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आईएनएक्स मीडिया केस: ईडी को मिली चिदंबरम की गिरफ्तारी की इजाजत, तिहाड़ में करेगी पूछताछ

दिल्ली की विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से पूछताछ और गिरफ्तारी की इजाजत दे दी। कोर्ट ने ईडी को चिदंबरम से 30 मिनट तक पूछताछ का विकल्प भी दिया है। ईडी ने आईएनएक्स मीडिया केस में मनी लॉन्ड्रिंग पर पूछताछ के लिए चिदंबरम को हिरासत में लेने की अनुमति मांगी थी।  आगे पढ़ें

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चिदंबरम ने कहा- मैं इन्द्राणी मुखर्जी से कभी नहीं मिला, जमानत याचिका पर कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

चिदंबरम की जमानत याचिका का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जमानत मिलने पर वह देश छोड़कर भाग सकते हैं। बचाव पक्ष की तरफ से चिदंबरम को सम्मानित नागरिक बताए जाने पर सीबीआई के वकील ने कहा- हमारा अनुभव बताता है कि पूर्व में जो देश छोड़कर भागे, वे सब भी सम्मानित और जिम्मेदार उद्योगपति थे। चिदंबरम ताकतवर और प्रभावशाली हैं। वह किसी भी दूसरे देश में सेटल होने के लिए आर्थिक रूप से मजबूत हैं।  आगे पढ़ें

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तिहाड़ में गुजरी चिदंबरम की रात, सारी रात सीमेंट की फर्श पर सोए, दूसरे कैदियों की तरह दी गई थी दरी और चादर

सोने से पहले रात के खाने में उन्होंने दाल, रोटी और सब्जी खाई। जेल में उनकी दिनचर्या सुबह छह बजे शुरू हुई। सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक उन्हें उन तमाम प्रक्रियाओं का सामना करना होगा जो अन्य कैदी करते हैं। सुबह छह बजे सोकर उठने के बाद सात बजे वह अपने सेल के बाहर निकलकर कैदियों की गिनती में शामिल हुए। तिहाड़ जेल के अतिरिक्त महानिरीक्षक राजकुमार ने बताया कि जेल की सेल में चौकी या चबूतरे की सुविधा नहीं दी सकती।  आगे पढ़ें

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आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम को कोर्ट ने 14 दिन के लिए भेजा तिहाड़ जेल

राउस एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने सरेंडर करने के लिए तैयार हैं। वे ईडी के सामने सरेंडर करेंगे और ईडी उन्हें हिरासत में ले लेगा। चिदंबरम ने भी कहा कि मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला। जब मैं ईडी के सामने सरेंडर को तैयार हूं तो मुझे जेल क्यों जाना चाहिए? इस पर सीबीआई की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी हमारी दलील मानी है कि चिदंबरम सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।  आगे पढ़ें

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आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार चिदंबरम को जमानत या जेल, आज होगा फैसला

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (एसजी) ने कहा कि कानून की नजर में हर नागरिक एक समान है। उन्होंने दलील दी कि एजेंसी को इस पर नोटिस दिया जाना चाहिए जो कानूनन जरूरी भी है। स्पेशल सीबीआई जज अजय कुमार कुहार को जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में सूचित किया गया तो उन्होंने पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर सोमवार को ही फैसला लिए जाने का कोई निर्देश दिया है। चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर यह साधारण केस होता तो सॉलिसिटर जनरल खुद यहां न होते।  आगे पढ़ें

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2 सितंबर तक सीबीआई की कस्टडी में रहेंगे पूर्व वित्तमंत्री, उधर ईडी ने भी कोर्ट में पेश किए दस्तावेज

आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई की विशेष अदालत ने 2 सितंबर तक जांच एजेंसी की कस्टडी में भेज दिया। विशेष जज अजय कुमार कुहार के सामने चिदंबरम को पेश किया गया था। जस्टिस अजय कुमार ने 26 अगस्त को चिदंबरम को 4 दिन की कस्टडी में भेजा था। उधर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में पेश किए। 20 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद सीबीआई ने चिदंबरम को 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था। वह 8 दिन से कस्टडी में हैं।  आगे पढ़ें

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चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक एक दिन और बढ़ी, ईडी ने कहा- गिरफ्तारी से बचने की कर रहे कोशिश

सुप्रीम कोर्ट 20 अगस्त को दाखिल की गई चिदंबरम की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच के सामने तुषार मेहता ने कहा- चिदंबरम विक्टिम कार्ड इसलिए खेल रहे हैं ताकि इस केस में ईडी की गिरफ्तारी से बचा जा सके। हमने इस मामले में मजबूत चीजें इकट्ठा की हैं। हमारे पास दस्तावेज हैं, जो यह दशार्ते हैं कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर मामला है।  आगे पढ़ें

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आईएनएक्स मीडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई, ईडी चिदंबरम की दलीलों पर रखेगी अपना पक्ष

सिब्बल ने कहा था कि पिछले 3 दिनों में चिंदबरम से जो पूछताछ की गई है, सुप्रीम कोर्ट उसकी कॉपी हमें उपलब्ध कराने का निर्देश दे। सिब्बल ने जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच से कहा- ईडी पूछताछ की जो कॉपी उपलब्ध कराएगी, उससे यह पता चल जाएगा कि पूछताछ के दौरान चिंदबरम ने सवालों के जवाब गोलमोल दिए, या नहीं। जैसा कि ईडी ने आरोप लगाया था। ईडी चिदंबरम की कस्टडी के लिए यूं ही या चुपचाप कोर्ट में दस्तावेज नहीं रख सकती है। ईडी अचानक अदालत में दस्तावेज पेश कर रही है और इन्हें केस डायरी का हिस्सा बता रही है।  आगे पढ़ें

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आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, 4 दिन बढ़ी रिमांड

चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान मंत्रालय में ही थीं सिंधुश्री: सिंधुश्री की रिकॉर्ड शीट के मुताबिक, वे 11 अप्रैल 2007 से लेकर 11 सितंबर 2008 तक वित्त मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव थीं। इस दौरान चिदंबरम सरकार में वित्त मंत्री थे। अधिकारियों ने बताया कि इसी दौरान मंत्रालय में आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े निर्णय लिए गए थे। इसके बाद सिंधुश्री को विभाग में ही विशेष सचिव बना दिया गया था और वे नवंबर 2008 तक इस पद पर रहीं। जनवरी 2015 में प्लानिंग कमीशन खत्म कर के नीति आयोग बनाया गया और सिंधुश्री इसकी पहली सीईओ नियुक्त की गईं।  आगे पढ़ें

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आईएनएक्स मीडिया मामले में चिदंबरम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई

आईएनएक्स मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और सीबीआई ने भ्रष्टाचार का केस दायर किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 23 अगस्त को सुनवाई करते हुए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) मामले में 26 अगस्त तक चिदंबरम को गिरफ्तार न करने के लिए कहा था। सीबीआई मामले में चिदंबरम को कोई राहत नहीं दी थी। चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा था, इंसाफ पाना चिदंबरम का मूल अधिकार है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन जिस तरह से मामले को डील किया जा रहा है, वह बेचैन करने वाला है। हाईकोर्ट में जिरह खत्म होने के बाद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस गौर को नोटिस दे दिया। हमें जवाब देने का भी मौका नहीं दिया गया।  आगे पढ़ें

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