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फिर अपना मार्ग बदल सकता है चक्रवाती तूफान वायु, गुजरात के कच्छ तट पर दे सकता है दस्तक

चक्रवाती तूफान वायु के फिर से अपना मार्ग बदलने और 17-18 जून को गुजरात के कच्छ तट पर दस्तक देने की संभावना है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि चक्रवाती तूफान की प्रचंडता भी शनिवार सुबह तक कुछ कम हो जाएगी। चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने शाम साढ़े पांच बजे एक बुलेटिन में कहा, चक्रवात पश्चिम की ओर मुड़ रहा है, जिससे पोरबंदर, देवभूमि द्वारका जिले 50-60 किमी प्रति घंटे से लेकर 70 किमी प्रति घंटे और गिर सोमनाथ और जूनागढ़ जिले 30-40 किमी प्रति घंटे से लेकर 50 किमी प्रति घंटे की गति वाले हवा के झकोरों से प्रभावित होगा।  आगे पढ़ें

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चक्रवाती तूफान वायु आज दोपहर पहुंचेगा गुजरात, 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

पिछले 6 घंटों में तूफान की दिशा कुछ बदली है। मौसम विभाग का मानना है कि अब इसका बड़ा हिस्सा सौराष्ट्र के समुद्र से होकर गुजर जाएगा। हालांकि खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। यह तूफान दोपहर में गुजरात तट से टकराएगा। गुजरात और दीव सरकार ने बुधवार शाम तक चार लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का दावा किया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में गृह, रक्षा, दूरसंचार, मौसम विभाग, एनडीएमए, इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ और राष्ट्रीय आपदा बचाव बल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। गुजरात के मुख्य सचिव और दीव के प्रशासक के सलाहकार  आगे पढ़ें

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चक्रवाती तूफान वायु का महाराष्ट्र में दिखा असर, मुंबई में तेज हवाओं से गिरे पेड़

मुंबई में मौसम विभाग के उप महानिदेशक (डीडीजी) केएस होसलिकर का कहना है, 'काफी तेज चक्रवाती तूफान अभी मुंबई से 280 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम क्षेत्र तक पहुंच चुका है। महाराष्ट्र के उत्तरी तट पर इसकी वजह से 50-60 से लेकर 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक दिनभर हवाएं चलेंगी। 12 और 13 जून को महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में समुद्र के किनारे हालात बिगड़ सकते हैं। समुद्र के बीचों पर खास ध्यान देने की जरूरत है। मछुआरों को चेतावनी जारी की जा चुकी है। तेज हवाओं की वजह से पेड़ गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं।'  आगे पढ़ें

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चक्रवाती तूफान वायु तेजी से बढ़ा रहा आगे, गुजरात के तटीय इलाकों में हो सकती है भारी बारिश

मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन में कहा गया है कि चक्रवाती तूफान अभी गुजरात के पोरबंदर और महुवा के बीच वेरावल से 650 किलोमीटर दूर दक्षिण में बना है। इसके वेरावल और दीव के क्षेत्र के आसपास तट से टकराने की आशंका है। विभाग ने अगले 12 घंटे में इसके और मजबूत होने की आशंका भी जताई है। तटीय जिलों में बाढ़ का खतरा तूफान के प्रभाव से गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय जिलों में भारी वर्षा होगी। समुद्र की लहरें एक से डेढ़ मीटर ऊंची उठ सकती हैं। कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गिर-सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिले के निचले तटीय क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका है। गुजरात और दीव के तटवर्ती इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 39 टीमें तैनात की गई हैं।  आगे पढ़ें

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बंगाल की खाड़ी से उठ रहा चक्रवाती तूफान टकराएगा पोरबंदर से, अलर्ट जारी

मंगलवार को जारी अलर्ट में मौसम विभाग ने कहा है कि इस चक्रवात का सबसे ज्यादा असर गुजरात में नजर आएगा और यहां अगले दो दिन भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार वायु चक्रवात उत्तर की तरफ बढ़ेगा और वेरावल और दिउ इलाके में यह पोरबंदर और महुआ के पास तट से टकराएगा। 13 जून सुबह तट से टकरते वक्त भीषण हवाएं और तेजी बारिश होगी। उस वक्त हवा की रफ्तार 110-120 किमी प्रति घंटा रह सकती है जो बढ़कर 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ेंगी।  आगे पढ़ें

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देश के कई राज्यों में जारी रहेगा भीषण गर्मी का दौर, धूल भरी आंधी चलने की आशंका

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व निदेशक डॉ.डीपी दुबे ने बताया कि इसके पूर्व वर्ष-1995 में भीषण गर्मी पड़ी थी। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक नौगांव के बाद खजुराहो, रायसेन, दमोह में अधिकतम तापमान 47 डिग्रीसे. रिकार्ड हुआ। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एसके डे ने बताया कि वातावरण में नमी नहीं है, इससे शुष्क हवाएं तापमान में इजाफा कर रही हैं। फिलहाल कोई वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं रहने से अभी एक-दो दिन तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।  आगे पढ़ें

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फनी तूफान ने ओडिशा में तबाही मचाने के बाद पंहुचा पश्चिम बंगाल, ओडिशा में 10 लोगों की मौत

दिघा में भी कईं पेड़ गिर जाने की वजह से रास्ते जाम हो गए हैं। पश्चिम बंगाल में तूफान की आमद को देखते हुए हाई अलर्ट पहले ही जारी कर दिया गया है। लोगों को घरों में रहने के लिए कहा गया है वहीं कोलकाता एयरपोर्ट को भी फिलहाल बंद रखा गया है। पश्चिम बंगाल में तेजी बारिश और हवा के साथ यह तूफान तेजी से बांग्लादेश की तरफ आगे बढ़ रहा है साथ ही कमजोर भी होता जा रहा है। मौमस विभाग के अनुसार यह आज शाम तक बांग्लादेश पहुंच जाएगा।  आगे पढ़ें

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चक्रवाती तूफान फनी के तीव्र होने की आशंका, तटीय क्षेत्रों में ला सकता है भारी तबाही

आधिकारिक बयान के अनुसार, कैबिनेट सचिव पी. के. सिन्हा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को फिर से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक की, और प्रभावित राज्यों में तैयारियों की समीक्षा की। सिन्हा ने निर्देश दिया कि जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए और भोजन, पीने के पानी और दवाओं समेत सभी तरह की आवश्यक आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं।  आगे पढ़ें

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