होम भारतीय सेना
indian-army-will-deploy-air-defense-unit-in-border

एयर डिफेंस यूनिट को सीमा में तैनात करेगी भारतीय सेना, पाकिस्तान का बढ़ेगा खौफ

आईएएफ की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने पीओके के समीप सीमा पर अपनी सेना की आमद बढ़ा दी। हालांकि, कुछ समय बाद उसने इस तैनाती में कटौती की लेकिन अभी भी 124 आर्मर्ड ब्रिगेड, 125 आर्मर्ड ब्रिगेड और 8 और 15 डिवीजन की सीमा से वापसी नहीं हुई है। पाकिस्तानी सेना के ये दस्ते अभी भी वहां मौजूद हैं। हमारे सहयोगी टाइम्स नाउ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इलाके में पाकिस्तानी सेना की 30 कोर की मदद के लिए वहां एक स्वतंत्र रूप से आर्मर्ड ब्रिगेड मौजूद है। रिपोर्ट में सराकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान ने सीमा पर सैन्य टुकड़ियों की जो आक्रामक संरचना तैयार की है, इसमें उसकी मदद उसकी थल सेना ने की होगी।  आगे पढ़ें

army-raises-concern-over-rising-incidents-of-fired

घटिया गोला-बारूद से बढ़ती घटनाओं से सेना ने जताई चिंता, उठ रहा रक्षा उपकरणों से भरोसा

बता दें कि 19 हजार करोड़ रुपयों के सालाना टर्नओवर वाले आॅर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के पास गोला-बारूद बनाने वाली कुल 41 फैक्ट्री हैं जो 12 लाख सैनिकों वाली भारतीय सेना को गोला-बारूद की सप्लाई करने वाला मुख्य स्रोत है। सूत्रों ने बताया कि आॅर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के गोला-बारूद की क्वॉलिटी में गिरावट से देश की युद्ध क्षमताओं पर गहरा असर पड़ता है। सेना की इस शिकायत पर रक्षा उत्पादन सचिव कुमार ने सेना से अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रस्तुत करने को कहा है।  आगे पढ़ें

army-and-will-be-strong-fleet-will-include-464-new

सेना और होगी मजबूत, बेड़े में शामिल होंगे 464 नए टी-90 भीष्म टैंक, पाक सीमा में होंगे तैनात

बता दें कि सेना के 67 बख्तरबंद रेजिमेंट में पहले से ही 1,070 टी-90 टैंक, 124 अर्जुन और 2,400 पुराने टी-72 टैंक मौजूद हैं। शुरूआती 657 टी-90 टैंक 2001 से रूस से 8,525 करोड़ रुपये में इंपोर्ट किए गए थे। अन्य 1000 टैंकों का लाइसेंस लेने के बाद इन्हें एचवीएफ ने रशियन किट से बनाया है। सूत्र के मुताबिक, 'बचे हुए 464 टैंकों के लिए इंडेंट (मांग पत्र) में कुछ देरी हुई है। इन नए टैंक में रात में भी लड़ने की क्षमता होगी। एक बार यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहले 64 टैंकों की डिलिवरी 30-41 महीनों में हो जानी चाहिए।' बता दें कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब 1.3 मिलियन की मजबूत सेना युद्ध लड़ने वाली अपनी पूरी मशीनरी को फिर से तैयार कर रही है।  आगे पढ़ें

army-wants-to-work-on-connectivity-to-the-border-w

चीन से लगी सीमा तक कनेक्टिविटी का काम समय पर चाहती है आर्मी

आर्मी जनरलों के बीच हर मौसम में अनुकूल पूरे दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी रोड को तेजी से पूरा किए जाने पर चर्चा हुई। पूर्वी लद्दाख में एलएसी के समानांतर होने के कारण यह रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। 225 किलोमीटर का यह रास्ता सितंबर 2001 में अपनी शुरूआत से ही पुनर्निर्धारण, खराब निर्माण और अन्य समस्याओं से जूझ रहा है। इसी तरह सिक्किम और लद्दाख में कुछ पुलों को मजबूत किए जाने की जरूरत है ताकि टैंक और तोपों की सही आवाजाही हो सके। एफओएल (फ्यूल, आयल, लुब्रिकैंट) और युद्ध सामग्री के काफिले की आवाजाही के लिए सुरंग का निर्माण अजेंडे में शामिल है।'  आगे पढ़ें

burmese-terrorists-demolished-in-myanmar-after-des

बालाकोट में आतंकी ठिकाने नष्ट करने बाद भारतीय सेना ने म्यांमार में भी किए आतंकी ठिकाने ध्वस्त

भारतीय सेना ने म्यांमार की सेना के साथ मिलकर आतंकी ठिकानों के खिलाफ अभियान को अंजाम दिया है। दोनों देशों की सेनाओं ने 17 फरवरी से दो मार्च के बीच पूर्वोत्तर के लिए महत्वपूर्ण मेगा बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए खतरा बन रहे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की। परियोजनाओं को म्यांमार में सक्रिय उग्रवादी समूह से खतरा था। म्यांमार का विद्रोही समूह अराकान आर्मी ने मिजोरम सीमा पर नए ठिकाने बनाए थे। यह संगठन कलादान परियोजना को निशाना बना रहा था। अराकान आर्मी को काचिन इंडिपेंडेंस आर्मी द्वारा नॉर्थ बॉर्डर चीन तक ट्रेनिंग दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, विद्रोहियों ने अरुणाचल से सटे क्षेत्रों से मिजोरम सीमा तक की 1000 किमी की यात्रा की।  आगे पढ़ें

shaheed-riflemans-wife-included-in-army-buni-offic

शहीद राइफलमैन की पत्नी सेना में हुई शामिल, बनी अफसर

सितंबर 2015 में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में वह शहीद हो गए थे। उनकी मौत के बाद संगीता ने अपनी सास की सेवा के लिए टीचिंग की जॉब छोड़ दी। संगीता को न सिर्फ अपने पति की मौत से उबरना था, बल्कि इसी दौरान उनका गर्भपात भी हो गया था। यह उनके लिए दोहरे झटके जैसा था। संगीता के देवर सुशांत मल्ल ने बताया, 'मेरी मां ने उन्हें हमेशा सपॉर्ट किया और उन्हें आगे पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और इसके बाद बैंक की नौकरी करने के लिए कहा।'  आगे पढ़ें

pakistan-has-miserable-indian-army-has-posted-four

पाक को दुस्साहस पड़ा भारी, भारतीय सेना ने चार पोस्ट किए तबाह, सैनिकों के मारे जाने की भी सूचना

देर रात तक दोनों तरफ से गोलाबारी जारी रही। जानकारी के अनुसार, शाम करीब साढ़े पांच बजे पाक सेना ने एकाएक भारी गोलाबारी शुरू कर दी। पाक सेना ने शाहपुर किरनी सेक्टर में सैन्य चौकियों के साथ-साथ रिहायशी क्षेत्रों को भी निशाना बनाकर मोर्टार दागे। कई गोले लोगों के घरों के आसपास गिरे। डरे-सहमे लोग घरों में दुबके रहे। इसी दौरान सीमा पर सेना के साथ तैनात एसपीओ सईद शाह घायल हो गए। उसे किसी तरह गोलाबारी के बीच से निकाल कर जिला अस्पताल पुंछ में भर्ती करवाया गया।  आगे पढ़ें

akhnoor-sector-again-opened-fire-on-pakistan

अखनूर सेक्टर में फिर गोलाबारी की पाक ने

पाकिस्तानी सैनिकों ने सोमवार को अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित गांवों और अग्रिम चौकियों को निशाना बना सीमा-पार झड़पों के लिए जारी दो दिन के शांति काल का उल्लंघन किया। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, सीमा-पार से गोलीबरी देर रात करीब तीन बजे शुरू हुई जो सुबह साढ़े छह बजे तक चली।  आगे पढ़ें

do-not-become-a-supporter-of-terrorists-on-my-prot

मेरा विरोध करों पर आतंकियोंं के समर्थक मत बन जाना, विपक्ष को चेताया मोदी ने

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ लोगों द्वारा अपने ही देश का विरोध करने को राष्ट्र के समक्ष चुनौती बताते हुए शनिवार को कहा कि मोदी विरोध की जिद में देश हित का विरोध मत करिए। उन्होंने यह भी कहा कि ध्यान रखिए कि मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंकियों को, आतंक के सरपरस्तों को सहारा न मिल पाये। मोदी ने कहा कि देश में आज एक चुनौती है कि कुछ लोगों द्वारा अपने ही देश का विरोध किया जा रहा है। आज जब पूरा देश सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है तो कुछ लोग सेना पर ही संदेह कर रहे हैं  आगे पढ़ें

congratulations-to-the-indian-army

बधाई देश की सेना को

इसकी सबसे बड़ी बधाई उन जांबाज वायुसैनिकों को, जो जानते थे कि वे मौत के मुंह में जा रहे हैं। जहां से सुरक्षित लौटकर आना बहुत बड़ी चुनौती है। फिर भी उन्होंने इतना बड़ा जोखिम लिया। अपने चालीस साथियों की मौत का बदला लेने के लिए अपनी जान पर खेल गये। मुबारकबाद, सेना के उस एक-एक शख्स को, जिसने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस कार्रवाई के सफल संपादन में योगदान दिया। वह पेशानी तो यकीनन चूमे जाने लायक है, जिसके भीतर बसे दिमाग ने दुश्मन को यूं सबक सिखाने की योजना तैयार की। कमाल उन नरेंद्र मोदी का, जिन्होंने सेना को बदला लेने के लिए पूरी छूट दी और वह माहौल बना दिया, जिसके बाद सारी दुनिया आज भारतीय सेना का लोहा मान रही है।  आगे पढ़ें

Previous 1 2 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति