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सीएम ने साधा निशाना, कहा- केन्द्र ने नहीं दी सहायता, प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों से अतिवृष्टि प्रभावित किसानों की करेंगे मदद

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि राज्य में उपलब्ध संसाधनों की सहायता से ही बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद की जाएगी। कमलनाथ ने यहां सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर केंद्र सरकार ने आज तक सहायता राशि नही दी है, जो भी मदद प्रभावितों को करनी है, वह प्रदेश में उपलब्ध संसाधनो से ही करनी है।  आगे पढ़ें

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गजब की विशेष मूर्खता

मुख्यमंत्री की तारीफ के नाम पर इस पूरे पेज वाले विज्ञापन में बताया गया है कि, नाथ को सुंदरलाल पटवा ने चुनाव मैदान में पटखनी दी थी। इसमें आगे यह भी लिखा है, आपातकाल के बाद 1979 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया था। तब इंदिरा गांधी संजय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं। कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़ पड़े और जज ने उन्हें सात दिन के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया था। वहां वह संजय गांधी के साथ ही रहे। तारीफों के इन खंदकनुमा पुलों का क्रम यहीं नहीं थमता। प्रदेश कांग्रेस कमेटी यह भी फरमाती है, 1993 में भी कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी। बताया जाता है कि तब अर्जुन सिंह ने दिग्विजय सिंह का नाम आगे कर दिया। इस तरह उस समय कमलनाथ सीएम बनने से चूक गये थे। अब 25 साल बाद दिग्विजय के समर्थन के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। read more  आगे पढ़ें

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जन्म दिन पर विशेष: देश के बड़े अमीर नेताओं में शुमार सीएम कमलनाथ, पढ़ाई के दौरान संजय गांधी से हुई थी दोस्ती

कमलनाथ के बारे में एक किस्सा बहुत मशहूर है। आपातकाल के बाद 1979 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया। तब इंदिरा गांधी की चिंता संजय की सुरक्षा को लेकर बढ़ गई थीं। कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़ गए थे। जज ने उन्हें भी अवमानना के आरोप में 7 दिन के लिए तिहाड़ भेज दिया, जहां वे संजय गांधी के साथ रहे।  आगे पढ़ें

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मप्र: लक्ष्मण सिंह ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कहा- कमलनाथ मजबूर नहीं, मजबूत सीएम बनकर करें काम

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने एक बार फिर अपनी ही सरकार के काम पर सवाल उठाकर मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ मजबूर नहीं, मजबूत सीएम बनकर काम करें। उनके सरकार बचाने के प्रयासों के कारण प्रदेश में नीचे के स्तर पर काम दिखाई नहीं दे रहे हैं। वहीं, भाजपा ने कमलनाथ सरकार में वरिष्ठ विधायकों को तवज्जो नहीं देने की वजह से ऐसी परिस्थितियां निर्मित होने पर तंज भी कसा है। कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि दो दिन पहले चांचौड़ा में एक महिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाने गई थी, लेकिन वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। इससे वे एक निजी क्लीनिक में पहुंची, वहां उसे एक इंजेक्शन लगाया गया।  आगे पढ़ें

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अभाव मूढ़ता का चरम नापने वाले पैमाने का

90 के दशक के अंत में सुंदरलाल पटवा प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। भोपाल में एक भाजपा नेता को पुलिस उठा ले गयी। पार्टी के लोग एक मंत्री के पास पहुंचे। सिफारिश की कि नेता के साथ कुछ गलत न हो। मंत्रीजी ने जो पत्र पुलिस को भेजा उसमें लिखा गया था कि पकड़ा गया शख्स भाजपा कार्यकर्ता है, अत: उसकी न्यूनतम पिटाई की जाए। हास्य के बोध से भरपूर इस चिट्ठी से सर्वथा इतर डीजीपी का सर्कुलर क्षोभ से भर रहा है। एक बार मान लिया जाए कि पत्र को लेकर आरंभ में जतायी गयी आशंकाएं निर्मूल हैं तो फिर यह भी मान ही लिया जाए कि पुलिस के राज्य प्रमुख की सोच में कुछ खलल आ गया है। वरना वे यह कभी नहीं भूलते कि अपराधी का धर्म या जाति हो सकते हंै, लेकिन अपराध का न कोई धर्म होता और ना ही जाति। पुलिस सेवा में आने से पहले ली गयी शपथ बुरे तत्वों के शमन की बात कहती है, किसी जाति विशेष को बचाने या निपटाने जैसा कोई जिक्र उसमें नहीं होता है। read more  आगे पढ़ें

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नादान निगमकर्मी इंदौर के

इंदौर नगर निगम के अमले की जितनी भर्त्सना की जाये, वह कम है। उसे निहायती मूर्ख कहना भी मूर्खता की प्रचण्डता को सही तरीके से परिभाषित नहीं कर पायेगा। यह भी कोई तुक होती है भला! स्वास्थ्य मंत्री भाई तुलसी सिलावटजी के जन्मदिन की खुशी में लगे होर्डिंग हटाने पहुंच गये। ले-देकर तो भैया मंत्री बने हैं। लेने-देने वाली शैली में ही उनके लिए होर्डिंग्स का बंदोबस्त किया गया होगा। ये अमला क्या जाने कि एक-एक होर्डिंग के पीछे कितनी मेहनत लगती है। मंत्रीजी को निजी सचिव को काफी पहले याद दिलाना पड़ता है कि मेरा जन्मदिन आ रहा है। निजी सचिव धीरे से मंत्री जी के खासमखास सियासी पट्ठे को इस आयोजन की सुपारी दे देता है।  आगे पढ़ें

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मत बदलो लोकतंत्र को शोकतंत्र में

भाग्य शिवराज की तरह, कमलनाथ का भी लगता है मजबूत है। ले-देकर बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा और प्रहलाद लोधी नामक घटनाक्रम ने नाथ सरकार को फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित बहुमत वाली स्थिति में ला दिया। प्रदेश की जनता को एकबारगी लगा कि अब सरकार काम करेगी। नाथ बहुमत की दम पर जनकल्याणकारी योजनाएं लागू करेंगे। ऐसा होता तो दिख नहीं रहा। मुख्यमंत्री बहुमत की सुरक्षित रजाई के अंदर भी असुरक्षित बहुमत के चीथड़े ही लपेटे हुए दिख रहे हैं। कह रहे हैं कि कांग्रेस को दो-तीन और सीट मिल जाएंगी। read more  आगे पढ़ें

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सीएम कमलनाथ ने कहा- शिक्षा के क्षेत्र में बड़े परिवर्तन हुए हैं, बदलाव के साथ जुड़े

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आज बड़े परिवर्तन हुए है। हमारी शिक्षा बदलाव के साथ जुड़े, शिक्षा और ज्ञान में तालमेल हो, शिक्षक दक्ष हो और वे समाज सेवक के रूप में काम करें, यह सबसे बड़ी चुनौती हमारे सामने है। मुख्यमंत्री राजधानी में मिंटो हॉल में सांईस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्टस एवं मैथ्स (स्टीम) शिक्षा पद्धति पर आयोजित दो दिवसीय स्टीम कान्क्लेव 2019 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।  आगे पढ़ें

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मैग्नीफिसेंट मप्र: सीए की घोषणा से छोटे उद्योगों को मिलेगी राहत, ढाई हजार छोटी यूनिट हो सकेंगी शुरू

मैग्नीफिसेंट मप्र में मुख्यमंत्री कमलनाथ की उद्योगों के लिए तीन साल तक मंजूरी की अनिवार्यता खत्म करने की घोषणा से ऐसे छोटे और मझले उद्योगों को राहत मिलेगी, जो अब तक अनुमति के इंतजार में अटके पड़े थे। इससे दो से ढाई हजार छोटी यूनिट शुरू हो सकेंगी। हर उद्योग से 50 से 250 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। सारी अनुमतियां सिंगल विंडो से मिलेंगी। मु  आगे पढ़ें

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मैग्नीफिसेंट एमपी समिट: सीएम कमलनाथ 17 अक्टूबर को करेंगे 850 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण

मैग्नीफिसेंट एमपी समिट 18 अक्टूबर को है, इससे एक दिन पहले यानी 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ करीब 850 करोड़ रु. के पांच प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। इसमें धार जिले में बनने जा रही प्रदेश की पहली एकीकृत इंडस्ट्रियल टाउनशिप (स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क) का लोकार्पण भी शामिल है।  आगे पढ़ें

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