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भारी बारिश से प्रदेश को 4-5 दिन तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं , 17 जिलों में अलर्ट जारी

राज्य के आधे से भी ज्यादा हिस्से को अभी अगले 4-5 दिन तक भारी और अति भारी बारिश से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। स्थानीय मौसम केन्द्र के मुताबिक पूर्वी मध्यप्रदेश में तो बारिश का प्रभाव अपेक्षाकृत कम है, लेकिन पश्चिमी मध्यप्रदेश में वर्षा की तीव्रता, वेग और प्रभाव ज्यादा है। विभाग ने प्रदेश के इंदौर, धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, देवास, नीमच, मंदसौर, होशंगाबाद, बैतूल और हरदा जिलो में बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, गुना, अशोकनगर, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, रीवा, सागर, सिवनी, नरसिंहपुर जबलपुर, मंडला, कटनी, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी है।  आगे पढ़ें

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भारी बारिश ने कई राज्यों में मचाई तबाही, अब तक 170 लोगों की मौत, कई लोग लापता

केरल में बाढ़ और बारिश की सबसे अधिक मार वायनाड और कोझिकोड पर पड़ी है। यहां करीब 25-25 हजार लोग बेघर हुए हैं। वायनाड में बाढ़ में फंसे एक नवजात बच्चे को सेना के जवानों ने सुरक्षित निकाला है। राज्य में वर्षाजनित घटनाओं में अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है। आठ जिलों में आठ अगस्त से भूस्खलन की 80 घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। सबसे प्रभावित जिलों में एक वायनाड में बाणासुरसागर बांध के चार दरवाजों में से एक को अतिरिक्त पानी को छोड़ने के लिए तीन बजे खोल दिया गया। केरल की कई ट्रेनें रद कर दी गई हैं। कोच्चि एयरपोर्ट के एक अधिकारी के अनुसार उड़ान संचालन रविवार पूर्वाह्न तक बहाल हो सकेगा।  आगे पढ़ें

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सोमवार देर रात जमकर बरसे बदरा, रिहायशी इलाकों में भरा पानी, कई जगह बिजली रही गुल

मानसून के दूसरे सबसे सक्रिय सिस्टम ने सोमवार रात को भोपाल में जमकर बारिश कराई। रात 8:30 बजे से 11:30 बजे तक करीब सवा चार इंच (107 मिमी) बारिश से राजधानी तर हो गई। जबकि सुबह से देर रात 1 बजे तक 5.54 इंच (140.9 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई। मंगलवार सुबह तक ये आंतड़ा 166.5 मिलीमीटर तक पहुंच गया। अभी भी कई रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।  आगे पढ़ें

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भारी बारिश से कालीसिंध और सूकड़ नदी उफान पर, कई गांवों में बने बाढ़ जैसे जालात

सावन के महीने में सक्रिय हुए मानसून के दूसरे सिस्टम ने प्रदेश को तरबतर कर दिया है। शनिवार रात से हो रही तेज बारिश से नेवज, कालीसिंध और सूकड़ नदी उफान पर आ गई है। कोटरीकलां, लूलाखाल, झाड़ला, बिसारथी, गुलखेड़ी, पड़ाना महू, तलेन सहित कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।  आगे पढ़ें

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17वीं लोकसभा का पहला सत्र तय समय से अधिक समय कर रहा काम, 20 वर्षों में सबसे ज्यादा चली कार्यवाही

संसदीय इतिहास के पिछले बीस सालों में कल के दिन सबसे ज्यादा देर तक कार्यवाही चली। इस दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल के अलावा आम बजट में रेलवे से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा की गई पर सबसे ज्यादा समय अनुदान मांगों की चर्चा को दिया गया। मंगलवार को भी निचले सदन ने आधी रात तक काम किया था। सदन के अबाध तरीके से काम करने के बावजूद पीएम मोदी ने मंगलवार को कहा था कि अगर जरूरत पड़ी, तो सत्र को कुछ दिनों के लिए बढ़ाया जाएगा क्योंकि काम को पूरा करना है। बताते चलें कि अगला शीत कालीन सत्र शुरू होने में करीब 4 से 5 महीने का अंतर होगा। लिहाजा, सरकार कई प्रमुख कानूनों को लंबित नहीं रखना चाहती है क्योंकि इनमें से कई बिल सरकार को प्रमुख एजेंडे में से एक है। अब तक सत्र में कम से कम आठ बिल पास हो चुके हैं।  आगे पढ़ें

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मानसून के ब्रेक लेने से फिर बढ़ा तापमान, दिल्ली में 40 डिग्री पहुंचा पारा

मानसून में भी जुलाई लगभग सूखी जा रही है। दिल्ली में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। अब मॉनसून के ब्रेक लेने से तापमान फिर से करीब 40 डिग्री पहुंच गया है। आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान 40 से अधिक रहने की संभावना है। 15 जुलाई से हल्की बूंदाबांदी शुरू होगी। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को तापमान 39.2 डिग्री रहा जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 31 डिग्री पर पहुंच गया है जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। उमस भी 67 पर्सेंट तक बनी रही। पूरे हफ्ते तापमान ऐसे ही रहेगा। अगले 3 दिनों में बारिश होने के बजाय मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान तेज हवा चल सकती है। ये हवा कुछ देर के लिए तो सुकून पहुंचाएंगी, लेकिन फिर वही गर्मी व उमस का दौर जारी रहेगा।  आगे पढ़ें

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मानसून की सक्रियता से चिंताएं हुर्इं दूर, प्रदेश में औसत से 23 फीसदी ज्यादा हुई बारिश

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के अंदर भोपाल, ग्वालियर, होशंगाबाद, सागर, शहडोल व रीवा संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर तथा उज्जैन, चंबल व जबलपुर संभाग सहित इंदौर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश हुई। पिछले 24 घंटे 13 जिलों में 5 सेमी से ज्यादा बारिश हुई। इसमें मेहगांव में 11, गरोठ 07, करेरा, सिलवानी, अंबाह, गोहद में 06, आष्टा, हटा, तेंदुखेड़ा, रीवा बेगमगंज, सारंगपुर, अशोकनगर में 5 सेंटीमीटर बारिश हुई।  आगे पढ़ें

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विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू, पक्ष और विपक्ष की ओर लगाए गए हैं 4,362 सवाल

सत्र में विपक्ष की ओर से सरकार को कानून व्यवस्था, कर्जमाफी, बिजली कटौती, पेयजल समस्या और अवैध उत्खनन जैसे मुद्दे उठाकर घेरने की कोशिश होगी। उधर, सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी विपक्ष के संभावित हमलों का करारा जवाब देने की तैयारी की है। इसके लिए उन मुद्दों को उठाया जाएगा, जिनमें पिछली सरकार के समय की गड़बड़ियां पकड़ी जा चुकी हैं।  आगे पढ़ें

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महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी, इंदौर में अब 14 इंच हुई बारिश

मुंबई में भी एक बार फिर से बारिश शुरू हुई है। आर्थिक राजधानी में पिछले दिनों हुई बारिश से पहले ही हाल बिगड़े हुए थे और अब पिर हुई बारिश ने भिवंडी और ठाणे इलाके में कईं इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मुलुंड में प्लेटफॉर्म के कवर पर पेड़ का हिस्सा गिर जाने की वजह से लोकल सेवा प्रभावित हुई है। हालांकि, पेड़ को हटाए जाने के बाद फिर से लोकल शुरू हो गई।  आगे पढ़ें

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महाकोशल-विंध्य में मानसून हुआ मेरबान, दमोह उफान पर आए नदी-नाले, कई गांवों से संपर्क टूटा

दमोह में मंगलवार की रात से पूरे जिले में जोरदार बारिश शुरू हुई जो बुधवार की दोपहर तक लगातार जारी रही। थोड़ी देर के लिए बारिश रुकी भी, लेकिन फिर कुछ मिनट के अंदर शुरू हो गई। आलम यह रहा कि जिले के सूखे पड़े नदी-नालों में उफान आ गया और पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। तेंदूखेड़ा के पठाघाट पुल पर देर रात तक पानी रहा जिससे यहां के दर्जनों गांव का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया। इसी तरह और भी नदियां हैं जहां पानी का बहाव तेज है।  आगे पढ़ें

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