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अब जिद छोड़ों भी वैराग्यानंद जी महाराज...

वैसे वैराग्यानंद की जल समाधि अब जन आंदोलन का विषय है। कारण भी है, लोग फोन पर वैराग्यानंद को परेशान कर रहे हैं। किसी को रालेगांव सिद्धी जाकर अन्ना हजारे साहब से मिलना चाहिए। बुजुर्गवार को बताना चाहिए कि लोकपाल-वोकपाल बहुत हो गया। अब तो समाधि आंदोलन समय की पुकार बन चुका है। जो इसे लेना चाह रहे हैं, उनके लिए इसकी अनुमति का बिल पारित कराया जाए और जो जिंदा दफनाने के लायक होने के बाद भी समाज में पद तथा प्रतिष्ठा से नवाजे जा रहे हैं, उन्हें जबरिया समाधि देने संबंधी बिल को भी मंजूरी दी जाए। अपने भारत कुमार..नहीं-नहीं, मनोज कुमार की आखिरी सुपर हिट फिल्म क्रांति में गुलाम भारत के लिए कहा गया था, इस पर जो आंख उठायेगा, जिंदा दफनाया जाएगा। आजाद भारत के सच्चे शुभचिंतकों के भीतर भी उस क्रांति का ज्वार उमड़ रहा है, जो इस-इस पर जो आंख उठाएगा, जिंदा दफनाया जाएगा वाला इंकलाबी गीत गाने को बेताब हैं। इस-इस का मतलब, देश की एक-एक बच्ची, एक-एक ईमानदार नागरिक, एक-एक सच्चा राष्ट्रभक्त, एक-एक मेहनतकश मजदूर और ममता बनर्जी के राज्य का एक-एक सरकारी डॉक्टर, है। इस फेहरिस्त में और भी कई इस-इस शामिल हैं, किंतु सभी का वर्णन करने में बहुत समय लगेगा। सो सुधी पाठक अपने हिसाब से आगे तय कर लें, किसे और जोड़ना है।  आगे पढ़ें

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दिग्गी की हार के बाद से गायब वैराग्यानंद ने मांगी जल समाधि की अनुमति, कलेक्टर ने नहीं दी इजाजत

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव हारने के बाद गायब हुए वैराग्यानंद गिरी महाराज ने अब कलेक्टर से जलसमाधी लेने की अनुमति मांगी है। बाबा ने कहा कि मैं अपनी बात पर अटल हूं और जो प्रण लिया है, उसे जरूर पूरा करुंगा। वैराग्यानंद ने 16 जून को दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर जल समाधि लेने की घोषणा की है। हालांकि कलेक्टर तरुण पिथौड़े ने अनुमति देने से इंकार करते हुए डीआईजी को बाबा की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वैराग्यानंद गिरी के वकील सैयद साजिद अली के मुताबिक अनुमति नहीं मिलने के बाद भी बाबा तय समय पर जल समाधि लेंगे।  आगे पढ़ें

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मिर्ची बाबा को दिग्गी के लिए यज्ञ करना पड़ा भारी, निरंजनी अखाड़े से हुए बाहर

चुनाव नतीजे आने के बाद से ही उन्हें लोग लगातार फोन कर रहे थे। गुरुवार को लोगों ने दिग्विजय की हार पर बाबा को समाधि लेने की याद दिलाने के लिए फोन लगाना शुरू किए। अधिकांश के फोन नहीं लगे। राहुल नाम के युवक का फोन लगा तो बाबा नाराज हो गए। युवक ने बाबा से फोन पर कहा कि दिग्विजय सिंह हार गए हैं। उनकी जीत के लिए मिर्चियों का हवन भी कराया था। अब कहां और कब समाधि ले रहे हो? इस बात पर बाबा खीज गए और मोबाइल फोन बंद कर लिया। आडियो वायरल होने के बाद बाबा को कई बार मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। ऐसी जानकारी आ रही है कि वो भोपाल के मीनाल रेसीडेंसी स्थित अपने किराए के घर से हरिद्वार चले गए हैं।  आगे पढ़ें

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दिग्गी की हार पर समाधि की बात कहने वाला बाबा गिरी लापता, मोबाइल भी किया बंद

गुरुवार को लोगों ने दिग्विजय की हार पर बाबा को समाधि लेने की याद दिलाने के लिए फोन लगाना शुरू किए। अधिकांश के फोन नहीं लगे। राहुल नामक युवक का फोन लगा तो बाबा नाराज हो गए। युवक ने बाबा से फोन पर कहा कि दिग्विजय सिंह हार गए हैं। उनकी जीत के लिए मिर्चियों का हवन भी कराया था। अब कहां और कब समाधि ले रहे हो? इस बात पर बाबा खीज गए और मोबाइल फोन बंद कर लिया।  आगे पढ़ें

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करोड़ों का मोह छोड़ वैराग्य की राह पर पूरा परिवार, लेगा जैन धर्म की दीक्षा

राकेश कोठारी (45) टेक्सटाइल व्यापारी हैं और उनका करोड़ों रुपये का कारोबार है। सीमा कोठारी (43) गृहिणी हैं। उनके बेटे मीत कोठारी (21) हिंदुजा कॉलेज से बीकॉम करने के बाद सीए का कोर्स कर रहे थे। शैली कोठारी (19) एचएससी के बाद धार्मिक शिक्षा ले रही थीं। उन्हें गाने का शौक था और वह इंडियन आयडल में जाना चाहती थीं। इन चारों के दीक्षा लेने के बाद अब राकेश कोठारी के परिवार में उनका कारोबार देखने वाला उनके कोई नहीं रहेगा। उनके घर में भी ताला लग जाएगा।  आगे पढ़ें

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