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जनसंख्या के आधार पर बजट आवंटन करने की तैयारी में कमलनाथ सरकार, विधानसभा में पेश हेगा एक्ट

आदिवासी उपयोजना की राशि अनिवार्यत: खर्च करने और जनसंख्या के आधार पर बजट का आवंटन करने संबंधी एक्ट विधानसभा में लाया जाएगा। कमल नाथ ने यह जानकारी मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दी। बैठक में मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति साहूकार विनियम 1972 में संशोधन पर परिषद के सदस्यों ने सर्व-सम्मति से अपनी स्वीकृति प्रदान की। बैठक में आदिम जाति कल्याण मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, गृह मंत्री बाला बच्चन एवं परिषद के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में परिषद सदस्यों ने आदिवासी बहुल विकासखण्डों की आँगनवाड़ियों के बच्चों को अण्डा देने के लिये राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत और समर्थन किया।  आगे पढ़ें

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विरोध के बावजूद खरगोन के आदिवासी क्षेत्रों में प्रशासन ने आंगनवाड़ियों में अंडा देना किया शुरू

आंगनबाड़ियों में अंडा देने के प्रस्ताव पर सरकार और विपक्ष के बीच बवाल मचा हुआ है। दूसरी ओर खरगोन के आदिवासी क्षेत्रों में प्रशासन ने पालकों की सहमति लेकर अंडा देना शुरू कर दिया है। झिरन्या, भीकनगांव, भगवानपुरा व सेगांव इलाके में पिछले एक सप्ताह से अंडा दिया जा रहा है, जबकि जिला मुख्यालय, बड़वाह, सनावद, महेश्वर, कसरावद में विरोध व दबाव के चलते इसकी शुरूआत नहीं हो पाई है। प्रशासन के मुताबिक महिला बाल विकास विभाग से इसका आदेश जारी हुआ है, जबकि उच्च स्तर पर विभागीय अधिकारी आदेश न जारी होने की बात कह रहे हैं।  आगे पढ़ें

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आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध, कलेक्टर भी नहीं दे सकते अनुमति: कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति देने संबंधी जो भ्रम और अफवाह फैलायी जा रही है, वह सरासर गलत है। राज्य शासन ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। प्रदेश में आज भी आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध है। आदिवासियों के सभी हितों का संरक्षण करने के लिए सरकार कटिबद्ध है।  आगे पढ़ें

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पीएम मोदी ने मन की बात में केरल के जिस आदिवासी दंपत्ति की प्रशंसा की, उसे समाज ने किया बहिष्कृत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में केरल के जिस आदिवासी बुजुर्ग दंपती की प्रशंसा की थी, उसे उसके समुदाय ने समाज से बहिष्कृत कर दिया है। इस दंपती पर आरोप था कि इसने एक ऐसी पुस्तक लिखने में मदद की जिससे उस समुदाय की छवि को धूमिल हुई। इस महीने की शुरूआत में गांव की बैठक ओरुकोट्टम ने पीवी चिन्नाथम्पी (77) और मणियम्मा (62) को एडमालकुट्टी गांव से बाहर जाने का आदेश सुनाया था। विवाद लेखक पीके मुरलीधरन की किताब एडमालकुड्डी: ओरुम, पोरुलुम को लेकर हुआ, जो उन्होंने 2014 में लिखी थी। चिन्नाथम्पी ने इस किताब को लिखने में मुरलीधरन की मदद की थी।  आगे पढ़ें

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संघर्ष, कुबार्नी और त्याग के प्रतीक थे आदिवासी नायक बिरसा मुंडा: कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा ने कम उम्र में ही अपने समाज के उत्थान और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष की राह को चुना था। उन्होने गुलामी के दौर में अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों पर अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई। देश को आजाद कराने के लिये अंग्रेजों के खिलाफ हुए आंदोलन में बिरसा मुण्डा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।  आगे पढ़ें

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आदिवासी किसानों की आजीविका को ठीक करने रखे 100 करोड़ से खरीदा बायो फर्टिलाइजर, जो उन तक नहीं पहुंचा

आदिवासी किसानों की आजीविका को ठीक करने और उनके पोषण व स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए रखे गए 100 करोड़ रुपए से ऐसे काम हुए व बायो फर्टिलाइजर खरीदा गया जो उन तक पहुंचा ही नहीं। यह मामला वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 का है। अब जब केंद्र सरकार ने इस राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र मांगा तो आनन-फानन में जांच दल गठित किया गया, जिसमें सात विधायकों के साथ आयुक्त अनुसूचित जनजाति कल्याण और संचालक कृषि को रखा गया है।  आगे पढ़ें

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आदिवासी दिवस पर सरकार की घोषणा, अब इन स्कूलों में पढ़ाई जाएगी आदिवासी बोली

राज्य शिक्षा केंद्र, माध्यमिक शिक्षा मंडल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय आदि संस्थानों को शामिल किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि आदिवासी बोली/भाषा आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों की पहली कक्षा में 80 फीसदी, दूसरी कक्षा में 50 प्रतिशत, तीसरी कक्षा में 20 फीसदी और छठवीं से आठवीं तक सहायक वाचक के रूप में रहेगी। सहायक वाचक में आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और बोलियों के बारे में अध्ययन कराया जाएगा। आदिवासी भाषाएं गोंडी, भील, कोरकू, सहरिया व बैगानी पर सरकार काम कर रही है।  आगे पढ़ें

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सीएम आदिवासियों को दी सौगात, साहूकारों से लिया कर्ज होगा माफ, डेविड कार्ड देने का किया वादा

सीएम ने कहा कि अब जो भी व्यक्ति कर्ज देना चाहता है उसे साहूकारी का लाइसेंस लेना होगा। आदिवासियों को अगर बगैर लाइसेंसधारी साहूकार ने कर्ज दिया तो वह गैर कानूनी होगा। कमलनाथ ने कहा कि नए नियम का लाभ उन आदिवासी परिवारों को मिलेगा, जो अनुसूचित क्षेत्र में रहते हैं। साथ ही जेवरात और जमीन को वापस दिलाने के प्रयास भी सरकार करेगी। आदिवासी परिवार में जन्म लेने पर 50 क्विंटल अनाज मिलेगा और मृत्यु पर 100 किलोग्राम अनाज दिया जाएगा। भोजन के लिए बर्तन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।  आगे पढ़ें

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देश के खिलाफ एक और साजिश की तैयारी....

अब अतीत की ओर देखें। भारतीय संविधान में किसी भी जगह आदिवासी या हरिजन शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। इनकी जगह क्रमश: अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति का इस्तेमाल किया गया है। इस पर देश का रुख संयुक्त राष्ट्र के सामने भी साफ कर दिया गया था। इस वैश्विक संस्था ने सन 1989 में राइट्स आफ इंडिजिनस पीपल (मूल निवासियों के अधिकार) कन्वेंशन की घोषणा की थी। संस्था में तब 182 देश थे, जिनमें से मात्र 22 ने इसे स्वीकार किया। भारत ने इसे इस आधार पर स्वीकार नहीं किया था कि यहां सभी मूल निवासी हैं। उसने संयुक्त राष्ट्र में साफ कहा कि उसके लिए देश का हरेक नागरिक मूल नागरिक ही है।  आगे पढ़ें

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भाजपा विधायक का बड़ा बयान, कहा- कांग्रेस में ऐसा कोई नहीं, जो मुझे प्रलोभन दे सके

कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर पाठक बोले कि जनादेश कांग्रेस के पक्ष में नहीं था, कांग्रेस ने दो लाख रुपए की कर्जमाफी समेत कई वादे किए थे, लेकिन उनका कुछ नहीं हुआ, बावजूद इसके भाजपा ने उसे एक अवसर दिया। जनता ने उसे 114 सीट दी, अब कांग्रेस पार्टी क्या कर रही है, ये सब जानते हैं। बेरोजगारों को भत्ता नहीं दिया, किसानों का कर्जमाफ नहीं हुआ। मतदाता ऐसे में खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।  आगे पढ़ें

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