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बालाकोट पर बोले सेना प्रमुख, कहा- आतंकी घटनाओं को रोकने किया गया था हमला

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि फरवरी में किए बालाकोट हवाई हमले का मुख्य उद्देश यह सुनिश्चित करना था कि सीमा पार प्रशिक्षण पा रहे आतंकी भारत पर हमला करने के लिए जिंदा न बचें। जनरल रावत ने एझीमाला नेवल एकेडमी 264 प्रशिक्षु कैडिटों की पासिंग आउट परेड के बाद कश्मीर में आतंकवाद पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी एजेंसियां सीमा पार आतंकवाद से अपने स्तर पर निपट रही हैं। विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच अब एनआइए ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई है। और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आतंकियों को मिलने वाली वित्तीय मदद के रास्ते बंद करना शुरू कर दिए हैं।  आगे पढ़ें

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सैन्य प्रमुख रावत ने कहा- आतंकवाद कई सिर वाला राक्षस, कई तरह से पसार रहा पैर

सेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू कश्मीर समेत भारत में अलग-अलग तरह का कट्टरपंथ दिखाई दे रहा है। बहुत सी गलत एवं झूठी जानकारियों के कारण युवाओं के अंदर कट्टरता की भावना आ रही है और धर्म संबंधी कई झूठी बातें उनके मनोमस्तिष्क में भरी जा रही हैं। जनरल रावत ने कहा, ''इसलिए आप अधिक से अधिक शिक्षित युवकों को आतंकवाद की ओर बढ़ते देख रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि देश जब तक राष्ट्र की नीति के तौर पर आतंकवाद को बढ़ावा देते रहेंगे, तब तक यह मौजूद रहेगा।  आगे पढ़ें

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पाक पीएम के बयान पर आर्मी चीफ का पलटवार, एक कदम भी सकारात्मक रूप से चलकर बताएं

सेना प्रमुख बिपिन रावत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोस्ती में हिंदुस्तान एक कदम आगे बढ़ाएगा तो मैं दो कदम बढ़ाऊंगा। सेना प्रमुख ने कहा कि वे (पाकिस्तान) एक कदम भी सकारात्मक रूप से उठाकर तो दिखाएं। रावत ने कहा कि हम भी जमीनी स्तर पर देखेंगे कि उसका क्या प्रभाव पड़ता है। इस दौरान सेना चीफ ने साफ कहा कि जब तक पाक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाता है तब तक हमारे देश की नीति स्पष्ट है कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।  आगे पढ़ें

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सेना प्रमुख का आरोप: पाक ने पीओके में बदली जनसांख्यिकी, कश्मीरियों की पहचान को किया नष्ट

रावत ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर रिश्तों की उम्मीद की जा रही है। उन्होंने कश्मीर में थोड़ी सी भी शांति होने पर सुरक्षा बलों को वापस 'बैरक' में भेजने के सुझावों पर असहमति जताई। रावत ने कहा कि इससे आतंकवादियों को अपने नेटवर्कों को फिर से जिंदा करने का वक्त मिल जाएगा।  आगे पढ़ें

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