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विवेक तन्खा ने कहा- भोपाल में ही दो महापौर क्यों, जबलपुर और इंदारै में क्यों नहीं

भोपाल नगर निगम को दो हिस्सों में बांटे जाने की कवायद के बीच इंदौर और जबलपुर नगर निगमों के बंटवारे की मांग उठी है। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने रविवार को ट्वीट कर कहा है कि भोपाल में ही दो महापौर क्यों, जबलपुर और इंदौर में क्यों नहीं। इसके जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि जबलपुर और इंदौर शहर में दो नगर निगम बनाने के संबंध में एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसे परीक्षण के लिए विभाग को भिजवा दिया गया है। दोनों जिलों के कलेक्टरों से नगर निगमों के बंटवारे का परीक्षण कराया जाएगा। वहां के मंत्रियों और विधायकों से अलग-अलग चर्चा की जाएगी, उनके सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद फैसला लिया जाएगा।  आगे पढ़ें

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शिवराज ने कहा- लॉर्ड कर्जन ने जैसे बंगाल को बांटा था, ऐसे ही कांग्रेस भोपाल को दो टुकड़े करने की साजिश रच रही है

शिवराज सिंह ने कहा कि देश में चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद जैसे बड़े महानगरों में एक ही नगर निगम है, फिर भोपाल नगर निगम का बंटवारा करने की जरूरत सरकार को क्यों पड़ी? शिवराज भोपाल के मानस भवन में दो अलग-अलग नगर निगम बनाए जाने के कमलनाथ सरकार के प्रस्ताव के विरोध में आयोजित बैठक में प्रबुद्धजनों के साथ भाग ले रहे थे।  आगे पढ़ें

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क्या करें फितरत के ऐसे असर का

राजा भोज शूरवीर थे। विकास उनके शासन की सतत प्रक्रिया रही। जिस बड़े तालाब की अतिक्रमण के जरिये दुर्गति करने के मसूद एंड कंपनी पर सबसे ज्यादा आरोप हैं, उस तालाब का निर्माण भोज ने ही करवाया था। उन्होंने सुशासन संचालित किया। यही तमाम वजह रहीं कि भोज के खाते में औरंगजेब जैसी एक भी कुख्याती दर्ज नहीं की गयी। तो फिर उनका विरोध किसलिए? क्या इसकी वजह यह कि भोज वह शासक रहे, जिन्होंने महमूद गजनवी को रेगिस्तान में खदेड़ और उसके बेटे की जान लेकर सोमनाथ विध्वंस का बदला पूरा किया था!  आगे पढ़ें

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ये हवा और पानी का संगम

तेज हवा में सूखी रेत उड़कर कहर ढा जाती है। यह लोगों की आंख में चली जाए तो कुछ देर के लिए सब-कुछ दिखना बंद हो जाता है। फिर यहां तो मामला उस रेत का है, जो पूरे तीन घंटे तक सुखायी गयी। भ्रष्टाचार की आग पर रखकर। वह भी होशंगाबाद कलेक्टर के कार्यालय में। आग कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने लगायी या एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने, मैं नहीं जानता। हां, इतना पता है कि तीन घंटे बाद जब चैम्बर का दरवाजा खुला तो रेत ने आरोप-प्रत्यारोप की हवा के असर से ऐसा कहर बरपाया कि भोपाल में बैठे शासक वर्ग तक को सब-कुछ दिखना बंद हो गया। सोचिए कि सीताशरण शर्मा यदि सत्तारूढ़ दल में होते तो इस रेत की उड़ान का वेग और कितना अधिक हो जाता। फिलहाल अब रेत जर्रा-जर्रा होकर वल्लभ भवन की फाइलों में कैद है। read more  आगे पढ़ें

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आईएसआई के लिए काम रहे 5 लोगों को क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार, टेरर फंडिंग का है आरोप

आरोपियों के पास से फोन और लैपटॉप बरामद किया गया है। उनके पास 17 पाकिस्तानी नंबर मिले। ये लोग आतंकियों के फंड मैनेजर से वीडियो-मैसेंजर कॉल और वॉट्सऐप चैटिंग करते थे। 2017 में गिरफ्तारी के बाद बलराम जमानत पर बाहर आया था और वह फिर से टेरर फंडिंग का काम करने लगा। बताया जा रहा है कि वो पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से बात करते थे। फिर बैंक खातों में पैसा जमा कराकर उसे आतंकियों तक पहुंचाते थे। बताया जा रहा है कि आरोपी बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जुड़े संदिग्ध लोगों को बैंक खातों और हवाला के जरिए कमीशन बेस पर पैसे ट्रांसफर करते थे।  आगे पढ़ें

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मौसम विभाग की चेतावनी, देश के कई राज्यों में आज हो सकती है भारी बारिश, भोपाल में झमाझम जारी

मध्य प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र समेत 23 राज्यों में बुधवार को भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। भोपाल में सुबह से तेज बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे में भारी बारिश के कारण ओडिशा में 6, उत्तर प्रदेश में 4 और हिमाचल में 2-2 लोगों की मौत हो गई। जबकि पांच दिनों में केरल में 91, कर्नाटक में 50 लोगों की जानें गईं। तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में मंगलवार को 140 जगहों पर भूस्खलन हुआ। हालांकि, इससे कोई जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र समेत समुद्र तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया। अरब सागर क्षेत्र में 55 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह भी दी गई।  आगे पढ़ें

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भोपाल की प्यास बुझाने वाला बड़ा तालाब पहुंचा फुल टैंक लेवल, भदभदा डैम के खुले गेट

बता दें कि पिछले तीन-चार दिनों से भोपाल में बारिश हो रही है। इसके चलते बड़े तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़ा और शुक्रवार देर रात ये 1666.80 फीट फुट टैंक लेवल पर पहुंच गया। इसके बाद ही नगर निगम ने शनिवार सुबह भदभदा डैम के गेट खोलने का फैसला किया था। इस वर्ष राजधानी में मानसून अभी तक काफी मेहरबान रहा है। सीजन के जून, जुलाई और अगस्त में अभी सिर्फ 33 दिनों ही पानी गिरा। लेकिन इनमें से पांच दिन में हुई झमाझम बरसात ने ही राजधानी में पानी की कमी को पूरा कर दिया। जिसके चलते बड़ा शुक्रवार को बड़ा तालाब लबालब हो गया।  आगे पढ़ें

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क्या हम अभिशप्त हैं?

बात केवल एक प्लेटिनम प्लाजा की नहीं है। गड्ढों के तौर पर शहर के चेहरे पर उगी चेचक हर ओर देखी जा सकती है। कोलार के इलाके में चले जाइए। किस जगह पानी के नीचे मौत आपका इंतजार कर रही है, कोई नहीं जानता। छोटे तालाब से लेकर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड तक की सड़क तो जैसे सामूहिक दुराचार की शिकार बना दी गयी है। वाहन चलाना तो दूर, उस पर पैदल चलना तक जन्म-मरण का प्रश्न बन गया है। स्मार्ट सिटी वाले निमार्णाधीन हिस्से के पास से गुजरते समय यही आशंका लगी रहती है कि वहां भी कहीं कोई गड्ढा बांहे पसारे इंतजार न कर रहा हो। यकीन न हो तो टी टी नगर स्टेडियम के दोनों छोर पर देख सकते हैं।read more  आगे पढ़ें

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सोमवार देर रात जमकर बरसे बदरा, रिहायशी इलाकों में भरा पानी, कई जगह बिजली रही गुल

मानसून के दूसरे सबसे सक्रिय सिस्टम ने सोमवार रात को भोपाल में जमकर बारिश कराई। रात 8:30 बजे से 11:30 बजे तक करीब सवा चार इंच (107 मिमी) बारिश से राजधानी तर हो गई। जबकि सुबह से देर रात 1 बजे तक 5.54 इंच (140.9 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई। मंगलवार सुबह तक ये आंतड़ा 166.5 मिलीमीटर तक पहुंच गया। अभी भी कई रिहायशी इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया।  आगे पढ़ें

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भोपाल के डॉक्टरों की उपलब्धि: खून बंद किए बिना कर दी हार्ट की सर्जरी

बीएमएचआरसी के कार्डियक सर्जरी विभाग प्रमुख डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि गैस पीड़ित महिला सांस की तकलीफ के साथ अस्पताल के हृदय रोग विभाग में आई थी। जांच के बाद पता चला कि मरीज के हृदय के वॉल्व में कुछ खराबी है। इसके बाद हृदय रोग विभाग के डॉक्टरों ने मरीज को हृदय शल्य चिकित्सा विभाग में रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि मनुष्य के हृदय के वॉल्व में एक मुख्य धमनी होती है। इसे एओर्टा कहा जाता है।  आगे पढ़ें

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