होम चित्रकूट
maoist-killed-in-abduction-in-satna-dead-body-thro

सतना में अगवा किए गए मासूम की हत्या कर नाले में फेंका शव

अपहरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस की 12 टीमें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जाकर लोगों से पूछताछ कर रही थी। बच्चे का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ भी की। अपहृत बच्चे की जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने जिले की सीमाओं को भी सील कर दिया था। नागौद थाना के रहिकवारा गांव में रहने वाले राजेश प्रजापति का 6 साल का बेटा मंगलवार दोपहर 3.30 बजे तक घर के पास खेल रहा था। इसके बाद वह अचानक वहां से लापता हो गया। शाम 6 बजे मासूम के चाचा के पास अपहरणकर्ता ने कॉल कर 2 लाख की फिरौती मांगी थी।  आगे पढ़ें

maoist-killed-in-abduction-in-satna-dead-body-thro

सतना में अगवा किए गए मासूम की हत्या कर नाले में फेंका शव

अपहरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस की 12 टीमें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जाकर लोगों से पूछताछ कर रही थी। बच्चे का सुराग लगाने के लिए पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ भी की। अपहृत बच्चे की जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस ने जिले की सीमाओं को भी सील कर दिया था। नागौद थाना के रहिकवारा गांव में रहने वाले राजेश प्रजापति का 6 साल का बेटा मंगलवार दोपहर 3.30 बजे तक घर के पास खेल रहा था। इसके बाद वह अचानक वहां से लापता हो गया। शाम 6 बजे मासूम के चाचा के पास अपहरणकर्ता ने कॉल कर 2 लाख की फिरौती मांगी थी।  आगे पढ़ें

murdering-of-twins-in-chitrakoot-six-suspected-det

चित्रकूट से अपहत जुड़वां मासूमों की हत्या, छह संदिग्ध हिरासत में

बच्चों का हत्या की खबर के बाद चित्रकूट में तनाव का माहौल है। उग्र लोगों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ और उपद्रव किया। मृत बच्चों की उम्र छह साल थी। उनका घर उत्तरप्रदेश के चित्रकूट धाम (कर्वी) के रामघाट में था। बच्चों के पिता बृजेश रावत तेल व्यवसायी हैं। दोनों बच्चे चित्रकूट (मप्र) के सद्गुरु पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। वे 12 फरवरी को दोपहर करीब एक बजे स्कूल की छुट्टी के बाद बस से घर लौट रहे थे। स्कूल परिसर में ही बाइक से आए दो नकाबपोश युवकों ने पिस्तौल दिखाकर बस को रोका और बच्चों को अगवा कर लिया था। यह वारदात सीसीटीवी में भी कैद हुई थी। read more  आगे पढ़ें

government-should-pay-attention-to-law-and-order

कानून-व्यवस्था पर ध्यान दें सरकार.....

आश्चर्य इसलिए है हत्या के तत्काल बाद आरोपियों को सामने लाने वाली पुलिस बच्चों का कुछ भी पता नहीं निकाल पाई। और आश्चर्यजनक इसलिए नहीं है कि पुलिस वाले अपराधियों का पता लगाते, बच्चों को बरामद करने में तत्परता दिखाते या फिर अपने तबादले की चिंता करते। नई सरकार आने के बाद जिस तरह का रवैया सरकार तबादलों को लेकर दिखा रही है, उसमें काम करने वालों की मानसिकता पर फर्क पड़े बिना नहीं रह सकता है। खासकर मैदान में काम करने वाले पुलिस अफसरों के साथ तो यह और दिक्कत है। पहले तबादला और फिर तबादले के बाद संशोधन। जिस तरह का माहौल बन गया है, उससे प्रशासनिक अमले में भारी ऊहापोह है। पुलिस का मामला इसलिए अलग है क्योंकि उसका सीधा वास्ता जनता और कानून व्यवस्था से है। अब जिस तरह जिलों में प्रभारी मंत्रियों को जिले के भीतर तबादलों की छूट दी गई है, उससे आने वाले चार दिनों में भारी उठापठक होगी। इससे पुलिस का निचला हिस्सा भी भारी प्रभावित होगा, जिसे पुलिसिंग का आंख और कान माना जाता है।read more  आगे पढ़ें

jahan-jahan-panv-pade-santan-ke

जहां-जहां पांव पड़े संतन के...

वक्तृत्व कला केवल अध्यक्ष बनने भर से नहीं आ जाती। इसलिए गांधी का कोई कसूर नहीं है। लेकिन उनसे यह तो पूछा ही जा सकता है कि उनका सूचना तंत्र क्या कर रहा है? क्या उन्हें यह बताया गया है कि पार्टी का एक धड़ा उनके सॉफ्ट हिंदुत्व के खांचे का बेदर्दी से अतिक्रमण करने पर आमादा है? वह समूह बिहार में पार्टी के नेताओं की चित्रमय झांकी सजाकर उनकी जात बता रहा है और भोपाल में उन्हें शिवभक्त तो चित्रकूट में उनका परिचय रामभक्त के तौर पर दे रहा है? क्यों ऐसा नहीं हो पा रहा कि यह परिचय महज कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सशक्त एवं प्रभावी तरीके से दिया जा सके? यकीनन भाजपा पर तो हिन्दूत्व का ठप्पा लगा ही है, किंतु यहां तो बात धर्म के उस इस्तेमाल की हो रही है, जिसके लिए कांग्रेस आज तक भाजपा को पानी पी-पीकर कोसती आई है।read more  आगे पढ़ें

Previous 1 Next 

प्रमुख खबरें

राज्य

राजनीति