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कोरोना संक्रमण से प्रभावित हुए मध्यप्रदेश के 50 जिले, राज्य में संक्रमितों की संख्या सात हजार के पार, शर्तों के साथ राजधानी में खुले बाजार

कोरोना संकट के साथ भीषण गर्मी भी जारी है। यही वजह है कि जो ग्रीन जोन हैं वहां भी लोग घर से बेहद कम निकल रहे हैं। सड़कें और बाजार खाली हैं। भोपाल में आज से सशर्त बाजार खुले। महामारी की बात करें तो बुधवार को भोपाल में 20 और जबलपुर में 5 नए केस मिले। राजधानी से 17 मरीज स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज भी हुए। इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में संक्रमण के 165 मामले सामने आए थे। कुल संख्या 7049 हो गई। 3706 स्वस्थ हो चुके हैं। 305 की मौत हुई। एक्टिव केस 3055 हैं।  आगे पढ़ें

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कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच 1 जून से 200 ट्रेनों की होगी शुरूआत, महज ढाई घंटे में 4 लाख लोगों ने बुक करा लिया टिकट, रेल मंत्री ने कहा- जल्द ही और ट्रेनें चलाएंगे

कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच रेलवे 1 जून से 200 ट्रेनों की शुरूआत करेगा। गुरुवार को 10 बजे से इनके लिए आॅनलाइन बुकिंग शुरू हो गई। महज 2.30 घंटे में 4 लाख से ज्यादा लोगों ने टिकट बुक करा लिया। अब रेलवे ने कल यानी शुक्रवार 22 मई से आॅफलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा देने का ऐलान किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह सुविधा देश के 1.7 लाख कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) पर होगी। इन सेंटर्स पर जाकर लोग आॅफलाइन टिकट बुक करा सकेंगे। उन्होंने आने वाले दिनों में कई और ट्रेनें चलाने और रेलवे स्टेशन पर दुकानों को भी खोलने की मंजूरी देने की बात कही।  आगे पढ़ें

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कोरोना संकट से बचाने अब प्रदेश में होंगे रेड और ग्रीन जोन, कंटेनमेंट एरिया में किसी तरह की गतिवधियां नहीं होंगी शुरू

मध्य प्रदेश में कोरोना संकट से बचाने के लिए प्रदेश में अब सिर्फ रेड और ग्रीन जोन होंगे। रेड जोन के कंटेनमेंट एरिया में किसी तरह की गतिवधियां शुरू नहीं होंगी। ग्रीन जोन में सभी तरह की गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, बुराहानपुर, खंडवा और देवास रेड जोन में हैं। प्रदेश के बाकी के जिले ग्रीन जोन में हैं। यहां गतिविधियां आम दिनों की तरह सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शुरू हो सकेंगी।  आगे पढ़ें

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मध्यप्रदेश में कोरोना पर्यटन क्यों नहीं...?

शिवराज की हिमायत नहीं। मुख्यमंत्री खुद न जा पा रहे हों तो मंत्री और आला अफसरों को मजदूरों के सेवा कार्य की निगरानी के लिए भेजना चाहिए। इसके बावजूद शिवराज और उनकी टीम का इस संकटकाल में मौके पर न जाना फिर भी समझ आता है कि वे मंत्रालय से भी निर्देश, आदेश और मॉनिटरिंग कर रहे होंगे। आखिर 8 करोड़ जनता की सेवा की जिम्मेदारी उनके कांधों पर है। इसलिए तमाम सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद कोरोना संक्रमण का खतरा उठाना उनके लिए संभव न होगा। लेकिन कमलनाथ और उनकी कांग्रेस की क्या मजबूरी है? विपक्षी दल के नेता और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते वे जा सकते हैं। read more  आगे पढ़ें

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कोरोना से पैदा हुए संकट से अर्थव्यवस्था पर पड़े दुष्प्रभाव को कम करने के लिए नए मॉडल को अपनाकर किया जाएगा विकास: शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना से पैदा संकट के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़े दुष्प्रभाव कम करने के लिए विकास के नए मॉडल को अपनाकर कार्य किया जाएगा। यह मॉडल स्वदेशी आधारित स्वावलंबन की राह दिखाने वाला मॉडल होगा। इससे लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक क्षेत्र में सुधार के लिए जो पैकेज घोषित किए हैं, उनका लाभ लेते हुए मध्यप्रदेश फिर से विकास की राह पर तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।  आगे पढ़ें

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इन पीड़ितों का कसूर क्या है?

प्रदेश के कर्ताधर्ताओं को तो शायद यह भी नहीं पता कि किस्त पर सामान देने वाले समूहों ने ईएमआई के लिए ग्राहकों को सन्देश भेजने शुरू कर दिए हैं। इनमें आभूषण गिरवी रखकर पैसा देने वाले समूह भी शामिल हैं। जबकि केंद्र सरकार की तरफ से ही घोषणा की गयी थी कि ऐसी किस्त या बकाया भुगतान के लिए कम से कम तीन महीने की मोहलत दी जाएगी। हैरत इस बात की है कि खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में स्कूलों की फीस का मामला उठा था, किन्तु उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। जिसके चलते पहले ही कोरोना से जुड़े आर्थिक संकट झेल रहे लोग और भी बेचैन हो उठे हैं।  आगे पढ़ें

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कोरोना संकट: राष्ट्रपति कोविंद एक साल तक वेतन का 30 फीसदी हिस्सा करेंगे दान, राष्ट्रपति भवन के अन्य खर्चों में भी करेंगे कटौती

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कोरोना संकट को देखते हुए अपने वेतन का 30 फीसदी हिस्सा एक साल तक दान देने का फैसला किया है। मार्च का वेतन उन्होंने पूरा दान दे दिया था। इसके अलावा राष्ट्रपति भवन के अन्य खर्चों में भी कटौती करने को कहा गया है। इसके लिए समारोह, भोज में कम मेहमान बुलाने, सजावट में फूलों का कम इस्तेमाल करने, साथ ही खाने के मैन्यू और राष्ट्रपति की घरेलू यात्राओं में कटौती करने की बात कही गई है।  आगे पढ़ें

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कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोनिया ने की बैठक, मोदी सरकार से पूछा- 17 मई को लॉकडाउन का तीसरा फेज खत्म होने के बाद क्या होगा?

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को पार्टी के नेताओं और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। मीटिंग में कोरोना संकट और लॉकडाउन के बाद की स्ट्रैटजी पर चर्चा हुई। सोनिया ने सवाल किया कि केंद्र सरकार किस आधार पर तय कर रही है कि लॉकडाउन कितने दिन रहना चाहिए? सोनिया ने पूछा कि 17 मई को लॉकडाउन का तीसरा फेज खत्म होने के बाद क्या होगा?  आगे पढ़ें

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अब ये जागने के आखिरी मौके.....

दुनिया में कोरोना वायरस की एंट्री किसी सरकारी नीति या कृत्य के चलते नहीं हुई थी। न ही किसी भी सरकार को इस बात का दोष दे सकते हैं कि उसने इस वायरस के प्रसार का मार्ग प्रशस्त किया। चीन पर ऐसे आरोप हैं लेकिन वे फिलहाल कितने पुख्ता हैं, यह कहना मुश्किल है। आतकंवादी या जाहिल मानसिकता की बात छोड़ दें, तो कोई अंधा भी इस तथ्य से आंख नहीं मूंदना चाहेगा कि फिजीकल डिस्टेन्सिंग इस वायरस से बचने का आज की तारीख में एकमात्र सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। इन तथ्यों के बावजूद काफी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो निपट मूर्खता में लिपटी मानसिकता के साथ यह सोच रहे हैं कि उन्हें कोरोना से बचाना सरकारों की जिम्मेदारी है। उनकी यह मानसिकता भी विकट है कि लॉक डाउन की अवधि तीन मई तक बढ़ाकर सरकार दरअसल उन्हें परेशान करना चाह रही है।  आगे पढ़ें

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कोरोना महामारी के बीच खुशखबरी: मौसम विभाग का अनुमान-इस बार सामान्य रहेगा मानसून, 100 फीसदी होगी बारिश

कोरोना संकट के बीच बुधवार को एक अच्छी खबर आई। मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार मानसून सामान्य रहेगा। भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक एम मोहपात्रा ने आॅनलाइन ब्रीफिंग में बताया कि इस साल बारिश का दीर्घावधि औसत 100% रहेगा। 96 से 100% बारिश को सामान्य मानसून माना जाता है। मानसून केरल के तट से एक जून को टकराएगा। पिछले साल यह आठ दिन की देरी से 8 जून को केरल के समुद्रतट से टकराया था। भारत में जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून से बारिश होती है।  आगे पढ़ें

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