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दिग्गी ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठन को लेकर पीएम को लिखा पत्र, कहा- एक धार्मिक ट्रस्ट में अपराधी और सरकारी लोगों का क्या काम है

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लेकर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2 पेज का पत्र लिखकर कई बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। उन्होंने ट्रस्ट के गठन और इसमें शंकराचार्य को शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई। पूछा- एक धार्मिक ट्रस्ट में अपराधी और सरकारी लोगों का क्या काम है? दिग्विजय ने अपनी चिट्ठी में हवाला दिया कि आरएसएस भगवान रामचंद्रजी को भगवान का अवतार नहीं मानती है। उन्हें मयार्दा पुरुष ही मानती है और उनका स्मारक बनाना चाहती है। सनातन धर्म में रामचंद्र भगवान के अवतार हैं। उनमें करोड़ों लोगों की आस्था है।  आगे पढ़ें

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आज दिल्ली में होगी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक, मंदिर निर्माण के मॉडल समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक आज दिल्ली में होगी। इसमें मंदिर निर्माण के मॉडल समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। निर्माण कार्य के लिए टाइमलाइन भी तय की जा सकती है। एक अन्य मुद्दा आम जनता से चंदा लेने का भी है। इसके लिए उपाय खोजे जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 9 नवंबर को मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला दिया था। उसने केंद्र सरकार को मंदिर निर्माण और इसके बारे में रूपरेखा तैयार करने के लिए ट्रस्ट बनाने को कहा था। इसके पहले ट्रस्टी के. पाराशरण हैं।  आगे पढ़ें

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राम मंदिर निर्माण में बनने वाले ट्रस्ट को लेकर संघ मुख्यालय में हुई बैठक, पीएम से मिलेगा निर्मोही अखाड़ा

अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट को लेकर सोमवार को नागपुर में संघ मुख्यालय में बैठक हुई। इस बैठक में मोहन भागवत और भैयाजी जोशी के साथ विहिप के शीर्ष पदाधिकारी शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में ट्रस्ट में शामिल किए जाने वाले नामों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में तय की गई सूची सरकार को सौंप दी जाएगी। इधर निमोर्ही अखाड़ा राम मंदिर निर्माण के लिए बनने वाले ट्रस्ट में अहम भूमिका देने की मांग को लेकर, अगले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगा। सोमवार को अखाड़े के साधु-संतों की बैठक में यह फैसला लिया गया। अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने कहा- मंदिर निर्माण में निमोर्ही अखाड़ा सकारात्मक भूमिका निभाएगा। अखाड़े को राम जन्मभूमि न्यास के मॉडल पर मंदिर निर्माण करने पर आपत्ति नहीं है। साथ ही निर्माण में न्यास की कार्यशाला में तराशकर रखे गए पत्थरों का इस्तेमाल करने पर भी कोई ऐतराज नहीं है।  आगे पढ़ें

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अयोध्या में मन्दिर मस्जिद के बाद अब 'राष्ट्र मन्दिर' के निर्माण की बारी

अयोध्या में मंदिर निर्माण जल्द से जल्द प्रारंभ किए जाने के लिए साधु संतों के जमावड़े ने सरकार से कई बात कानून बनाने अथवा अध्यादेश जारी करने की मांग की गई थी। तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा था कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद भी अपने रुख को दोहराया। सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी भूरी -भूरी प्रशंसा की जानी चाहिए कि उन्होंने देश की जनता, साधु संतों और राजनीतिक दलों को इस फैसले की धैर्य पूर्वक प्रतीक्षा करने के लिए मानसिक रूप से तैयार किया।  आगे पढ़ें

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राम जन्मभूमि निर्माण के लिए आगामी शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ट्रस्ट बनाने के लिए पेश कर सकती है बिल

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को ट्रस्ट बनाना होगा। मोदी सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ट्रस्ट बनाने के लिए बिल पेश कर सकती है। यह सत्र 19 नवंबर से शुरू हो रहा है और 13 दिसंबर तक चलेगा।  आगे पढ़ें

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सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम फैसला: विवादित जमीन पर बनेगा राम मंदिर, मुस्लिमों को मस्जिद के लिए जमीन मिले

134 साल पुराने अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया। इसके तहत अयोध्या की 2.77 एकड़ की पूरी विवादित राम मंदिर निर्माण के लिए दे दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बने और इसकी योजना तैयार की जाए। चीफ जस्टिस ने मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दिए जाने का फैसला सुनाया, जो कि विवादित जमीन की करीब दोगुना है। चीफ जस्टिस ने कहा कि ढहाया गया ढांचा ही भगवान राम का जन्मस्थान है और हिंदुओं की यह आस्था निर्विवादित है।  आगे पढ़ें

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राम मंदिर पर बोले संघ प्रमुख, कहा- किसी भी पार्टी की सरकार बने आम चुनाव के बाद शुरू होगा निर्माण

आरएसएस नेता ने यह भी कहा कि भागवत ने राम मंदिर निर्माण के लिए कोई तय तारीख तो नहीं बताई है लेकिन यह स्पष्ट किया है कि राम मंदिर और गोरक्षा ही हिंदू संस्कृति के आधार हैं और वे बेहद महत्वपूर्ण हैं। आपको बता दें कि हाल ही में हुई 'धर्म संसद' में कहा गया था, 'जैसे-जैसे चुनाव आ रहा है, छद्म सेक्युलर राजनीतिक ताकतें इकट्ठा हो रही हैं। संत समाज राम जन्मभूमि मुद्दे को राजनीतिक मुद्दे में नहीं बदलने देगा।' आरक्षण के मुद्दे पर मोहन भागवत ने कहा कि वह इसके साथ हैं, लेकिन वह व्यापक सामाजिक पहुंच के भी पक्षधर हैं। एक आरएसएस नेता ने कहा, 'भागवत ने कहा है कि आरएसएस आरक्षण के खिलाफ नहीं है लेकिन इसका लाभ जाति, धर्म और संप्रदाय के आधार पर मिलने की बजाय जरूरतमंद लोगों को मिलना चाहिए।'  आगे पढ़ें

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राम मंदिर निर्माण मुद्दा: विहिप ने लोकसभा चुनाव तक रोका अपना अभियान

वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा, ह्यवीएचपी ने आम चुनाव संपन्न होने तक अयोध्या में भगवान राम की जन्मस्थली पर राम मंदिर के निर्माण के लिए अपना अभियान रोकने का फैसला किया है क्योंकि संगठन नहीं चाहता कि यह कोई चुनावी मुद्दा बने।ह्ण जैन ने कहा कि संगठन अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के मुद्दे को लेकर प्रतिबद्ध है और नई सरकार बनने पर आगे की रणनीति तय करेगा। लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में संभावित हैं।  आगे पढ़ें

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अयोध्या: सरकार की याचिका, भाजपा के लिए राम मंदिर निर्माण की दिशा में बढ़े कदम

गौरतलब है कि आरएसएस के नेतृत्व वाले कई संगठन विवादित भूमि पर मंदिर निर्माण के लिए कानून की मांग कर रहे हैं। बीजेपी के एक नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की याचिका राम भक्तों और बीजेपी कैडरों की गहरी पीड़ा को दूर करने का प्रयास है। इस टिप्पणी से कुछ घंटे पहले ही केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या में विवादित ढांचे के आसपास अधिग्रहित गैर-विवादित भूमि को न्यास और दूसरे मालिकों को लौटाने की अनुमति देने का अनुरोध किया।  आगे पढ़ें

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राम मंदिर की पहल न करने से नाराज संघ ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा-अब 2025 में होगा निर्माण

भैयाजी जोशी के बयान को केंद्र की एनडीए सरकार पर निशाना माना जा रहा है। भैयाजी जोशी ने यूपी के प्रयागराज में कहा, '1952 में सोमनाथ मंदिर की स्थापना के साथ देश गति से आगे बढ़ा, 2025 में राम जन्मभूमि के ऊपर मंदिर बनने के बाद फिर इस दिशा को और गति प्राप्त होने वाली है।'  आगे पढ़ें

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