होम मध्यप्रदेश सरकार
na-thakane-vaale-aise-karaamaatee

न थकने वाले ऐसे करामाती

उस सरकार की सोचिए, जिसके हिस्से ही यह शोर मचा रहे हों कि इसके तमाम लोग भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। मध्यप्रदेश ने ऐसे बदलाव वाले वक्त की कभी भी कामना नहीं की थी। क्योंकि मामला वक्त के बदलाव का नहीं, बल्कि बदला लेने वाले वक्त में तब्दील होकर रह गया है। यह सब देखकर जनता पार्टी की उस सरकार का कार्यकाल और हश्र याद आ गया, जो अंतत: अपने नेताओं के आपसी घमासान में ही खत्म हो गयी थी। ऐसा उदाहरण सामने होने के बावजूद राज्य की सरकार एवं कांगे्रस संगठन गुटाधीशों के हाथ का खिलौना बनकर रह गये हैं। क्या यह स्थिति उस समय किसी भी लिहाज से ठीक कही जा सकती है, जब प्रदेश के नगरीय निकायों के चुनाव तेजी से नजदीक आते जा रहे हैं। सरकार बनने के बाद लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद निकाय चुनाव ही कमलनाथ की इज्जत और राज्य में पार्टी की ताकत में कुछ इजाफा कर सकते हैं। लेकिन फिलहाल जो चल रहा है, उसे देखते हुए यह आशंका जतायी जा सकती है कि यहां भी मामला लोकसभा चुनाव जैसा ही हो सकता है।  आगे पढ़ें

high-speed-of-bhopal-indore-metro-train-delhi-mou-

भोपाल-इंदौर मेट्रो ट्रेन की बढ़ी रफ्तार, महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली हुआ एमओयू

भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कापोर्रेशन द्वारा किया जायेगा। यह कंपनी अब भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार की 50:50 ज्वाइंट वेंचर कंपनी में परिवर्तित होगी। कंपनी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल के रूप में कार्य करेगी। कंपनी का एक बोर्ड आफ डायरेक्टर्स होगा। इसमें 10 डायरेक्टर होंगे। भारत सरकार बोर्ड के चेयरमेन सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी। प्रदेश सरकार मैनेजिंग डायरेक्टर सहित 5 डायरेक्टर नामित करेगी।  आगे पढ़ें

government-will-give-a-big-deal-to-the-players-of-

प्रदेश के खिलाड़ियों को सरकार देगी बड़ी सौगात, स्वर्ण पदक जीतने वालों को मिलेंगे दो करोड़

मध्यप्रदेश सरकार अंतर्राष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी सौगात देने जा रही है। अब अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने पर राज्य के खिलाड़ियों को दो करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। प्रदेश के खेलमंत्री जीतू पटवारी ने आज राज्य विधानसभा में अपने विभाग से जुड़ी चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्दी ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।  आगे पढ़ें

the-government-will-fix-the-amount-of-debt-waiver-

दूसरे चरण में कर्जमाफी की रकम तय करेगी सरकार, सीएम ने बुधवार को बुलाई बैठक

प्रदेश सरकार ने जय किसान फसल ऋण मुक्ति योजना के तहत 31 मार्च 2018 तक किसानों के दो लाख रुपए तक के कर्ज माफ करने का फैसला किया है। पहले चरण में 50 हजार रुपए तक के नियमित कर्ज और दो लाख रुपए के कालातीत कर्ज को माफ किया गया है। इसको लेकर सरकार और विपक्ष के अपने-अपने दावे हैं। सरकार का दावा है कि 20 लाख से ज्यादा किसानों को कर्जमाफी दी जा चुकी है, वहीं भाजपा का आरोप है कि वास्तव में किसानों की कर्जमाफी नहीं हुई। बैंकों की ओर से किसानों को नो-ड्यूज प्रमाण-पत्र नहीं दिए गए हैं।  आगे पढ़ें

the-impact-of-the-news-excise-commissioner-sent-du

खबर का असर- आबकारी कमिश्नर ने भेजा ड्यूटी स्लेब, अब गेंद पीएस के पाले में, आबकारी विभाग नहीं बता रहा ठेकेदारों को ड्यूटी का स्लेब

आबकारी कमिश्नर रजनीश श्रीवास्तव ने नई आबकारी नीति के तहत शराब ठेकेदारों के फुटकर लायसेंस के लिए मंगलवार को नया ड्यूटी स्लेब बनाकर प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव को भेज दिया। गेंद अब पीएस के पाले में है। इधर, चुनाव आयोग ने अब तक आबकारी विभाग को अपनी तरफ से कोई रिस्पांस नहीं दिया है। हालांकि नई आबकारी नीति के तहत मध्यप्रदेश सरकार को चुनाव आयोग की हरी झंडी एक औपचारिकता ही है, जिसे फिलहाल तो आयोग ने जारी नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि वेबखबर डाट काम ने मंगलवार दोपहर इस खबर को ब्रेक किया था कि मध्यप्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति को चुनाव आयोग ने अब तक परमिशन नहीं दी है। हालांकि सरकार ने इसे आयोग के पास परमिशन के लिए भेज दिया है। read more  आगे पढ़ें

kamal-nath-sarkar-showed-the-code-of-conduct

कमलनाथ सरकार ने दिखाया आचार संहिता को ठेगा

मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति को चुनाव आयोग की परमिशन के लिए तो भेज दिया है लेकिन आयोग की अनुमति मिलने के पहले ही नीति का पहला भाग प्रदेश के सारे कलेक्टरों को भेज कर वर्तमान ठेकेदारों से फुटकर लायसेंस के नवीनीकरण के प्रस्ताव 12 से 14 मार्च के बीच मांग लिए हैं। जबकि अभी तक चुनाव आयोग ने सरकार को इसके लिए हरी झंडी नहीं दिखाई है।  आगे पढ़ें

atanki-hamale-mein-shahid-ashvini-ke-parijanon-ko-

आतंकी हमले में शहीद अश्विनी के परिजनों को एक करोड़ की सहायता देगी मप्र सरकार

शहीद सैनिक के माता-पिता और तीन भाई दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते हैं। वहीं अश्विनी काछी परिवार में सबसे छोटे थे। उन्होंने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई करके देशसेवा करने का फैसला लिया। अश्विनी 2014-15 में सीआरपीएफ की 35वीं बटालियन में कांस्टेबल बने। उल्लेखनीय है कि इस गांव की आबादी 3000 के आसपास है और 50 से ज्यादा युवा सेना में सेवाएं दे रहे हैं।  आगे पढ़ें

if-not-shivraj-then-nothing

शिवराज नहीं तो कुछ भी नहीं?

और इसलिए तमाम एंटी इनकंबेसी से लेकर पार्टी के अपने अंतरविरोध के बावजूद भी अगर भाजपा प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाती है तो यह कामयाबी उसके स्थापित ब्रांड की वेल्यू होगी। इसलिए भी कि क्योंकि सरकार है तो पिछले पांच साल में केवल और केवल शिवराज है। बाकी मंत्रियों के नाम पर या तो भाटचारण करने वालों की भीड़ है या इक्के-दुक्के ऐसे चेहरे हैं, जो यही सोचकर खुश होते रहे हैं कि उनका पद सलामत है। नंदकुमार सिंह चौहान ने प्रदेश भाजपा के संगठन को जिस तरह थाली में रखकर शिवराज को अर्पित किया, वैसा तो राज्य में उस समय भी देखने को नहीं मिलता था, जब पटवा-लख्खी की जोड़ी कुशाभाऊ ठाकरे के संरक्षण में अध्यक्ष से लेकर हर महत्वपूर्ण बात के लिए निर्णायक मत रखती थी। read more  आगे पढ़ें

jameen-mein-gaad-do-in-aankadon-ko

जमीन में गाड़ दो इन आंकड़ों को

हर ओर विकास के नयनाभिराम दृश्य दिखाने का पूरा बंदोबस्त है यहां। माहौल उस रामराज का, जो इससे पहले अयोध्या में श्रीराम के समय भी शायद ही देखने मिलता हो। यह सहन नहीं हुआ तो ढीठ विघ्नसंतोषी आंकड़ों का अस्त्र लेकर सामने आ गए हैं। बता रहे हैं कि राज्य का खजाना लगभग खाली हो चुका है। वेतन देने के भी लाले पड़ सकते हैं। बेशर्मी और बदतमीजी की हद यह कि इसके साथ ही यह भी गिनाया जा रहा है कि सरकार ने अब तक कितने बार कर्ज लिया है और उसे किस-किस तरह निरुद्देश्य खर्च किया गया। मुझे तो शुरू से ही आंकड़ों से चिढ़ रही है। कोई तहजीब नहीं। लिहाज नहीं। मुंह उठाया और उगलने लगे सच। ऐसा भी कोई करता है भला! ये निर्लज्ज पूर्व में राज्य को बलात्कार की घटनाओं में अव्वल दर्जे पर बताने का पाप भी कर चुके हैं। इन आंकड़ों को घसीटते हुए किसी जन आशीर्वाद यात्रा में ले जाना चाहिए। read more  आगे पढ़ें

Previous 1 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति