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कम आय बताकर दो बेटियों को छात्रवृत्ति दिलाने के मामले में फंसे पूर्व कृषि मंत्री बिसेन

समरीते द्वारा नौ फरवरी 2019 को की गई शिकायत में कहा कि बिसेन ने दोनों बेटियों पायल बिसेन और मौसम बिसेन को पिछड़ा वर्ग की छात्रवृत्ति दिलाने के लिए वर्ष 2000 में सभी स्रोतों से अपनी आय 80 हजार रुपए बताई है। जबकि बिसेन वर्ष 1984 से विधायक हैं। वे 1999 में लोकसभा सदस्य भी रहे हैं और 1988 से आयकर दे रहे हैं। फिर भी वर्ष 2000 में सभी स्रोतों से अपनी आय सिर्फ 80 हजार रुपए सालाना बता रहे हैं। समरीते कहते हैं कि मामले में बिसेन पर अपराध दर्ज होना चाहिए, लेकिन प्रभावशाली व्यक्ति होने के कारण पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। ज्ञात हो कि पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले भी स्थानीय स्तर पर यह मामला उठा था।  आगे पढ़ें

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संबल योजना में बड़ा घोटाला, मजदूरों के नाम पर भाजपा कार्यकर्ताओं को उपकृत

श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने मंगलवार को आशंका जताई कि संबल योजना के 40 से 50 फीसदी हितग्राही फर्जी हो सकते हैं। एक से पंद्रह जुलाई के बीच जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ एफआईआर भी होगी। बहुगुणा ने अगस्त 2018 में सेम्पल सर्वे कराकर पड़ताल कराई थी। उसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी। इसे उन्होंने दबवा दिया और कार्रवाई नहीं की। इस पर मुख्यमंत्री कमलनाथ को 22 मार्च को नोटशीट लिखकर जांच के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया था।  आगे पढ़ें

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बाला के दबाव में दागी अफसर को प्रमोशन देने के फेर में कमलनाथ सरकार

मामला आबकारी विभाग से जुड़ा है। फिलहाल आरक्षण के कारण डिप्टी कमिश्नर के पद तक जा पहुंचे एक अफसर के खिलाफ विधि विभाग ने लोकायुक्त द्वारा चालान की अनुमति मांगे जाने के मामले में अपनी राय अफसर के खिलाफ दी है। इस अफसर के खिलाफ इंदौर में डिप्टी कमिश्नर आबकारी रहते हुए लोकायुक्त ने छापामारी की थी। मामला अनुपातहीन संपत्ति से जुड़ा था। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद उक्त अफसर को हटा कर मुख्यालय ग्वालियर में पदस्थ कर दिया गया था।read more  आगे पढ़ें

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घर से होगी सुधार की शुरूआत.....

बलात्कारियों की संख्या भी बढ़ती ही जा रही है। सबसे बड़ी समस्या यह कि पेशेवर अपराधी ऐसी वारदातों को अंजाम नहीं दे रहे। योन उत्पीड़न के मामलों में आमतौर पर अपराधियों का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं होता। ऐसे अपराध के लिहाज से जिन्हें स्लिपर सेल कह सकते हैं। स्लिपर सेल आतंकियों की शब्दावली का हिस्सा है। यह वह लोग होते हैं, जिनके भीतर आतंकी भाव छिपा रहता है। बेहद सामान्य तरीके से जीवन जीते हैं। फिर यकायक वारदात को अंजाम दे गुजरते हैं। अब देखिए। किसी बच्ची का कोई पड़ोसी, या नजदीकी रिश्तेदार इसी तरह यकायक उसके साथ ज्यादती कर देता है। कोई शख्स तो साठ साल या इससे अधिक की अवस्था के बाद इस अपराध में शामिल हो जाता है। तो जाहिर है कि ऐसे स्लिपर सेल्स को पहचानना आसान नहीं है। लिहाजा अपराध होने से पहले ही उसे रोक देने जैसी कोई बात इस मामले में कम से कम पुलिस तो नहीं सोच सकती।  आगे पढ़ें

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राहुल गांधी ने भोपाल में कहा था, व्यापमं और ई-टेंडरिंग घोटाले के आरोपी भाग नहीं पाएंगे

हुल गांधी ने विधानसभा चुनाव के पहले भोपाल में भेल दशहरा मैदान पर हुए कार्यकर्ता संवाद में कही थी। विधानसभा चुनाव के दौरान शिवराज सरकार के खिलाफ बनाए गए आरोप पत्र में इसे शामिल किया गया था। 3000 हजार करोड़ रुपए के इस घोटाले को 40 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी। यही नहीं घोटाले पर एक अलग से 61 पेज का आरोप पत्र तैयार किया गया था। इसमें व्यापमं घोटाले से भी बड़ा घोटाला बताया गया था।  आगे पढ़ें

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टिकट पाने भाजपा कार्यालय के चक्कर लगा रहे दावेदार, ललिता यादव ने खजुराहो से मांगा टिकट

पन्ना के भाजपा नेता संजय नगाइच ने कहा कि खजुराहो संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस ने स्थानीय प्रत्याशी कविता सिंह को टिकट दिया है, इसलिए भाजपा भी स्थानीय प्रत्याशी को ही टिकट दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी मजबूत है। पूर्व मंत्री ललिता यादव ने कहा कि वे पन्ना जिले की प्रभारी मंत्री रही हैं और खजुराहो सीट में दो विधानसभा क्षेत्र उनके आते हैं, इसलिए उन्हें खजुराहो से टिकट दिया जाए। गौरतलब है कि खजुराहो से 2014 में भाजपा ने नागेंद्र सिंह को टिकट दिया था। सिंह को पार्टी ने 2018 में हुए विधानसभा चुनाव का टिकट दे दिया। नागेंद्र सिंह के विधायक बन जाने से भाजपा को नए प्रत्याशी की तलाश है।  आगे पढ़ें

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कमलनाथ सरकार झूकी डिस्टलर के सामने, बिकेगी अब ड्राट बीयर

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार आखिरकार एक बड़ी डिस्टलरी के सामने सरेन्डर हो गई है। मंगलवार रात को होने वाली केबिनेट में नई आबकारी नीति में खुली बीयर (ड्राट बीयर) को बैचने सरकार सहमती देने जा रही है। केबिनेट के एजेंडे में नई आबकारी नीति में ड्राट बीयर को अनुमति देने के बारे में प्रस्ताव सोमवार रात को ही शामिल किया गया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार का यह फैसला लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए धन की व्यवस्था जुटाने के प्रयासों से जुड़ा है। लिहाजा, अब एक अप्र्रैल से शराब दुकानों पर ड्राट बीयर की बिक्री शुरू हो जाएगी। पिछली 26 फरवरी को होने वाली केबीनेट में इस पर फैसला होना था लेकिन आबकारी मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर इस पर सैद्धांतिक रूप से सहमत नहीं थे। लिहाजा, इस मसले को मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद आज मंगलवार को हो रही बैठक के एजेंडे में शामिल कर लिया गया। read more  आगे पढ़ें

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तो अब कमलनाथ सरकार बिकवाएगी ड्राट बीयर

मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार एक बार फिर विदेशी शराब दुकानों से खुली बीयर बैचने की तैयारी कर रही है। 26 फरवरी को केबीनेट में प्रदेश की नई कांग्रेस सरकार की आबकारी नीति में संभवत: यह फैसला हो जाएगा। सरकार के इस फैसले का इकलौता फायदा राजसेन जिले की एक डिस्टलरी को होगा। और इस फैसले का सबसे ज्यादा नुकसान किशोर वय के युवाओं को होगा जिन्हें सस्ते में और आसानी में बीयर कहीं भी उपलब्ध हो जाएगी। प्रदेश में पहली बार ड्राट बीयर बैचने का फैसला शिवराज सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में किया था करीब चार साल बाद शराब दुकानों से 2013 में इसकी बिक्री पर रोक भी लगा दी थी। हालांकि ड्राट बीयर , बार में उपलब्ध है।read more  आगे पढ़ें

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शिवराज सिंह के मंत्रियों का आयकर चुकाएगी कमलनाथ सरकार

सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंत्री वेतन तथा भत्ता अधिनियम 1972 में मुख्यमंत्री, मंत्री और राज्यमंत्री को मिलने वाले वेतन, भत्ते तथा परिलब्धियों की राशि पर आयकर शासन देता है। 2018-19 में मंत्रियों को मिले वेतन तथा भत्ते पर जो कटौती की गई, उसकी प्रतिपूर्ति करने के आदेश दिए गए हैं।  आगे पढ़ें

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कैग की रिपोर्ट के बाद बोले कमलनाथ, कहा- अनियमितताओं की होगी जांच, दोषियों को नहीं बख्शेंगे

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान जारी करते हुए कहा है कि विधानसभा के पटल पर रखी गयी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में जिस तरह से पिछली सरकार के कार्यकाल करोड़ों रुपये के नुकसान की बात सामने आयी है। उससे यह स्पष्ट हो रहा है कि किस तरह का एक गठजोड़ पिछली सरकार में कार्य कर रहा था और भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहा था। सरकार इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  आगे पढ़ें

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