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गृहमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को दिया निर्देश, कहा- अयोध्या फैसले को ध्यान में रखकर करें सुरक्षा के इंतजाम

गृह एवं जेल मंत्री बाला बच्चन ने आज मंत्रालय में गृह विभाग तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिये कि अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय के आने वाले फैसले को ध्यान में रखकर प्रदेश में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायें। बैठक में प्रमुख सचिव गृह एस.एन. मिश्रा एवं पुलिस महानिदेशक विजय कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  आगे पढ़ें

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जम्मू-कश्मीर में 370 हटाने के बाद नजरबंद नेताओं के होटल का बिल 2.65 करोड़ आया

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए को 5 अगस्त को हटा दिया था। इसके बाद, राज्य में कानून-व्यवस्था के बिगड़ने की आशंका व्यक्त की गई थी। इसको देखते हुए राज्य के कई पूर्व मंत्रियों एवं विधायकों समेत विभिन्न दलों के 31 नेताओं को हिरासत में लेकर होटल में रखा गया था, जिसका पिछले तीन महीने का बिल सरकार के पास पहुंचा है जो कि 2.65 करोड़ रुपये है। आधिकारिक सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया- नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के 31 नेताओं को भारतीय पर्यटन निगम के सेंटॉर होटल में पिछले तीन माह से रखा गया है। सरकार को जब इसका 2.5 करोड़ से ज्यादा का बिल मिला तो उसकी आलोचनाएं हुईं। अधिकारियों ने नेताओं को दूसरे स्थान पर भेजने की प्रक्रिया शुरू की।  आगे पढ़ें

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कानून व्यवस्था के विरोध में भाजपा आज करेगी घंटानाद आंदोलन, शिवराज रहेंगे विदिशा में

राकेश सिंह ने मंगलवार को आंदोलन की तैयारियों को लेकर बैठक की और बाद में कहा कि भाजपा का शांतिपूर्ण आंदोलन पूर्व घोषित है। इसके बाद भी आंदोलन को दबाने के लिए कांग्रेस सरकार ने धारा 144 लगा दी है। कई जिलों से इस तरह की खबरें आई हैं। इधर, भोपाल के मामले में कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने कहा कि यह धारा एक सप्ताह पहले से लगाई है। भोपाल में आंदोलन को लेकर सिंह ने पार्टी दफ्तर में मंगलवार को बैठक की। सभी पार्षदों से कहा कि वे यह विचार मन में न रखें कि दूसरा कार्यकर्ता तो भीड़ ला ही रहा है। सभी पार्षद कम से कम 50 लोग अपने साथ लाएं। भोपाल में 5000 से अधिक लोगों को लाने की लक्ष्य है।  आगे पढ़ें

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क्या ये आपातकाल की वापसी है....

भोपाल मध्य से पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह पर पुलिस ने 23 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह उस आवाज को उठाने की सजा है, जिसे जनता की आवाज कहते हैं। वही स्वर, जिसकी दुहाई देते हुए राहुल गांधी आज कश्मीर का नजारा करने पहुंच गए थे, बावजूद इसके कि वहां के प्रशासन ने उन्हें आने की अनुमति नहीं दी। वहां पुलिस का लाठीचार्ज हुआ, जो कानून व्यवस्था बनाने का एक हिस्सा है। कानून व्यवस्था के लिए वो यहां भी हो सकता था अगर किसी अशांति की आशंका हो। लेकिन यह तो नहीं हुआ, पुलिस ने कहा कि उसका रोजाना का काम प्रभावित हुआ है और उससे उसे जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई वो सुरेन्द्रनाथ सिंह से करने का इरादा रखती है। यानि नागरिक प्रदर्शन को मध्यप्रदेश में भारी-भरकम अपराध की शक्ल दे दी गयी है। इस सजा का गुनाह रोचक है। दलील दी गयी कि सिंह द्वारा किये गये जन आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने पर यह राशि खर्च हुई है।  आगे पढ़ें

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पीएम के प्रति नरम पड़ रहे केजरीवाल, योजनाओं को पूरा करने केन्द्र के साथ मिलकर काम करने को हुए तैयार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इस प्रॉजेक्ट के शुरू होने के बाद ट्वीट करके केंद्र सरकार को सहयोग के लिए शुक्रिया कहा। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि हम मिलकर यमुना नदी को जल्द साफ करने में जरूर कामयाब होंगे। इससे पहले केंद्रीय जल मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी ट्वीट कर केंद्र और दिल्ली सरकार की इस संयुक्त योजना के बारे में जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सितंबर 2015 में औपचारिक बैठक हुई थी। पिछले महीने 21 जून को कई साल बाद केजरीवाल और प्रधानमंत्री के बीच बैठक हुई और मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को मोहल्ला क्लिनिक और स्कूलों की विजिट का अनुरोध किया। उस समय भी केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि दिल्ली के विकास के लिए जरूरी है कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार मिलकर काम करें। उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया है।  आगे पढ़ें

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यह रबर के गुड्डे की फिक्र का समय

इस चुनाव में कई मुद्दों को इसी गुड्डे की तरह खींच-तानकर बेडौल स्वरूप प्रदान कर दिया गया। मसलन, प्रधानमंत्री की मां की उम्र के लिए की गई टिप्पणी को व्यापक रूप देकर गाली के रूप में प्रस्तुत किया जाना। ‘महाराज’ के संबोधन को बड़े तौर पर सामंतवाद का चोला पहना दिया गया। बहुत बड़ा नुकसान यह भी कि तीसरे कार्यकाल में शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के जिन किसानों के लिए खजाना लुटा दिया, कांग्रेस ने दस दिन के भीतर खेती का कर्ज माफ करने की बात कहकर उन्हें आलस और लालच की ओर धकेल दिया है। रबर भाजपा के उस चेहरे की भी खिंची, जिसमें वंशवाद नामक झुर्रियां अब साफ दिखने लगी हैं। बहुत घातक तरीके से यह खिंचाव उन वीडियो के जरिए भी हुआ, जिसमें साफ नजर आया कि अल्पसंख्यकों को किसी दल और संगठन विशेष से डराकर अपनी ओर खींचने की कोशिश की जा रही है। read more  आगे पढ़ें

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