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लक्ष्मीकांत शर्मा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, हनी ट्रैप की आरोपी के साथ दे रहे हैं दिखाई

प्रदेश के नेताओं और अफसरों को हिला देने वाला हनी ट्रैप मामला करीब दो माह बाद फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके लक्ष्मीकांत शर्मा का कथित आॅडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में लक्ष्मीकांत हनी ट्रैप मामले की आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन के साथ दिखाई दे रहे हैं।  आगे पढ़ें

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हनी ट्रैप मामले में गृहमंत्री ने कहा- षडयंत्र में जो भी शामिल होंगे उनके नाम जल्द आएंगे सामने

हनी ट्रैप मामले में मप्र के गृह मंत्री बाला बच्चन ने मंगलवार को कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी में बदलाव का मकसद दूध का दूध और पानी का पानी करना है। षडयंत्र में जो भी लोग शामिल हैं उनके नाम जल्द सामने आएंगे। बच्चन गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर सर्वधर्म सभा में हिस्सा लेने इंदौर पहुंचे थे।  आगे पढ़ें

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एक पाती कमलनाथ के नाम

मुख्यमंत्री जी, वल्लभ भवन में हनी-मनी के शौकिन नौकरशाहों की बुद्धि से परे हट कर एक राजनेता के दिमाग को जागृत करिए। विरुदावली वाले मंत्रियों, विधायकों तथा पार्टीजनों के रचित यशोगान से कान दूर कीजिए। आप पाएंगे कि इस सब मिथ्या तारीफों से सर्वथा परे आप हंसी का पात्र बनकर रह गये हैं। आप बतौर मुख्यमंत्री आईसीयू में भर्ती उस मरीज की तरह दिखने लगे हैं, जिसके लिए डॉक्टर कहता है कि इन्हें अब दवा नहीं, बल्कि दुआ की जरूरत है। इस सबके बावजूद यदि आपका रुख ऐसा ही रहना है तो फिर ऊपर बतायी गयी काजल की डिब्बी से नजर का टीका उन तमाम महानुभावों को लगवा दें, जिन्हें हनी ट्रैप कांड में बचाने की कोशिश आपको औजार बनाकर की जा रही है।  आगे पढ़ें

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शांत पंजाधारी कमलनाथ...शांत

हनी ट्रैप मामले पर कुंभकर्णी नींद से जागकर मुख्यमंत्री ने जिस स्वरूप का परिचय दिया है, उस पर प्रतिक्रिया के लिए न तो पर्याप्त शब्द मिल पा रहे हैं और न ही सही मनोभाव। छिंदवाड़ा, दिल्ली दरबार के बाद अब भोपाल स्थित मंत्रालय नाथ की राजनीतिक परिक्रमा का तीसरा पड़ाव बन चुका है। यहां अपने चैंबर में बैठे-बैठे नाथ पूरे प्रदेश की स्थिति पर तीखी नजर होने का भ्रम जीवित रखे हुए हैं। ठीक वैसे ही, जैसे राग दरबारी उपन्यास में शिवपालगंज की निकम्मी पुलिस को लेकर गलतफहमी थी। पूरी तरह साधन तथा क्षमता-विहीन उस पुलिस से आशा की जाती थी कि आसपास के ढाई से तीन सौ गांवों की हर हलचल पर उसकी नजर है। उसकी क्षमता इतनी कि अपराध होने के बाद तो दूर, वह ऐसा होने से पहले ही घटना स्थल तक पहुंच जाएगी।  आगे पढ़ें

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हनी ट्रैप मामले में सीएम ने आला अफसरों की ली क्लास, पूछा- जांच में एटीएस का क्या काम

घंटे भर तक चली बैठक में यह बात भी उठी कि एटीएस हनी ट्रैप का खुलासा करने के लिए तीन महीने से किसकी अनुमति लेकर सर्विलांस कर रही थी? आखिर यह सब क्या चल रहा है? अफसरों ने इस मसले पर सीएम को सफाई देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अफसरों से दो टूक कहा कि बेवजह की बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने एटीएस के गठन से संबंधित नोटिफिकेशन मंगाकर उसका भी अध्ययन किया था।  आगे पढ़ें

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हनी ट्रैप मामला: आरोपी श्वेता ने एक निजी कंपनी से नेताओं और अफसरों के टेप कराए फोन, 5 लोगों का स्टाफ भोपाल था सक्रिय

बताया जा रहा है कि संतोष के साथ 5 लोगों का स्टाफ था, जो भोपाल में सक्रिय रहा। इनमें शिखा, सोनू, अंशिका, साक्षी और साक्षी का भाई शामिल हैं। इनमें से दो लोग सायबर फोरेंसिक के एक्सपर्ट रहे। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि श्वेता विजय जैन के साथ संतोष और उनकी टीम हनी ट्रैप केस से भी जुड़े हैं और सायबर सर्विलांस के कनेक्शन भी इनकी ओर इशारा कर रहे हैं। सायबर सेल के दफ्तर में श्वेता विजय जैन अक्सर देखी जाती थी। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि वह और उसकी टीम यहीं से काम करती थी। बैंगलुरु की जिस कंपनी को यह काम दिया गया था, वह सर्विलांस में एक्सपर्ट मानी जाती है। इसकी एंट्री मप्र में भाजपा सरकार जाने के बाद हुई। कहा जाता है कि यह कंपनी पहले केंद्रीय एजेंसियों के लिए भी काम कर चुकी है। ब्लैकमेलर्स गैंग अफसरों, नेताओं और व्यापारियों को न केवल हनी ट्रैप में फंसाता था, बल्कि बाद में उन पर पैनी नजर भी रखता था।  आगे पढ़ें

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हर चेहरे पर चस्पा शहद का खौफ.....

पहले बात मीडिया की। बीते कुछ समय के घटनाक्रम से शुरू करते हैं। भोपाल के नजदीकी जिले में कलेक्टर ने रेत के ठेकेदार को छह करोड़ की वसूली का नोटिस थमा दिया है। मामला चौंकाता नहीं, बशर्ते इसमें यह न होता कि जिस ठेकेदार या कंपनी का यहां जिक्र हो रहा है, वह पिछले कुछ सालों से भोपाल में न्यूज चैनल का ग्रुप बनाकर पत्रकारिता करने का स्वांग भी बखूबी संचालित करती आ रही हैं। इस घटनाक्रम से तेजदार चेहरे के पीछे छिपी कालिख उनके अब तक के तमाम कामों पर उतरती दिखने लगी है। इधर, मालवा की सरजमीं पर गुटखे का धंधा करते-करते पहले करोड़पति बने और अब अखबार संचालित करने लगे एक भाऊ का अपने यहां की पूर्व महिला पत्रकार से कानूनी झगड़ा थानों और कचहरी में चल रहा है। अदालती मुक्ताकाश पर जो पेंचबाजी दिख रही है, उसके अनुसार गुटका मालिक ने खुद को दबंग मानते हुए अपनी पूर्व मुलाजिम पर बारह करोड़ रुपए के गबन का आरोप लगा दिया है। read more  आगे पढ़ें

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पुलिस अफसर आए आमने-सामने, साइबर सेल डीजी ने कहा-डीजीपी ने हमारी नहीं पुलिस की छबि खराब की

पुरूषोत्तम शर्मा ने आईपीएस एसोसिएशन को भेजे ई-मेल में फ्लैट खाली करवाने और इस संबंध में बयान देने के लिए डीजीपी सिंह पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि मुझे इस बात की पीड़ा है कि हमारे संस्कार इस हद तक नीचे आ गए कि हम किसी का चरित्र हनन करने लगें। शर्मा ने अपने पत्र में इस बात पर भी रोष जताया कि डीजीपी का बयान न केवल मीडिया में आया, बल्कि पुलिस मुख्यालय और सायबर सेल के हर कमरे में बंटवाया गया। डीजीपी ने इसका खंडन तक नहीं किया।  आगे पढ़ें

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हनी के ट्रैप में पत्रकारिता भी

डर है कि पहले ही किसी पतित-पावन को तरस रही पत्रकारिता के दामन पर इसके बाद और कितने दाग नजर आने लगेंगे। इस सबकी इबारत उसी दिन लिख दी गयी थी, जब पत्रकारिता को ग्लैमर से जोड़ने का महा-गुनाह किया गया। ऐसा पाप करने वालों की फौज अब गुजरे कल की बात हो चुकी है, लेकिन उनके द्वारा रोपा गया विषवृक्ष का बीज आज इस पूरी बिरादरी में भयावह प्रदूषित हवा का संचार कर रहा है। यह हवा दमघोंटू है। इससे बचने के लिए नई खिड़कियां खोलने की संभावनाएं कोई और नहीं मीडिया में ही लोगों को तलाशनी होगी। प्रिंट मीडिया तक तो विश्वसनीयता बाकी थी लेकिन इलेक्ट्रानिक, डिजीटल और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता की आत्मा विश्वसनीयता घायल पड़ी हुई है। इसलिए खबरें बेअसर हो रही हैं। ताजी हवा का यह प्रसार पत्रकारिता के मूल्यों की दोबारा स्थापना से ही संभव हो सकेगा। माना कि यह बहुत दुश्वारी वाला काम है, लेकिन इस पेशे में सिर उठाकर चलने का दौर वापस लाने के लिए इस कड़ी मेहनत के अलावा और कोई चारा बाकी नहीं रह गया है। तो जो ये दमघोंटू माहौल है, इससे बाहर आने खिड़की खोलिए.....रोशनी आएगी तो चेहरे भी साफ साफ दिखाई देंगे.....और डिओडरेंट की खुशबूओँ में छिपाई गई दुर्गन्ध भी बाहर होगी.....read more  आगे पढ़ें

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हनी ट्रैप मामले में पूर्व गृहमंत्री ने कहा- मैं किसी श्वेता को नहीं जानता, मेरा नाम आपको कहीं नहीं मिलेगा

मामले की जांच एसटीएफ या सीबीआई करे। यह सबको पता चलना चाहिए कि कौन-कौन से लोग इसमें शामिल हैं, किसके इशारे पर ये काम सब काम हो रहे हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री पीसी शर्मा के सरकार को अस्थिर करने के आरोप पर सिंह ने कहा- कांग्रेस अपने लोगों के चरित्र पर ही सवाल उठा रही है, इसका यही मतलब है कि कांग्रेस के नेता हनी ट्रैप में आसानी से फंस जाते हैं। भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में थानों से मंत्रियों के घर 50-50 लाख रुपए भेजे जा रहे हैं। भोपाल में तो थानों की बोली तक लग रही है। सिंह ने कहा कि एसपी को ही पता नहीं चलता और अधीनस्थ कर्मचारियों का तबादला हो जाता है।  आगे पढ़ें

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