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कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के बेहिसाब खर्च का खुलासा, अमेरिका के एक क्लब में एक रात में खर्च किए 7.8 करोड

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के बेहिसाब खर्च का खुलासा हुआ है। ईडी ने 8 हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रतुल को अगस्त में गिरफ्तार किया था। वह वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाले में भी आरोपी है। ईडी के मुताबिक, रतुल दुबई के हवाला आॅपरेटर राकेश सक्सेना के क्रेडिट कार्ड पर आलीशान जिंदगी जी रहा था। वह प्राइवेट जेट में सफर करता था और नाइट क्लब में उसका रोज का आना-जाना था। अमेरिका के एक क्लब में उसने एक बार में 7.8 करोड़ रुपए (11,43,980 डॉलर) खर्च कर दिए थे।  आगे पढ़ें

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आलोक खरे पर कार्रवाई की उम्मीद नहीं, भोपाल उड़न दस्ते में हो सकती है पोस्टिंग, भ्रष्टाचार को लेकर कमलनाथ सरकार का ढीला रवैया

लगता है कमलनाथ सरकार में भ्रष्टाचार कोई बहुत बड़ा विषय नहीं है। लिहाजा, इंदौर में लोकायुक्त छापे की जद में आए सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे पर अब तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त छापे से सामने आई दौलत के बाद भी विभाग ने अब तक निलम्बन जैसी साधारण कार्रवाई तो दूर इंदौर से आलोक खरे की पदस्थापना में भी परिवर्तन नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्दी ही आलोक खरे को उड़न दस्ता भोपाल में पदस्थ कर सकती है। विभाग के एक पूर्व कमिश्नर और रिटायर्ड आईएएस अफसर इस मामले में रूचि ले रहे हैं। इसके अलावा मुख्य सचिव से लेकर विभाग के प्रमुख सचिव और कमिश्नर तक इस मामले में किसी बड़ी कार्रवाई के लिए तैयार नहीं है। हाल ही में आईएएस विवेक अग्रवाल के खिलाफ ईओडब्ल्यू में दर्ज शिकायत के बाद आईएएस एसोसिएशन के रवैये से भी यह साफ है कि भ्रष्टाचार के मामलों में इस सरकार के आला अफसरों का रवैया क्या है।read more  आगे पढ़ें

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मैग्नीफिसेंट मप्र: सीए की घोषणा से छोटे उद्योगों को मिलेगी राहत, ढाई हजार छोटी यूनिट हो सकेंगी शुरू

मैग्नीफिसेंट मप्र में मुख्यमंत्री कमलनाथ की उद्योगों के लिए तीन साल तक मंजूरी की अनिवार्यता खत्म करने की घोषणा से ऐसे छोटे और मझले उद्योगों को राहत मिलेगी, जो अब तक अनुमति के इंतजार में अटके पड़े थे। इससे दो से ढाई हजार छोटी यूनिट शुरू हो सकेंगी। हर उद्योग से 50 से 250 लोगों को रोजगार भी मिलेगा। सारी अनुमतियां सिंगल विंडो से मिलेंगी। मु  आगे पढ़ें

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सीएम कमलनाथ की अहम घोषणा, कहा- उद्योगपति जमीन लेते ही शुरू करें प्रोजेक्ट, मंजूरी के लिए नहीं रुकना पड़ेगा

निवेश को बढ़ावा देने के लिए इंदौर में शुक्रवार को हुई मैग्नीफिसेंट एमपी में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अहम घोषणा की। उन्होंने कहा- कोई भी निवेशक या उद्योगपति प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं तो जमीन लेते ही तुरंत कर दें। उन्हें मंजूरी के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। उनकी स्वघोषणा ही मान्य होगी। वह अपने प्रोजेक्ट में मास्टर प्लान, बिल्डिंग परमिशन नियम का पालन करते हुए काम करें और 3 साल में मंजूरियां ले लें। इसके बाद सरकार देखेगी कि उन्होंने प्रोजेक्ट में नियमों का पालन किया या नहीं। ऐसा नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई करेंगे। मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि समिट इंदौर, भोपाल व अन्य शहरों में करने पर भी काम करेंगे, लेकिन पहले हमारा ध्यान सेक्टर वाइज मीटिंग करने पर है, ताकि उद्योगों की समस्याएं दूर की जा सकें।  आगे पढ़ें

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भागर्व ने कहा- कमलनाथ सरकार हर मोर्चे पर फेल, झाबुआ जीते तो शिवराज फिर बन सकते हैं सीएम

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा- मप्र सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है। अगर वे जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते हैं तो जनता खुद अपना फैसला सुना देगी। झाबुआ सीट जीतते हैं तो फिर से शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बन सकते हैं। भार्गव ने मंगलवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार हर मोर्चे पर फेल है।  आगे पढ़ें

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मैग्नीफिसेंट एमपी समिट: सीएम कमलनाथ 17 अक्टूबर को करेंगे 850 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण

मैग्नीफिसेंट एमपी समिट 18 अक्टूबर को है, इससे एक दिन पहले यानी 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ करीब 850 करोड़ रु. के पांच प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे। इसमें धार जिले में बनने जा रही प्रदेश की पहली एकीकृत इंडस्ट्रियल टाउनशिप (स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क) का लोकार्पण भी शामिल है।  आगे पढ़ें

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सींगों से घिरे कमलनाथ

दिग्विजय ने गायों की फिक्र और इमरती के महिलाओं के गलत व्यवहार का जिक्र किया। दोनों ही कथन राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा के नजदीक नजर आते हैं। भाजपा तो गौ-माता के नाम पर जुबानी जमा खर्च करती रही, लेकिन प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने ट्विटर पर अंगुलियों की वो करामात दिखायी कि बेचारे वर्तमान मुख्यमंत्री को डिफेंसिव मोड में उतरना पड़ा। दिग्विजय ने जो कहा, वह गौ-मूत्र की तरह पवित्र और उसके गोबर की भांति ही लीप-पोतकर इस्तेमाल करने के लायक है। नाथ यदि वाकई गौवंश की हिफाजत का पुख्ता बंदोबस्त कर गुजरें तो शायद प्रदेश में भाजपा का एक बड़ा समर्थक वर्ग आसानी से उनके पीछे आकर खड़ा हो सकता है। यह उनके लिए बहुत आसान भी है। क्योंकि यह उस राज्य का मामला है, जहां भाजपा के हिंदुत्व के कटु विरोधी भी गाय को आहार के रूप में ग्रहण करने जैसी बात कम से कम सार्वजनिक तौर पर तो नहीं ही कहते हैं।  आगे पढ़ें

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मैग्निफिसेंट एमपी की तैयारियों को सरकार ने दिया अंतिम रूप, प्रदेश में होने वाले निवेश का सीएम खुद करेंगे ऐलान

इंदौर में होने वाले मैग्निफिसेंट एमपी की तैयारियों को सरकार ने लगभग अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ खुद प्रदेश में होने वाले निवेश का एलान कार्यक्रम के बाद 18 अक्टूबर को शाम साढ़े पांच बजे करेंगे। बताया जा रहा है कि 90 हजार से एक लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रदेश में आने वाले समय में होगा। यह निवेश वो है, जिस पर विभिन्न विभागों में काम चल रहा है। 17 अक्टूबर को मैग्निफिसेंट एमपी को लेकर प्रदर्शनी लगेगी। इसमें स्टॉल लगाने लेकर कई कंपनियां आगे आई हैं, लेकिन जगह की कमी को देखते हुए सिर्फ 70 कपंनियों के स्टॉल ही लगेंगे। इसमें प्रदेश का भी स्टॉल लगाकर यहां की विशेषताएं बताई जाएंगी।  आगे पढ़ें

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मेग्निफिशिएंट मध्यप्रदेश के लिए सोम डिस्टलरी बड़ा उदाहरण, सजा के बाद भी लायसेंस निरस्त करने के लिए कदम नहीं उठा रही सरकार

उद्योगों के लिए शानदार (मेग्नीफिशियेन्ट) मध्यप्रदेश बनाने का दावा कर रही कमलनाथ सरकार अन्य उद्योगपतियों को क्या सुविधाएं देगी, यह 18 अक्टूबर के बात पता चलेगा। लेकिन सोम डिस्टलरी के उदाहरण को देख कर उद्योगपति कमलनाथ सरकार पर भरोसा कर सकते हैं कि नियम-कानूनों से परे जाकर भी उद्योग यहां तरक्की कर सकते हैं। लगता कुछ ऐसा ही है। हाल ही में शराब तस्करी के मामले में सजायाफ्ता हुए सोम डिस्टलरी और उसके मालिक जगदीश अरोरा पर अब तक सरकार ने इस आसवनी का लायसेंस रद्द करने की कोई पहल नहीं की है। ये तो खेर एक एक ताजा मामला है, सोम को प्रदेश की सभी सरकारों ने नियमों से परे जाकर कई बार बचाया भी है और नवाजा भी है। 1990 के बाद से इसके ढेरों उदाहरण भरे पड़े हैं।read more  आगे पढ़ें

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गोमाता पर गरमाई सियासत: दिग्गी ने दी सलाह तो कमलनाथ ने कहा हमें चिंता है, मंत्री ने भी किया पलटवार

दिग्विजय ने सड़क दुर्घटना में गायों की मौत को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ को सलाह दी थी कि भोपाल-इंदौर हाईवे पर लगभग हर दिन एक्सीडेंट में गोमाता मर जाती है। सरकार को तत्काल गायों को सड़कों से हटाकर गोशालाओं में भेजना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दिग्विजय की इस सलाह पर ट्वीट कर कहा कि मुझे चिंता है। गायों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं और एक हजार गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिग्विजय सिंह की सलाह पर मैंने जो ट्वीट किया है वह सरकार के काम व नीति है। इसका कोई अन्य मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।  आगे पढ़ें

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