होम बौखलाहट
pakistan-now-thar-express-and-bus-service-stopped

बौखलाहट में पाकिस्तान, अब थार एक्सप्रेस और बस सेवा को भी रोका

पाकिस्तान ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह थार एक्सप्रेस की सेवा रद्द कर देगा जो राजस्थान सीमा के जरिए भारत और पाकिस्तान के बीच चलती है। एक दिन पहले ही पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस रद्द कर दी थी और द्विपक्षीय संबंधों को कमतर करने का निर्णय किया था। रेल मंत्री शेख राशिद अहमद ने शुक्रवार को थार एक्सप्रेस की सेवा रद्द करने की घोषणा की और कहा कि शुक्रवार की देर रात अंतिम ट्रेन भारत के लिए रवाना होगी। यह जानकारी पाकिस्तान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी एपीपी (असोसिएटेड प्रेस आॅफ पाकिस्तान) ने दी।  आगे पढ़ें

neighbors-afridi-remembered-trump-and-un-angry-at-

जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने पर बौखलाया पड़ोसी, अफरीदी को याद आए ट्रंप और यूएन

पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू-कश्मीर का स्पेशल स्टेटस खत्म करने से पड़ोसी देश पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। बौखलाहट का आलम ये है कि वहां के क्रिकेटर भी भारत के खिलाफ बयान दे रहे हैं। कश्मीर पर पीएम नरेंद्र मोदी के फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी तिलमिलाए हुए हैं, मामला भारत का है और उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) याद आ रहा है। कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने पर अफरीसी ने ट्वीट कर कहा कि वठ सो रहा है। सोमवार को भारत के इस फैसले बाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने देर शाम एक ट्वीट कर संयुक्त राष्ट्र पर सवाल उठाते हुए अमेरिका से मदद की आस लगाई।  आगे पढ़ें

bakhlarian-vice-chancellor-on-the-complaint-to-the

शिकायत करने गई छात्रा पर बौखलार्इं कुलपति, कहा- आज के बाद नेतागिरी मत करना

इसी बीच कुलसचिव डॉक्टर आई के मंसूरी भी गरम हो गए और कहा कि हम लोग 7:00 बजे तक बैठते हैं, तुम लोग पेपर के बाद ही आ जाते तो निराकरण करा देते। अंत में कुलपति ने दो टूक शब्दों में कह दिया अगर आप ने रजिस्ट्रार से कम्युनिकेट नहीं किया या फिर रजिस्ट्रार ने आपकी प्रॉब्लम सॉल्व नहीं की तब तक बीसी तक एप्रोच करना गलत है। बीसी जब तक बात नहीं करेगी कब तक कुलसचिव निराकरण नहीं कर देते। उल्लेखनीय है कि जीवाजी विश्वविद्यालय के मृगनयनी हॉस्टल की छात्राओं ने सब्जी में कीड़े निकलने, फफूंद लगे टमाटर डालने व युवकों के अंदर तक आने की शिकायत की है।  आगे पढ़ें

modis-anger-and-rajivs-sacrifice

मोदी का गुस्सा और राजीव की कुर्बानी

सच कहें तो यह चुनाव कांग्रेस हवा में लाठी चलाने की तर्ज पर लड़ रही है। राहुल गांधी आज तक अपनी लहर स्थापित नहीं कर सके हैं। सोनिया गांधी नेपथ्य में जा चुकी हैं। संभवत: प्रियंका वाड्रा की क्षमताओं को भांपते हुए ही उनकी भूमिका को उत्तरप्रदेश के एक हिस्से तक ही सीमित कर दिया गया है। पार्टी की सारी आशा बिल्ली के भाग्य से छींका टूटने पर टिकी हुई है। क्योंकि यह स्थापित तथ्य है कि कांग्रेस अपनी दम पर सरकार नहीं बन सकती। नि:संदेह यह भाजपा सहित मोदी के लिए राहत वाला विषय होता, बशर्ते, कॉमन एजेंडा लेकर अलग-अलग चल रहे राजनीतिक दलों के किसी भी मौके पर एकजुट हो जाने की आशंका नहीं रहती। बीते चुनाव में यकीनन मोदी ने ही अपनी दम पर भाजपा को बहुमत दिलाया था। लेकिन मोदी का जादू इतना कायम नहीं रह सका कि वह देश की सियासत को एक बार फिर भाजपा बनाम कांग्रेस वाली स्थिति में ला सकें। इसलिए मौजूदा आम चुनाव से पहले ही यह साफ हो गया है कि सरकार बनाने में भाजपा को क्षेत्रीय दलों की मदद लेना होगी और कांग्रेस को ऐसा करने हेतु मोदी-विरोधी विपक्ष का सहयोग चाहिए रहेगा।  आगे पढ़ें

Previous 1 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति