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क्या हम अभिशप्त हैं?

बात केवल एक प्लेटिनम प्लाजा की नहीं है। गड्ढों के तौर पर शहर के चेहरे पर उगी चेचक हर ओर देखी जा सकती है। कोलार के इलाके में चले जाइए। किस जगह पानी के नीचे मौत आपका इंतजार कर रही है, कोई नहीं जानता। छोटे तालाब से लेकर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड तक की सड़क तो जैसे सामूहिक दुराचार की शिकार बना दी गयी है। वाहन चलाना तो दूर, उस पर पैदल चलना तक जन्म-मरण का प्रश्न बन गया है। स्मार्ट सिटी वाले निमार्णाधीन हिस्से के पास से गुजरते समय यही आशंका लगी रहती है कि वहां भी कहीं कोई गड्ढा बांहे पसारे इंतजार न कर रहा हो। यकीन न हो तो टी टी नगर स्टेडियम के दोनों छोर पर देख सकते हैं।read more  आगे पढ़ें

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भाजपा विधायक ने कांग्रेस पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- मुझे पैसों का दिया जा रहा लालच

भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी ने कहा कि, कांग्रेस के कुछ लोगों ने मुझसे संपर्क साधा और कहा कि वो मुझे जो चाहें दे देंगे। लेकिन मैंने साफ कर दिया कि मैं आदिवासी और गरीब जरूर हूं, लेकिन बिकाऊ नहीं हूं। मैं भाजपा के साथ ही रहूंगा। बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा में अपराध कानून(मध्य प्रदेश संशोधन) बिल 2019 पर विधानसभा में मत विभाजन की नौबत आ गई थी। वोटिंग के दौरान भाजपा के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल ने कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के समर्थन में वोट किया था। इसके बाद दोनों ही कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बाद से ही प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है।  आगे पढ़ें

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कर्नाटक सरकार गिरने के बाद नाथ के मंत्री ने कहा- यहां हॉर्स ट्रेडिंग के लिए भाजपा को सात जन्म लेने पड़ेंगे

कमलनाथ सरकार को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों तरफ से बयानबाजी हो रही है। जहां विपक्ष बार-बार मध्य प्रदेश में सरकार गिरने की बात कह रहा है। वहीं सत्ता पक्ष सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं होने की बात कह रहा है। इसे लेकर मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी का एक बयान आया है। कर्नाटक के संकट से जुड़े सवाल पर जीतू पटवारी ने कहा कि, ‘हमारी सरकार के सामने परेशानी खड़ी करने के लिए भाजपा ने सबकुछ किया, लेकिन ये कुमारस्वामी की नहीं, कमलनाथ की सरकार है। ऐसे में भाजपा को यहां हॉर्स ट्रेडिंग के लिए सात जन्म लेने पड़ेंगे।’  आगे पढ़ें

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विधानसभा में पेश हुआ गोवंश वध प्रतिषेध विधेयक, हिंसा करने वालों को मिलेगी सख्त सजा

गोरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने बुधवार को विधानसभा में महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया। सरकार ने मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक-2019 को मॉनसून सत्र में विधानसभा में पेश किया। सदन में विधेयक पारित होने के बाद इसे अनुमोदन के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेजा गया है। इस बिल के विधानसभा में पेश होने और पारित होने के साथ ही मध्य प्रदेश अब देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां ऐसी हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए कानून बनाया गया है  आगे पढ़ें

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विधानसभा में गूंजा मासूम की हत्या का मुद्दा, विपक्ष ने कमलनाथ सरकार से मांगा इस्तीफा

सत्ता पक्ष की ओर से सभी मंत्रियों ने विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए कहा कि, बीते 15 साल में मध्य प्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी। दुष्कर्म के मामलों में देश भर में प्रदेश अव्वल था। मध्य प्रदेश लगातार अपराध हो रहे थे, तब क्यों किसी ने चिंता नहीं ? अब श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। इस कारण सदन में हंगामा किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि प्रश्नकाल को चलने दें बजट के दौरान स्थगन प्रस्ताव सामान्यतया नहीं लिए जाते हैं।  आगे पढ़ें

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भाजपा का आरोप: श्रीलंका में सीता मंदिर निर्माण से पहले तथ्यों की जांच कराकर सरकार कर रही हिन्दुओं का अपमान

श्रीलंका में प्रस्तावित सीता मंदिर के निर्माण से पहले उसके तथ्यों की जांच कराकर कमलनाथ सरकार हिंदुओं का अपमान कर रही है। ये आरोप भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान ने लगाए। मंगलवार को भोपाल में मीडिया से बातचीत में चौहान ने कहा कि सारा देश और दुनिया जानती है कि सीताजी को श्रीलंका की अशोक वाटिका में रखा गया था। यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मामला है, लेकिन प्रदेश सरकार इस तथ्य की जांच की बात कह रही है कि सीताजी लंका गई भी थीं या नहीं।  आगे पढ़ें

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शिक्षकों के समान बाबुओं को ग्रेड-पे देने के मामले में अफसरों ने बढ़ाई नाथ सरकार की उलझनें

कांग्रेस के वचन पत्र में 47(20) में कहा गया है कि 'लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को शिक्षकों के समान ग्रेड-पे और वेतन देंगे। सत्ता में आने के बाद कमलनाथ सरकार ने चुनावी घोषणाओं को पूरा करने के लिए सभी विभागों को वचन पत्र की कॉपी भेजी थी। विधानसभा में मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने जवाब दिया सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित इस वचन से जुड़ा सवाल विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने पूछा था कि लिपिकों का ग्रेड-पे बढ़ाने का आदेश कब तक जारी किया जाएगा। विभागीय मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने जवाब दिया कि सहायक ग्रेड-3 का ग्रेड-पे 1900 की जगह 2400 करने का प्रस्ताव वित्त विभाग अमान्य कर चुका है। इसलिए आदेश जारी करने का सवाल नहीं है।  आगे पढ़ें

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केन्द्रीय मंत्री ने कहा- आदिवासियों और किसान विरोधी है कमलनाथ सरकार

इस दौरान सिवनी तहसील में वर्ष 2018 में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों ने फसल बीमा की राशि दिलाए जाने व शिकारा से रामटेक तक नई रेलवे लाइन बिछाने स्थानीय लोगों ने केन्द्रीय राज्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा। कुलस्ते ने क्षेत्र की दोनों मांगों पर जल्द ही कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को दिए गए ऋण माफी प्रमाण पत्रों को फर्जी बताते हुए कहा कि किसान परेशान हैं। किसानों को सहायता मिलनी चाहिए। यदि किसानों को सहायता राशि नहीं दी गई तो प्रदेश में भाजपा आंदोलन करेगी।  आगे पढ़ें

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सच चोर-चोर के शोर का

गजब ही चल रहा है। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि वक्त है बदलाव से नाथ सरकार का आशय शासन व्यवस्था के अहम अंग पुलिस एवं खूफिया तंत्र को बहुत पीछे धकेल देने से रहा होगा। महीने भर से ज्यादा हो गया, जब कानून मंत्री पीसी शर्मा एक आडियो क्लिप लेकर अवतरित हुए। दावा किया कि इसमें कोई भाजपाई किसी बिजलीकर्मी को ज्यादा से ज्यादा बिजली कटौती करने के लिए कह रहा है। लेकिन आज तक पता नहीं चल पाया कि वह कौन था। यकीनन वह भी कल वाले आचार्यजी की तरह ही छलिया निकला। न वो मिला और न अब तक पुलिस आचार्यजी की गिरेहबान तक पहुंच सकी है। तो फिर यही उपाय शेष बचता है कि मुनादी करके उसकी तलाश की जाए। हो सकता है कि राज्य की जनता ही हाकीमों से बेहतर निकले।  आगे पढ़ें

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प्रदेश में लागू हुआ सवर्ण आरक्षण, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिलेगा दस फीसदी कोटा

कमलनाथ सरकार ने प्रदेश में सवर्ण आरक्षण (अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को छोड़कर) मंगलवार से लागू कर दिया। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में दस प्रतिशत कोटा मिलेगा। जिन शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई है, वहां यह अगले सत्र से प्रभावी होगा। कोटा का लाभ लेने के लिए आय और संपत्ति का प्रमाण पत्र तहसीलदार से निचले स्तर के अधिकारी से बनवाना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने आरक्षण लागू किए जाने के निर्देश जारी करते हुए बताया कि अब राज्य लोक सेवा आयोग व अन्य एजेंसी के माध्यम से जो भी सीधी भर्ती होगी, उसमें यह आरक्षण लागू होगा। अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं को छोड़कर सभी शिक्षण संस्थाओं में दस फीसदी स्थान आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे।  आगे पढ़ें

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