल, भोपाल को ही क्यों मिलती हैं नई स्वास्थ्य सुविधाएं

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ.पीजी नाजपांडे की ओर से यह जनहित याचिका दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में अधीक्षक के पद पर आसीन सीनियर डॉक्टर से प्रबंधन के अलावा अन्य कार्य भी कराए जाते हैं जबकि ग्वालियर बेंच में सरकार द्वारा पेश जवाब के अनुसार अधीक्षक का पद पूर्णकालिक है। इसके बावजूद यहां अधीक्षक से अध्यापन, चिकित्सा व अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं। इससे मेडिकल कॉलेज अस्पताल का प्रबंधन समुचित तरीके से नहीं हो पा रहा है।  आगे पढ़ें

challenge-challenging-bjp-legislator-devendra-verm

हाईकोर्ट में खंडवा से भाजपा विधायक देवेन्द्र वर्मा के निर्वाचन को चुनौती

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में खंडवा विधानसभा से भाजपा विधायक देवेंद्र वर्मा के निर्वाचन को चुनौती दी गई है। न्यायमूर्ति मोहम्मद फहीम अनवर की एकलपीठ ने खंडवा विधानसभा चुनाव में उपयोग की गई अविवादित ईवीएम लोकसभा चुनाव के लिए मुक्त करने का आदेश दिया है। एकलपीठ ने विवादित ईवीएम को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है।  आगे पढ़ें

madhy-pradesh-high-court-ne-najul-bhumi-ghoshit-ka

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नजूल भूमि घोषित करने पर लगाई रोक

न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।इस दौरान याचिकाकर्ता मुलताई बैतूल निवासी पुनियाबाई मेहरा की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि 28 फरवरी 2017 व 13 अगस्त 2017 के दो आदेशों के जरिए याचिकाकर्ता की सेवाभूमि को नजूल भूमि घोषित करने की तैयारी कर ली गई  आगे पढ़ें

cbi-kes-raakesh-asthaana-kee-yaachika-par-aaj-aaeg

सीबीआई केस: राकेश अस्थाना की याचिका पर आज आएगा फैसला

न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने अलग-अलग याचिकाओं पर 20 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। राकेश अस्थाना ने अपनी याचिका में कहा था कि तत्कालीन सीबीआइ निदेशक आलोक वर्मा ने उन पर जो केस दर्ज किया, उसमें कानूनी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, जबकि वर्मा ने इसके जवाब में हाई कोर्ट में कहा था कि सही प्रक्रिया के तहत केस दर्ज किया गया था।  आगे पढ़ें

dillee-haeekort-ne-kaarobaariyon-ko-raahat-der-se-

दिल्ली हाईकोर्ट ने कारोबारियों को राहत, देर से रजिस्ट्रेशन पाने वाले भी आफलाईन भर सकते हैं रिर्टन

जस्टिस रवींद्र भट्ट और जस्टिस प्रतीक जालान की बेंच ने एक याची को मैन्युअल रिटर्न भरने की छूट दी है और इसके लिए जीएसटीएन सहित संबंधित एजेंसियों को निर्देश भी दिया है। याची की पहले एक पार्टनरशिप फर्म थी, जो डिजॉल्व हो गई और उसने प्रोपराइटरशिप के पैन से जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया और प्रोविजनल आईडी भी ले लिया, लेकिन सिस्टम में उसका पैन प्रोपराइटरशिप की जगह डिजॉल्व फर्म के नाम से आने के चलते मिसमैच में डाल दिया गया। कई कोशिशों के बाद भी जब रजिस्ट्रेशन नहीं मिला तो याची फर्म ने नए सिरे से जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया जो मई 2018 में मिला।  आगे पढ़ें

high-kort-khaarij-kee-sajjan-kumaar-kee-yaachika-n

होई कोर्ट खारिज की सज्जन कुमार की याचिका, नहीं बढ़ेगी सरेंडर की अवधि

उच्च न्यायालय ने गत 17 दिसंबर को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अदालत ने कुमार को निर्देश दिया था कि वह 31 दिसंबर तक आत्मसमर्पण कर दें, लेकिन उन्होंने पारिवारिक कामकाज खत्म करने के लिए थोड़ा समय मांगा था।  आगे पढ़ें

sikh-virodhee-danga-maamale-mein-sajjan-kumaar-dos

सिख विरोधी दंगा मामले में सज्जन कुमार दोष करार, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला पढ़ते हुए कहा, '1947 की गर्मियों में बंटवारे के वक्त कई लोगों की हत्या की गई थी। 37 साल बाद दिल्ली में ऐसी ही घटना घटी। आरोपी राजनीतिक संरक्षण का फायदा उठाकर सुनवाई से बच निकले।' जस्टिस एस मुरलीधर और जस्टिस विनोद गोयल की बेंच ने यह फैसला सुनाया।  आगे पढ़ें

bhagode-heera-vyavasaayaaree-neerav-ka-avaidh-bang

भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव का अवैध बंगला ढहाया, और ढहाई जाएंगी 58 निजी संपत्तियां

सरकारी वकील पी. बी. काकोडे ने मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटिल और न्यायाधीश एम. एस. कार्णिक की खंडपीठ को यह भी बताया कि इसके अलावा राज्य के नियमों और तटीय क्षेत्र मानकों का उल्लंघन करके बनीं 58 निजी संपत्तियों को ढहाने का नोटिस जारी कर दिया गया है।  आगे पढ़ें

Previous 1 2 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति